पंजाब नेशनल बैंक ने लागू किया नया नियम, धोखाधड़ी में कमी आने की उम्मीद

इस नए सिस्टम के तहत जिसके नाम से भी चेक इश्यू करेगा उसे कुछ जानकारी पेमेंट करने वाले बैंक को मुहैया करानी होगी।

PNB Punjab National Bank

देश, डेस्क रिपोर्ट। अगर आपका खाता पंजाब नेशनल बैंक में है या आप खाता खुलवाने का मूड बना रहे हैं तो ये खबर आपके बहुत काम की है। बैंक ने अप्रैल के शुरूआती दिनों में एक नियम में बदलाव किए हैं जिससे ग्राहकों को ज्यादा फायदा होने की उम्मीद है। चेक पेमेंट की प्रक्रिया को थोड़ा सेफ बनाने की दिशा में कदम उठाते हुए पीएनबी ने ये नया नियम लागू किया है।

इस नई व्यवस्था के तहत चेक पेमेंट करने के लिए वेरिफिकेशन जरूरी होगा बैंक को उम्मीद है कि प्रक्रिया उनके कस्टमर्स के लिए सेफ तो होगी ही इससे बैंक फ्रॉड में भी कमी आएगी। नए नियम के तहत अगर चेक का वेरिफिकेशन कंफर्म नहीं हुआ तो जारी किया गया चेक वापस भी हो सकता है।

बैंक ने ट्वीट कर इस की जानकारी भी दी है कि 4 अप्रैल से पॉजिटिव पे सिस्टम जरूरी कर दिया गया है। बैंक का कोई भी ग्राहक या ब्रांच डिजिटली 10 लाख या उससे ऊपर के चैक इश्यू करता है तो उनके लिए पीपीएस (Positive Pay System) कंफर्मेशन जरूरी होगा। शुरूआती रिपोर्ट्स के मुताबिक ग्राहकों को उनका अकाउंटर नंबर, चेक नंबर, अल्फा, डेट और अमाउंट के साथ ही जिसे चेक जारी कर रहे हैं उसकी जानकारी देनी होगी। इस संबंध में ज्यादा जानकारी के लिए पीएनबी के उपभोक्ता इन नंबरों पर भी संपर्क कर सकते हैं- 1800-103-2222 या फिर 1800-180-2222। इसके अलावा बैंक की वेबसाइट पर भी इसकी जानकारी मौजूद है.

क्या है पॉजिटिव पे सिस्टम?
इस नए सिस्टम के तहत जिसके नाम से भी चेक इश्यू करेगा उसे कुछ जानकारी पेमेंट करने वाले बैंक को मुहैया करानी होगी। मैसेज, मोबाइल एप, इंटरनेट बैंकिंग या एटीएम के जरिए उपभोक्ता ये जानकारी दे सकते हैं।

जानकारी देना क्यों जरूरी?
इस सिस्टम पर आरबीआई ने भी अहम जानकारी साझा की है जिसके मुताबिक चेक पर मौजूद जानकारी और जिसने चेक जारी किया है उसकी तरफ से दी गई जानकारी को मैच किया जाएगा। ये मिलान चेक ट्रांजेक्शन सिस्टम के जरिए होगा। अगर दोनों जानकारी में कोई अंतर नहीं है तो चेक का पेमेंट हो जाएगा, अगर चेक में अंतर मिलता है तो सीटीएस चेक यानि कि चेक ट्रांजेक्शन सिस्टम उस चेक को बैंक को वापस लौटा देगा।