आसाराम की एक झलक पाने के लिए जुटी भीड़, पुलिस ने किया लाठीचार्ज

जोधपुर, डेस्क रिपोर्ट। दुष्कर्म मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे आसाराम (Asaram) के कई भक्तों में अभी भी उनके प्रति श्रद्धा कम नहीं हुई है। इसी का उदाहरण शनिवार को उस वक़्त देखने को मिला जब जोधपुर (Jodhpur) जेल में बंद आसाराम की तबियत खराब होने पर पुलिस उन्हें लेकर एम्स (AIIMS) के लिए रवाना हुई, लेकिन पुलिस जब तक अस्पताल एम्स पहुँचती उससे पहले ही जेल से लेकर एम्स तक के रास्ते में भक्त उनकी एक झलक पाने के लिए जुट गए।

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पुलिस जैसे ही जोधपुर जेल से आसाराम को लेकर निकली, भीड़ ने जाम लगाना शुरू कर दिया। इसके बाद पुलिस ने इन लोगों पर जमकर लाठीचार्ज कर दिया। भीड़ को तितर बितर करते हुए जेल पुलिस एम्स पहुँची लेकिन एम्स के सामने भी लोगों का खासा हुजूम लग गया। यहाँ भी पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। गुरुपूर्णिमा के मौके पर अपने गुरु की एक झलक पाने जेल और एम्स पहुंचे भक्तों को भले ही आसाराम के दर्शन नहीं हुए, लेकिन पुलिस की लाठी का प्रसाद जरूर मिल गया।

जोधपुर जेल के बाहर और एम्स के सामने पुलिस और लोगों की धक्का मुक्की और लाठीचार्ज में भगदड़ भी मची। इस दौरान मौके पर मौजूद कई महिलायें और बच्चे गिर पड़े और उन्हे चोटें भी आई। हालात यह थे कि पुलिस का वाहन आसाराम को लेकर जब निकला तो समर्थक उसकी एक झलक देखने के लिए बेकाबू हो गए। माहौल न बिगड़े इसलिए एम्स के बाहर भी भारी संख्या मे पुलिस बल तैनात कर दिया गया। मौके पर पुलिस आसाराम समर्थकों को खदेड़ रही थी, लेकिन वे कुछ देर में फिर वापस आकर खड़े हो जाते थे। बताया जाता है कि इनमें से कुछ तो चुपके से अंदर जाने में भी कामयाब रहे।

आसाराम को जोधपुर जेल से कड़ी सुरक्षा के बीच एम्स लाया गया। यहां उसकी MRI की गई। इसके अलावा कुछ और जांच होनी हैं। आसाराम ने इलाज के लिए गुरु पूर्णिमा का दिन चुना। उसे दो दिन पहले एम्स लाया जाना था, लेकिन बहाने बनाकर वह नहीं आया। शनिवार को वह खुद आने को तैयार हो गया। इसकी खबर उसके समर्थकों को मिल चुकी थी। गुरु पूर्णिमा पर उसके दर्शन के लिए वे सुबह से ही एम्स के बाहर जुट गए थे। बता दें कि आसाराम वर्ष 2013 से जोधपुर जेल में बंद है। अपने गुरुकुल में पढ़ने वाली एक नाबालिग छात्रा का यौन उत्पीड़न करने के मामले में आसाराम को 2013 में जोधपुर पुलिस इंदौर से गिरफ्तार कर लाई थी। तब से वो यहां जेल में बंद है। 2018 में उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। आसाराम अब तक 15 बार जमानत हासिल करने के लिए सुप्रीम कोर्ट तक याचिका दायर कर चुका है, लेकिन किसी कोर्ट से जमानत नहीं मिली।