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Sun, Dec 7, 2025

संविधान दिवस: PM मोदी का संदेश, ‘विकसित भारत’ के लिए संविधान निर्माताओं की दूरदर्शिता देती है प्रेरणा देती, अधिकारों से लेकर दायित्वों तक का ज़िक्र

Written by:Banshika Sharma
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संविधान दिवस के मौके पर संविधान निर्माताओं को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने एक पत्र लिख अपने संदेश में कहा कि संविधान मानवीय गरिमा, समानता और स्वतंत्रता को सर्वोपरि महत्व देता है और नागरिकों को उनके कर्तव्यों की याद दिलाता है।
संविधान दिवस: PM मोदी का संदेश, ‘विकसित भारत’ के लिए संविधान निर्माताओं की दूरदर्शिता देती है प्रेरणा देती, अधिकारों से लेकर दायित्वों तक का ज़िक्र

नई दिल्ली: संविधान दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों के नाम एक पत्र लिखकर उन्हें बधाई दी है। इस पत्र में उन्होंने संविधान को देश के विकास का सच्चा मार्गदर्शक बताते हुए नागरिकों से अपने कर्तव्यों का पालन करने का आग्रह किया है। पीएम ने 2047 तक ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने का आह्वान किया।

प्रधानमंत्री ने याद दिलाया कि 26 नवंबर 1949 को संविधान सभा ने भारत के संविधान को अंगीकार किया था। इसी की याद में उनकी सरकार ने 2015 में इस दिन को ‘संविधान दिवस’ के रूप में मनाने का फैसला किया था। उन्होंने कहा कि यह पवित्र दस्तावेज देश के विकास का निरंतर मार्गदर्शन कर रहा है।

“ये भारत के संविधान की ही शक्ति है जिसने मुझ जैसे गरीब परिवार से निकले साधारण व्यक्ति को प्रधानमंत्री के पद पर पहुंचाया है।” — नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री

कर्तव्य पथ पर चलने का आह्वान

पीएम मोदी ने अपने पत्र में मौलिक कर्तव्यों पर विशेष जोर दिया, जिनका उल्लेख संविधान के अनुच्छेद 51A में है। उन्होंने कहा कि ये कर्तव्य सामाजिक और आर्थिक प्रगति का रास्ता दिखाते हैं। उन्होंने महात्मा गांधी का जिक्र करते हुए कहा कि जब हम ईमानदारी से कर्तव्यों का निर्वहन करते हैं, तो अधिकार हमें स्वतः मिल जाते हैं। उन्होंने सभी नागरिकों से अपने हर कार्य को पूरी क्षमता और निष्ठा से करने का आग्रह किया ताकि देश की सामाजिक और आर्थिक प्रगति कई गुना बढ़ जाए।

संविधान से जुड़े व्यक्तिगत अनुभव

प्रधानमंत्री ने संविधान के प्रति अपने सम्मान को दर्शाने वाले कई व्यक्तिगत अनुभव भी साझा किए। उन्होंने 2014 में पहली बार संसद में प्रवेश करते समय सीढ़ियों पर सिर झुकाकर लोकतंत्र के मंदिर को नमन करने की घटना को याद किया। साथ ही 2019 में चुनाव नतीजों के बाद सेंट्रल हॉल में संविधान को माथे से लगाने का भी जिक्र किया। उन्होंने यह भी बताया कि 2010 में गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने ‘संविधान गौरव यात्रा’ का नेतृत्व किया था।

इस वर्ष का संविधान दिवस क्यों है विशेष?

पत्र के अनुसार, इस साल का संविधान दिवस कई कारणों से खास है। यह सरदार पटेल और भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती का वर्ष है। पीएम ने कहा कि सरदार पटेल की प्रेरणा से ही सरकार ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाया, जिससे वहां भारत का संविधान पूरी तरह लागू हो सका। इसके अलावा, यह ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष और श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी वर्ष का भी अवसर है।

युवाओं और नए वोटरों से अपील

प्रधानमंत्री ने युवाओं, विशेषकर पहली बार वोट देने वाले मतदाताओं से एक खास अपील की है। उन्होंने कहा कि संविधान ने हमें मतदान का अधिकार दिया है और इसका उपयोग करना हमारा कर्तव्य है। उन्होंने सुझाव दिया कि 26 नवंबर को स्कूलों और कॉलेजों में 18 वर्ष के हो रहे युवाओं के लिए विशेष सम्मान समारोह आयोजित किए जाने चाहिए, ताकि उनमें जिम्मेदारी और गर्व का भाव जगे।

अंत में, पीएम मोदी ने सभी देशवासियों से एक कर्तव्यनिष्ठ नागरिक के रूप में अपने दायित्वों का पालन करने का संकल्प लेने का आह्वान किया, ताकि 2047 तक एक विकसित और सशक्त राष्ट्र का निर्माण किया जा सके।