PM kisan 15th installment : करोड़ों किसानों को जल्द मिलेगी सौगात, इस दिन खाते में आएंगे 2000-2000! eKYC अनिवार्य, इन्हें नहीं मिलेगा लाभ, जानें कारण?

Pooja Khodani
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PM Kisan Samman Nidhi Yojana 15 Installment : प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना केंद्र सरकार की बड़ी योजनाओं में से एक है, जिसके तहत पात्र किसानों को हर साल 6 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह पैसा हर 4 महीनों में 2000-2000 रुपये के तौर पर 3 बराबर किस्तों में लाभार्थियों के खाते में डीबीटी के माध्यम से भेजा जाता है। 14वीं किस्त के बाद अब 15वीं किस्त जारी की जानी है, संभावना है कि दिवाली से पहले किसानों के खाते में अगली किस्त जारी की सकती है, हालांकि, फाइनल डेट को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

इस दिन आएंगे 15वीं किस्त के 2000-2000?

योजना के नियमानुसार, पहली किस्त अप्रैल-जुलाई के बीच , दूसरी अगस्त से नवंबर के बीच और तीसरी किस्त दिसंबर से मार्च के बीच दी जाती है, ऐसे में संभावना है कि नंवबर के पहले सप्ताह में अगली किस्त के 2000 रुपए किसानों के खाते में भेजे जा सकते है। हालांकि किस्त की फाइनल डेट की अधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। माना जा रहा है कि अगली किस्त के दौरान लाभार्थियों की संख्या में भारी कमी आ सकती है।  यदि आप भी सूची में अपना नाम चेक करना चाहते हैं तो pmkisan.gov.in पर जाकर देख सकते हैं कि कहीं आपका नाम सूची से बाहर तो नहीं कर दिया गया, वही किस्त और ईकेवायसी संबंधित अपडेट भी चेक कर सकते है।

इन दस्तावेजों के बिना नहीं मिलेगी अगली किस्त

15वीं किस्त का लाभ लेने के लिए किसानों को eKYC, भू सत्यापन और आधार लिंक करवाना अनिवार्य है। अगर योजना से जुड़े किसान तय समय तक eKYC, भू सत्यापन और आधार लिंक नहीं करवाते हैं तो किस्त अटक या रुक सकती है।वही भरे गए आवेदन फॉर्म को भी अच्छी तरह से चेक कर लें, ताकी कोई जेंडर की गलती, नाम की गलती, आधार नंबर में गलती न हो, अन्यथा आप किस्त से वंचित रह सकते हैं।इसके अलावा जिन किसानों ने हाल ही में आवेदन किया है, उन्हें भी eKYC करवाना जरूरी है। योजना के अंतर्गत अगर कोई लाभार्थी इस काम को नहीं करवाता है, तो वो किस्त से वंचित रह जाएगा।किसान हेल्पलाइन नंबर- 155261 या 1800115526 (टोल फ्री) या फिर 011-23381092 के जरिए संपर्क कर सकते हैं।

ये योजना के लिए अपात्र

  1. सभी संस्थागत भूमिधारक इस योजना का फायदा नहीं ले सकते।वे किसान परिवार जिसमें एक या अधिक सदस्य निम्नलिखित श्रेणियों से संबंधित हैं, वे इस योजना का फायदा नहीं उठा सकते। संवैधानिक पदों पर हैं या पहले रहे हों।
  2. पूर्व और वर्तमान मंत्री/राज्य मंत्री, राज्य सभा/राज्य विधानसभाओं/लोकसभा/राज्य विधान परिषदों के पूर्व या वर्तमान सदस्य, नगर निगमों के पूर्व और वर्तमान महापौर और जिला पंचायतों के पूर्व और वर्तमान अध्यक्ष।
    10,000 रुपये या इससे अधिक की पेंशन पाने वाले सभी सेवानिवृत्त पेंशनभोगी (मल्टी टास्किंग कर्मचारियों को छोड़कर)।
  3. पेशेवर निकायों के साथ पंजीकृत डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, चार्टर्ड एकाउंटेंट और आर्किटेक्ट भी पीएम किसान योजना का लाभ नहीं ले सकते।
  4. वे सभी व्यक्ति जिन्होंने पिछले असेसमेंट ईयर में आयकर का भुगतान किया था, वे भी योजना का फायदा नहीं उठा सकते।
  5. केंद्र/राज्य सरकार के मंत्रालयों/कार्यालयों/विभागों और इसकी क्षेत्रीय इकाइयों के सभी सेवारत या सेवानिवृत्त अधिकारी और कर्मचारी, केंद्रीय या राज्य सार्वजनिक उपक्रमों और सरकार के अधीन संबद्ध कार्यालयों/स्वायत्त संस्थानों के साथ-साथ स्थानीय निकायों के नियमित कर्मचारी (मल्टी टास्किंग स्टाफ/lV क्लास/ग्रुप डी कर्मचारी को छोड़कर)

कैसे करें eKYC?

  1. पीएम-किसान की आधिकारिक वेबसाइट www.pmkisan.gov.in पर जाएं।
  2. होमपेज के दाएं तरफ ईकेवाईसी विकल्प पर क्लिक करें।
  3. अब अपना आधार कार्ड नंबर और कैप्चा कोड डालें और सर्च पर क्लिक करें।
  4. आधार कार्ड से जुड़ा मोबाइल नंबर दर्ज करें।
  5. ‘Get OTP’ पर क्लिक करें और दिए गए बॉक्स में OTP दर्ज करें।

कैसे चेक करें ताजा स्टेटस

  1. सबसे पहले किसान आधिकारिक वेबसाइट pmkisan.gov.in पर जाएं।
  2. इसके बाद वह होमपेज पर Farmers Corner के सेक्शन में जाएं।
  3. अब किसान Beneficiary List पर क्लिक करें।
  4. इसके बाद किसान अपने राज्य, जिला, तहसील, ब्लॉक और गांव का नाम दर्ज करें। अब Get Report पर क्लिक करें।
  5. इसके बाद लिस्ट में अपना नाम चेक कर लें।
  6. यदि ई-केवाईसी, पात्रता और लैंड सिंडिंग के आगे ‘NO’ लिखा है। इसका मतलब है कि आप पीएम किसान
    योजना के पात्र नहीं है।अगर इन तीनों के आगे ‘YES’ लिखा है, तो आपको किस्त का लाभ मिल सकता है।

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खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। "कलम भी हूँ और कलमकार भी हूँ। खबरों के छपने का आधार भी हूँ।। मैं इस व्यवस्था की भागीदार भी हूँ। इसे बदलने की एक तलबगार भी हूँ।। दिवानी ही नहीं हूँ, दिमागदार भी हूँ। झूठे पर प्रहार, सच्चे की यार भी हूं।।" (पत्रकारिता में 8 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ राजनैतिक खबरों पर पैनी नजर)

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