पीएम मोदी ने किरेन रिजिजू से कानून मंत्रालय वापस लिया, अर्जुन राम मेघवाल को दी जिम्मेदारी

Big reshuffle in Modi cabinet : पीएम नरेंद्र मोदी ने अपनी कैबिनेट में बड़ा फेरबदल करते हुए किरेन रिजिजू से कानून मंत्रालय वापस ले लिया है,  उनकी जगह अर्जुन राम मेघवाल को उनके वर्तमान पोर्टफोलियो के साथ कानून मंत्रालय की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी है, पीएम मोदी ने कानून मंत्रालय का उन्हें स्वतंत्र प्रभार सौंपा है, वहीं किरेन रिजिजू को भू विज्ञान मंत्रालय की जिम्मेदारी दी है।

कानून मंत्री रहते हुए इस कारण भी चर्चा में रहे हैं किरेन रिजिजू 

केंद्रीय कानून मंत्री के रूप में चर्चा में रहे किरेन रिजिजू से लोकसभा चुनावों से पहले पीएम नरेंद्र मोदी ने उनका मंत्रालय वापस ले लिया है और अब उन्हें भू विज्ञान मंत्रालय की जिम्मेदारी दी है, गौरतलब है कि कानून मंत्री रहते हुए किरेन रिजिजू ने पिछले दिनों कई बार न्यायपालिका और सुप्रीम कोर्ट की कॉलेजियम व्यवस्था पर सवाल खड़े किए थे।

किरेन रिजिजू  को 2021 में कानून मंत्रालय की जिम्मेदारी मिली थी  

आपको बता दें कि किरेन रिजिजू अरुणाचल प्रदेश की अरुणाचल पश्चिम लोकसभा सीट से भाजपा सांसद हैं,  किरेन रिजिजू का जन्म 19 नवंबर 1971 को अरुणाचल प्रदेश के वेस्ट कामेंग जिले में हुआ, उनके पास दिल्ली यूनिवर्सिटी से कानून की डिग्री है,  उन्होंने 2004 में पहली बार अरुणाचल पश्चिम निर्वाचन क्षेत्र से लोकसभा का चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की,  लेकिन 2009 का लोकसभा चुनाव वे हार गए,  2014 के चुनाव में पार्टी ने फिर उन्हें टिकट दिया जिसमें रिजिजू ने फिर से जीत हासिल की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल में गृह राज्य मंत्री बनाए गए,  इसके बाद 2019 में पीएम मोदी ने उन्हें खेल मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनाया फिर जुलाई 2021 में कैबिनेट विस्तार के दौरान उन्हें  रविशंकर प्रसाद की जगह कानून मंत्री बनाया गया था।

ट्वीट कर पीएम मोदी के लिए कही ये बड़ी बात 

मंत्रालय बदलने के बाद किरन रिजिजू ने ट्वीट कर कहा, ” पीएम मोदी के मार्गदर्शन में केंद्रीय कानून और न्याय मंत्री के रूप में सेवा करना सौभाग्य रहा है।मैं सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़, सुप्रीम कोर्ट के सभी जजों, हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस और सभी लॉ अधिकारियों को हमारे नागरिकों के लिए कानूनी सेवाएं प्रदान करने में भारी समर्थन के लिए धन्यवाद देता हूँ। मैं पीएम मोदी के दृष्टिकोण को पूरा करने के लिए तत्पर हूँ और एक बीजेपी कार्यकर्ता के रूप में मैंने जिस उत्साह और जोश के साथ काम किया था, वैसे ही भू विज्ञान मंत्रालय में जिम्मा संभालूंगा।

जानिए कौन हैं नए कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल

अर्जुन राम मेघवाल का जन्म 7 दिसंबर, 1954 में बीकानेर के किस्मिदेसर गांव में हुआ। बीकानेर के डूंगर कॉलेज से उन्होंने बीए और एलएलबी की डिग्री हासिल की। उन्होंने इसी कॉलेज से मास्टर्स किया। अर्जुन राम मेघवाल ने राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) परीक्षा पास की और राजस्थान उद्योग सेवा के लिए चुन लिए गए। मेघवाल को जिला उद्योग केंद्र में सहायक निदेशक के रूप में नियुक्त किया गया, मेघवाल ने राजस्थान के कई जिलों जैसे झुनझनू, धौलपुर, राजसमंद, जयपुर, अलवर और श्रीगंगानगर जिलों के जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक के रूप में भी काम किया।

राजनीति में आने के लिए IAS पद से मेघवाल ने लिया रिटायरमेंट

राजस्थान प्रशासनिक सेवा में रहते हुए अर्जुन मेघवाल की भारतीय प्रशासनिक सेवाओं (आईएएस) में पदोन्नति भी हुई और वे कई प्रशासनिक पदों पर रहे। उन्होंने  उच्च शिक्षा विभाग के विशेष सचिव, तकनीकी शिक्षा विभाग के उप सचिव,  वाणिज्यिक कर विभाग के अपर आयुक्त आदि विभागों का कार्यभार भी संभाला। लेकिन राजनीति में शामिल होने के लिए उन्होंने अपनी स्वेच्छा से भारतीय प्रशासनिक सेवा से रिटायरमेंट ले लिया।

ऐसे हुई राजनीतिक सफर की शुरुआत 

अर्जुन मेघवाल के राजनीतिक सफर की शुरूआत 2009 में हुई जब उन्हें बीकानेर निर्वाचन क्षेत्र से  भाजपा ने टिकट दिया उर वे चुनाव जीत गए। अर्जुन मेघवाल 2014 में फिर बीकानेर निर्वाचन क्षेत्र से निर्वाचित हुए। उन्हें केंद्रीय मंत्रिमंडल में वित्त व कंपनी मामलों के राज्य मंत्री संसदीय कार्य मंत्री, जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण राज्य मंत्री की जिम्मेदारी मिली। 2019 के लोकसभा चुनाव में मेघवाल बीकानेर से लगातार तीसरी बार सांसद निर्वाचित हुए।

सादा जीवनशैली के पहचाने जाते हैं अर्जुन मेघवाल

अर्जुन राम मेघवाल अपनी संस्कृति से बहुत प्यार करते हैं  उनके सिर पर हमेशा राजस्थानी रंगीन पगड़ी देखी जा सकती है, लोकसभा में भी वो इसे पहनते हैं, मंत्री होने के नाते सरकार ने उन्हें गाड़ी दी है, लेकिन आज भी वो अपनी साइकिल से सफर करना पसंद करते हैं। मेघवाल आज भी  साइकिल से संसद जाते हैं।

 


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Atul Saxena

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पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं ....

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