30 साल पुरानी शिवसेना-BJP की दोस्ती टूटी!, केंद्रीय मंत्री सावंत ने किया इस्तीफा का ऐलान

मुंबई।

चुनाव परिणाम घोषिक हुए दो हफ्तों से ज्यादा बीत गए है लेकिन अब तक महाराष्ट्र में सरकार नही बन पाई है।शिवसेना और बीजेपी में जमकर अंतकलह मची हुई है।माना जा रहा है कि शिवसेना और बीजेपी के बीच 30 साल पुराना गठबंधन टूटने की कगार पर है। मुख्यमंत्री पद पर सहमति नहीं बनने के बाद शिवसेना और बीजेपी के रास्ते अलग-अलग हो गए हैं।इसी बीच खबर आ रही है कि केंद्र की मोदी सरकार में शामिल शिवसेना के इकलौते मंत्री अरविंद सावंत ने इस्तीफे दे सकते है। उन्होंने ट्वीटर के माध्यम से इस ओर संकेत दिए है।मोदी सरकार के लिए ये बड़ा झटका माना जा रहा है। मंत्री के इस्तीफे के ऐलान के बाद भाजपा में खलबली मच गई है।

दरअसल,शिवसेना कोटे से मोदी सरकार में मंत्री अरविंद सावंत ने सोमवार को इस्तीफा देने का ऐलान किया।शिवसेना नेता अरविंद सावंत ने ट्वीट के जरिए इस्तीफे का ऐलान करते हुए सुबह 11 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करने की जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि मैं मंत्री पद से इस्तीफा दे रहा हूं और आज सुबह 11 बजे मीडिया के सामने अपना पक्ष रखूंगा।सावंत मोदी कैबिनेट में भारी उद्योग एवं सार्वजनिक उद्यम मंत्री हैं। 

 माना जा रहा है कि एनसीपी ने महाराष्ट्र में साथ सरकार बनाने के लिए शिवसेना के सामने शर्त रखी थी कि उसे पहले एनडीए से नाता तोड़ना होगा।शरद पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने कहा है कि यदि शिवसेना एनडीए का साथ छोड़ देती है तो महाराष्ट्र में सरकार बनाने के लिए उसे समर्थन देने पर विचार हो सकता है।  हालांकि महाराष्ट्र में शिवसेना और एनसीपी को सरकार बनाने के लिए कांग्रेस के भी समर्थन जरूरत पड़ेगी। लेकिन कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा है कि आज 10 बजे मीटिंग होने वाली है और उसमें आलाकमान के निर्देश के मुताबिक फैसला लिया जाएगा। लेकिन उसके साथ ही उन्होंने कहा कि अभी तक का जो फैसला है कि हमें विपक्ष में ही बैठना चाहिए।

बता दें कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में बीजेपी को 105 सीटों पर जीत मिली थी वहीं शिवसेना 56 सीटें जीतकर दूसरे नंबर की पार्टी बनी थी। महाराष्ट्र में बीजेपी-शिवसेना गठबंधन को स्पष्ट बहुमत मिला था लेकिन 50-50 फॉर्मूले की वजह से दोनों दलों में मतभेद हो गया।  जिस कारण राज्य सरकार के गठन का मामला अधर में लटक गया। राज्यपाल की तरफ से सबसे बड़े दल को सरकार बनाने का न्योता दिया गया था, जिसके जवाब में बीजेपी ने सरकार बनाने पर अपनी असमर्थता जता दी है।