सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सामने आई पीएम मोदी की पहली प्रतिक्रिया

नई दिल्ली।

अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसला पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि इसे किसी की हार या जीत के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।रामभक्ति हो या रहीमभक्ति, ये समय हम सभी के लिए भारतभक्ति की भावना को सशक्त करने का है।देशवासियों से मेरी अपील है कि शांति, सद्भाव और एकता बनाए रखें।

फेसले के बाद पीएम मोदी ने सिलसिलेवार ट्वीट किए। पहले ट्वीट में उन्होंने लिखा है कि सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है। इसे हार या जीत के तौर पर न देखें।रामभक्ति हो या रहीमभक्ति, ये समय हम सभी के लिए भारतभक्ति की भावना को सशक्त करने का है।देशवासियों से मेरी अपील है कि शांति, सद्भाव और एकता बनाए रखें।

 दूसरे ट्वीट में पीएम ने लिखा, सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला कई वजहों से महत्वपूर्ण है।यह बताता है कि किसी विवाद को सुलझाने में कानूनी प्रक्रिया का पालन कितना अहम है। हर पक्ष को अपनी-अपनी दलील रखने के लिए पर्याप्त समय और अवसर दिया गया। न्याय के मंदिर ने दशकों पुराने मामले का सौहार्दपूर्ण तरीके से समाधान कर दिया।

तीसरे ट्वीट में पीएम ने लिखा है कि यह फैसला न्यायिक प्रक्रियाओं में जन सामान्य के विश्वास को और मजबूत करेगा। हमारे देश की हजारों साल पुरानी भाईचारे की भावना के अनुरूप हम 130 करोड़ भारतीयों को शांति और संयम का परिचय देना है। भारत के शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व की अंतर्निहित भावना का परिचय देना है।

बता दे कि अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को ऐतिहासिक फैसला सुना दिया है।चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अगुवाई में संवैधानिक पीठ ने फैसला सुनाते हुए निर्मोही अखाड़ा और शिया वक्फ बोर्ड का दावा खारिज कर दिया है। कोर्ट ने 2.77 एकड़ की विवादित भूमि रामलला विराजमान को सौंप दी है। वहीं मुस्लिम पक्ष को अयोध्या में ही 5 एकड़ भूमि देने का फैसला किया है। सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को ट्रस्ट बनाने का आदेश दिया है।