छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी का निधन, समर्थकों में शोक लहर

रायपुर। लॉकडाउन और कोरोना संकट के बीच रायपुर से बड़ी खबर आ रही है ।छत्तीसगढ़(Chhattisgarh) के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी (Chief Minister Ajit Jogi) का निधन हो गया है। वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे। आज दोपहर में उन्होने एक निजी अस्पताल में 74 साल की उम्र में अंतिम सांस ली।जोगी के निधन की खबर लगते ही कई ब़ड़े नेता अस्पताल पहुंचे है। समर्थकों में शोक लहर है।

मिली जानकारी के मुताबिक, जोगी पिछले 21 दिनों से अस्पताल में थे,  9 मई की सुबह उनकी हालत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया था जहां उनकी हालत दिनों दिन बिगड़ती चली गई थी और इस घटना के बाद जोगी कोमा में चले गए थे। पिछले कुछ दिनों से उनके मस्तिष्क में थोडी हरकत शुरू हुई थी और उम्मीद की जा रही थी कि जोगी जल्द स्वस्थ्य हो जाएंगे। लेकिन शुक्रवार को उन्हें एक कार्डियक अरेस्ट आया था, जिसके बाद उनकी हालत ज्यादा गंभीर हो गई थी। शुक्रवार को राजधानी रायपुर के नारायण हॉस्पिटल में अजीत जोगी ने अंतिम सांस लीl अस्पताल के डायरेक्टर डॉ सुनील खेमका और डॉ पंकज ओमर के नेतृत्व में विशेषज्ञों की टीम लगातार 24 घंटों तक उनके स्वास्थ्य की निगरानी में जुटी थी।

 

ऐसा रहा जोगी का राजनैतिक सफर

छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के बाद अजीत जोगी राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री बने थे। वर्ष 2000 से वर्ष 2003 तक वे राज्य के मुख्यमंत्री रहे। इस दौरान वे अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए आरक्षित मारवाही विधानसभा क्षेत्र से विधायक रहे। वर्ष 2003 में कांग्रेस जब भाजपा से पराजित हुई तब रमन सिंह राज्य के मुख्यमंत्री बने। अजीत जोगी के पुत्र अमित जोगी(amit jogi) को जब कांग्रेस से निष्कासित किया गया था तब जोगी ने नई पार्टी का गठन कर लिया था। वर्तमान में वह जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के मुखिया थे तथा मरवाही विधानसभा क्षेत्र से विधायक थे।

छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी का निधन, समर्थकों में शोक लहर