सुशासन की पहचान बन गया है रोजगार मेला: पीएम मोदी

प्रधान मंत्री ने पिछले साल की थी रोज़गार मेला योजना की शुरुआत , जिससे 10 लाख सरकारी नौकरियों के सृजन की शुरुआत हुई।

रोजगार मेला: 2023 के पहले ‘रोजगार मेला’ को मार्क करते हुए, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को रोजगार के लिए केंद्र की समर्पित योजना के तहत देश भर में नए शामिल सरकारी कर्मचारियों को लगभग 71,000 अपॉइंटमेंट लेटर वितरित किए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को विभिन्न सरकारी विभागों और संगठनों में शामिल हुए नए रेक्रुइट्स को बधाई दी और कहा कि आने वाले दिनों में लाखों और परिवारों को सरकारी नौकरियों में भर्ती किए जाने की तैयारी है।प्रधानमंत्री ने कहा, “रोजगार मेला हमारे सुशासन की पहचान बन गया है। यह हमारे वादों को निभाने के प्रति हमारी कमिटमेंट का एक वसीयतनामा है।”

पहले के समय में रेगुलर प्रोमोशंस में भी बाधा आती थी, यह देखते हुए प्रधान मंत्री ने रेखांकित किया कि केंद्र ने सरकार की भर्ती प्रक्रिया में बदलाव किए हैं, जिससे यह अधिक सुव्यवस्थित और टाइम-बाउंड हो गया है।

नए रेक्रुइट्स को संबोधन 

प्रधान मंत्री ने कहा कि नए शामिल किए गए रेक्रुइट्स “एक विकसित भारत की यात्रा में सक्रिय भागीदार” होंगे। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में नए रेक्रुइट्स को संबोधित करते हुए कहा, “जिन्हें आज नियुक्ति पत्र मिला है, उनके लिए यह जीवन की एक नई यात्रा है. सरकार का अहम हिस्सा होने के नाते आप विकसित भारत की यात्रा के सक्रिय भागीदार होंगे।”

पीएम मोदी ने रेक्रुइट्स को याद दिलाते हुए कहा कि सरकारी क्षेत्र में रोजगार को “सेवा” के रूप में जाना जाता है न कि “नौकरी” के रूप में, “जिस तरह ‘उपभोक्ता हमेशा सही होता है’ हमारा मंत्र ‘नागरिक हमेशा सही होता है’ बन गया है। सेवा भाव के साथ , हम अपने नागरिकों पर सकारात्मक प्रभाव पैदा कर सकते हैं।”

प्रधानमंत्री ने पिछले साल 10 लाख लोगों को रोजगार देने के लिए “रोजगार मेला” का शुभारंभ किया था। बेरोजगारी के मुद्दे पर विपक्ष की लगातार आलोचना के बीच आज पीएम ने पिछले आठ वर्षों में रोजगार सृजित करने के लिए अपनी सरकार के प्रयासों को रेखांकित किया।
प्रधानमंत्री ने वर्ष 2022 में धनतेरस के अवसर पर केंद्रीय स्तर पर रोजगार मेले की अवधारणा की शुरुआत की थी। यह सरकार के केंद्रीय स्तर पर 10 लाख नौकरियां देने के अभियान की शुरुआत थी।