घर तोड़े जाने की अफवाह झूठी : उत्तराखंड सीएम मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

"घरों को तोड़े जाने की अफवाह फैलाई जा रही है": जोशीमठ पर उत्तराखंड के सीएम बोले, ऐसी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है ।

Uttrakhand News : उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को चमोली के जोशीमठ क्षेत्र में लैंडस्लाईड के कारण मकानों में दरारें आने की खबरों को खारिज करते हुए कहा कि, अफवाहों पर ध्यान न दें,  घरों को गिराने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। 

जोशीमठ पर क्या बोले धामी ? 

उन्होंने कहा, “प्रभावित क्षेत्र में जिन घरों में दरारें आ गई हैं, उन्हें गिराने की अफवाहें फैलाई जा रही हैं। मैं सभी से अपील करता हूं कि इन अफवाहों पर ध्यान न दें। प्रभावित क्षेत्र में दरारें वाले घरों को गिराने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।”

धामी ने आगे कहा कि जोशीमठ नगरपालिका क्षेत्र के भूस्खलन और भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में प्रभावित लोगों को बाजार दर पर मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि हितधारकों के सुझाव लेने के बाद और जनहित में बाजार दर जारी की जाएगी।

मुख्य सचिव को दिए ये निर्देश

मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को निर्देश दिए हैं कि जब तक जरुरत न हो प्रभावित क्षेत्र में दरार वाले मकानों को न तोड़ा जाए। धामी ने कहा कि 3000 प्रभावित परिवारों को कुल 45 करोड़ रुपये की राशि जारी की जा चुकी है।

उन्होंने कहा, “फिलहाल, प्रति परिवार 1.50 लाख रुपये की अंतरिम सहायता दी जा रही है। स्थायी बंदोबस्त विस्थापन नीति तैयार होने से पहले प्रभावित क्षेत्र में भूस्खलन के कारण प्रभावित भूमि मालिकों / परिवारों को 1 लाख रुपये की एडवांस राशि दी गई है। प्रभावित परिवारों को 50,000 रुपये की राशि (नॉन -अडजस्टेबले लम्प सम) विशेष अनुदान के रूप में सामान के ट्रांसपोर्टेशन एवं उनके बिल्डिंग की तत्काल आवश्यकता के लिए दी गई है.यह राशि उत्तराखंड राज्य आपदा प्राधिकरण द्वारा जारी की गई है।” 

आंकलन कर दी जाएगी सहायता राशि

आगे उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्र में हुए कुल खर्च का पूर्ण आकलन कर सहायता दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने जोशीमठ में आपदा प्रभावित परिवारों की मदद के लिए एक माह का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में दिया है।

उन्होंने कहा, “सुरक्षा की दृष्टि से जिन परिवारों को अन्य स्थानों पर स्थानांतरित किया जा रहा है, वहां सभी आवश्यक बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।”

पुष्कर सिंह धामी ने आवश्यक जाँच की बात रखते हुए कहा, “सरकार प्रभावित लोगों को उनके दर्द और पीड़ा में हर संभव सुविधा प्रदान करेगी।” जोशीमठ के प्रभावित क्षेत्र में सरकार के उच्चाधिकारी क्षेत्र के प्रभावित लोगों से मिलकर उनकी समस्याओं का समाधान कर रहे हैं। सचिव मुख्यमंत्री आर मीनाक्षी सुंदरम प्रशासन के अधिकारियों के साथ मौके पर सभी व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं। भूवैज्ञानिक एवं अन्य जोशीमठ के भूस्खलन और भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र में संबंधित संस्थानों द्वारा आवश्यक जांच की जा रही है। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की टीम भी मौके पर मौजूद है।’