IAS Success Story : मेडिकल फील्ड छोड़ शुरू की UPSC की तैयारी, 2 बार हुई असफल, तीसरी बार में बनी अफसर, इंटरव्यू में मिले थे रिकॉर्ड अंक

Pooja Khodani
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IAS/IFS Dr. Apala Mishra Success Story : संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित की जाने वाली सिविल सेवा परीक्षा को देश की सबसे कठिन परीक्षाओं मानी जाती है। इस परीक्षा में हर साल लाखों उम्मीदवार शामिल होते है, जिसमें से कुछ ही उम्मीदवार कड़ी मेहनत और लगन से इसे क्वालीफाई कर सफल होते है और अफसर बनते है। आज आईएएस सक्सेस स्टोरी सेगमेंट में हम आपको बताने जा रहे है डेंटिस्ट से आईएफएस बनी अपाला मिश्रा के संघर्ष की कहानी, जिन्होंने यूपीएससी में दो बार नाकामी मिली और फिर तीसरी बार में सफलता हासिल की है।

पढ़िए आईएफएस अपाला मिश्रा की सफलता की कहानी

  • आईएफएस अपाला मिश्रा मध्य प्रदेश से सटे राज्य उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद की रहने वाली हैं, हालांकि मूलरुप से अपाला बस्ती जिले की हैं। उनके पिता अमिताभ मिश्रा, सेना में कर्नल की पोस्ट से रिटायर हैं। डॉ. अपाला मिश्रा की मां अल्पना मिश्रा दिल्ली विश्वविद्यालय की हिंदी फैकल्टी में प्रोफेसर हैं। वह आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी की नातिन हैं। वही भाई अभिलेख मिश्रा आर्मी में मेजर हैं।
    बचपन से पढ़ाई में तेज तर्रार अपाला ने देहरादून से 10वीं तक पढ़ाई की है और फिर दिल्ली चली गई। यहां से उन्होंने रोहिणी से 11वीं व 12वीं पूरी की और फिर आर्मी कॉलेज से बीडीएस पास किया और डेंटिस्ट की डिग्री हासिल की। खास बात ये है कि अपाला डेंटिस्ट्री में गोल्ड मेडलिस्ट रही हैं और वह एक क्रिएटिव राइटर भी हैं। साहित्य अकादमी से उनकी अंग्रेजी का एक कविता संग्रह प्रकाशित हो चुका है।
  • डेंटिस्ट की डिग्री लेने के बाद अपाला ने मेडिकल की प्रैक्टिस ना करके प्रशासनिक अफसर की ओर कदम बढाया और कोचिंग के साथ यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी। साल 2018 में पहली बार वह यूपीएससी की परीक्षा में शामिल हुई, हालांकि वो नाकामयाब रही।
  • पहली प्रयास में हार मिलने के बाद अपाला ने फिर उन्होंने सेल्फ स्टडी के साथ दूसरा प्रयास किया लेकिन फिर असफल हुई। अपने जूनून और जस्बें को कम ना करते हुए अपाला ने फिर तीसरा प्रयास किया और 9वीं रैंक के साथ जीत के झंडे गाढ़ दिए।अपाला ने ना सिर्फ परीक्षा में सफल हुई बल्कि इंटरव्यू में अच्छे अंक हासिल किए। उन्होंने साक्षात्कार में 215 नंबर हासिल की थी।
  • डॉ. अपाला ने इंटरव्यू राउंड में 2020 तक सबसे ज्यादा नंबर हासिल करने का रिकॉर्ड बनाया। 2019 में यूपीएससी के इंटरव्यू राउंड में 212 नंबर हासिल करने का सबसे ज्यादा रिकॉर्ड था लेकिन, अपाला ने इस रिकॉर्ड को तोड़ दिया और इंटरव्यू राउंड में 215 नंबर हासिल कर एक नया रिकॉर्ड बनाया।

क्या आप जानते है एक आईएएस अफसर को कितनी मिलती है सैलरी

  1. IAS ऑफिसर उच्च श्रेणी के अधिकारी होते हैं, जिन्हें सातवें वेतनमान के तहत सैलरी दी जाती है।एक IAS ऑफिसर की सैलरी 56,100 रुपए महीने से लेकर 2,25,000 तक होती है। सभी भत्ते मिलाकर एक आईएएस अधिकारी को शुरुआती दिनों में कुल 1 लाख रुपये प्रतिमाह से ज्यादा सैलरी मिलती है
  2. स्वास्थ, आवास, यात्रा समेत कई तरह की सुविधाओं के लिए पैसा भत्ते के रूप में दिया जाता है। अलग-अलग पे-बैंड के हिसाब से अन्य लग्जरी सुविधाएं भी मिलती हैं।बेसिक सैलरी के अलावा डियरनेस अलाउंस (DA), हाउस रेंट अलाउंस (HRA), सब्सिडाइज्ड बिल, मेडिकल अलाउंस और कन्वेंस अलाउंस दी मिलती है।
  3. पे-बैंड के आधार पर एक आईएएस अधिकारी को घर, सिक्योरिटी, कुक और अन्य स्टाफ समेत कई सुविधाएं भी मिलती हैं।आने-जाने के लिए गाड़ी और ड्राइवर की भी सुविधा दी जाती है।पोस्टिंग के दौरान कहीं जाने पर ट्रैवल अलाउंस के अलावा वहां सरकारी घर भी दिया जाता है।मुफ्त में या फिर अधिक सब्सिडी पर बिजली और टेलिफोनिक सेवाएं मिलती है।

नोट- यह सारी जानकारी विभिन्न माध्यमों/स्त्रोतों से जुटाई गई है, इसमें बदलाव भी हो सकता है।

 


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खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। "कलम भी हूँ और कलमकार भी हूँ। खबरों के छपने का आधार भी हूँ।। मैं इस व्यवस्था की भागीदार भी हूँ। इसे बदलने की एक तलबगार भी हूँ।। दिवानी ही नहीं हूँ, दिमागदार भी हूँ। झूठे पर प्रहार, सच्चे की यार भी हूं।।" (पत्रकारिता में 8 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ राजनैतिक खबरों पर पैनी नजर)

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