कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर, सीजीएचएस के तहत मिलेगी बेहतर सुविधा, विभाग की नई तैयारी , यह होगी प्रक्रिया

कर्मचारियों के लिए नई सुविधा शुरू की गई है। उन्हें निजी अस्पताल में इलाज का लाभ मिलेगा। इसके लिए 49 अस्पतालों से अनुबंध किया गया है। नियम के तहत कर्मचारी सीजीएचएस योजना का लाभ उठा सकेंगे।

Employees CGHS Benefit : कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर है। मंत्रालय द्वारा नवीन सुविधा प्रदान की गई है। उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधा का लाभ मिलेगा। इसके साथ ही उन्हें ओपीडी सुविधा का भी लाभ मिलेगा। साथ ही कर्मचारी विशेषज्ञ से भी चिकित्सा सुविधा का लाभ ले सकेंगे।

ले सकेंगे चिकित्सा विशेषज्ञ की सुविधा का लाभ

दरअसल रेल कर्मचारी और उनके परिजनों को अनुबंधित अस्पताल में जाकर इलाज कराने की सुविधा मिलेगी। पश्चिम मध्य रेलवे द्वारा 49 अस्पतालों से कर्मचारियों को बेहतर चिकित्सा सुविधा देने के लिए किया गया है। जिसमें जबलपुर के 23 अस्पताल सहित भोपाल के 9, कोटा में आठ, सागर में दो, सवाई माधोपुर, गंगापुर, नई दिल्ली, गाजियाबाद, कटनी और सतना में 1-1 अस्पताल से अनुबंध किया गया है। कर्मचारी अस्पतालों में अपना इलाज कराने की पात्रता रखेंगे। साथ ही रिटायर रेल कर्मचारी रेल कर्मचारी को चिकित्सा विशेषज्ञ की सुविधा भी प्राप्त होगी।

ओपीडी सुविधा का भी लाभ

इसके अलावा ओपीडी सुविधा का भी लाभ ले सकेंगे। ओपीडी के लिए मात्र 150 रूपए तक की रसीद कटवा ली होगी। वहीं रेलवे अस्पतालों में भी ओपीडी की सुविधा जारी रहेगी। इसके अलावा अनुबंधित अस्पताल में कर्मचारी कैंस, ह्रदय रोग. उदर रोग और अस्थि रोग आदि अन्य बीमारियों के लिए बेहतर चिकित्सा सुविधा प्राप्त कर सकेंगे। इसके अलावा रेलवे के अस्पतालों में विशेषज्ञ ना होने की स्थिति में कर्मचारी अनुबंधित अस्पताल में जाकर चिकित्सा सुविधा प्राप्त कर सकेंगे।

सीजीएचएस की सस्ती दरों पर होगा इलाज

किसी भी आकस्मिक की स्थिति में रेलवे कर्मचारियों को रेलवे अस्पताल से अनुबंधित अस्पतालों में रेफर किया जाता है। ऐसे में कर्मचारी सीधे अनुबंधित अस्पताल में इलाज के लिए पहुंच सकेंगे। निजी अस्पताल द्वारा कर्मचारियों को इमरजेंसी सर्टिफिकेट जारी किया जाता है। साथ ही ही रेलवे के डॉक्टर मरीज को निजी अस्पताल रेफर कर सकते हैं। इमरजेंसी प्रूफ ना होने की स्थिति में भर्ती मरीज का पूरा इलाज सीजीएचएस की सस्ती दरों पर किया जाता है। इसके लिए मरीज द्वारा भुगतान किया जाता है। साथ ही रेलवे कर्मचारी अपने परिजनों का भी इलाज सस्ती दर पर करवा सकते हैं।