School News : भीषण गर्मी में छात्रों को बड़ी राहत, अब इस तारीख तक बंद रहेंगे सभी स्कूल , शिक्षा विभाग का आदेश जारी

भीषण गर्मी और आईएमडी द्वारा जारी चेतावनी के मद्देनजर स्कूल शिक्षा विभाग ने सभी सरकारी स्कूलों को 11 से 15 जून तक बंद रखने का आदेश दिया है। वही शिक्षकों के लिए भी 15 जून तक स्कूल बंद रहेंगे।

MP School

School News : बिहार के स्कूली छात्रों के लिए राहत भरी खबर है। भीषण गर्मी और लू के प्रभाव के चलते स्कूल शिक्षा विभाग ने फिर 5 दिन स्कूल बंद रखने का आदेश जारी किया है।इसके तहत 15 जून तक सभी स्कूल बच्चों और शिक्षकों के लिए स्कूल बंद रहेंगे। इससे पहले 10 जून से फिर स्कूल खोलने के आदेश जारी हुए थे लेकिन बढ़ती गर्मी और बच्चों के स्वास्थ्य को देखते हुए शिक्षा विभाग की ओर से नया आदेश जारी किया गया है।

11 से 15 जून तक स्कूल बंद

इससे संबंधित आदेश माध्यमिक शिक्षा निदेशक सन्नी सिन्हा की ओर से सोमवार को जारी किया गया है।इसमें कहा गया है कि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के मौसम पूर्वानुमान के मुताबिक 14 जून तक राज्य के अनेक स्थानों में उष्ण लहर की स्थिति बने रहने की सूचना दी गयी है।इसके मद्देनजर 11 से 15 जून तक सभी विद्यालयों में अवकाश घोषित किया जाता है। इस दौरान विद्यालयों के शिक्षक भी अवकाश पर रहेंगे।

पहले जारी हुआ था ये आदेश

  • इससे पहले स्कूल शिक्षा विभाग ने 7 जून को एक आदेश जारी किया था, जिसमें 10 जून सोमवार से फिर स्कूल खोले जाने की बात कहीं गई थी।आदेश में कहा गया था कि राज्य के सभी विद्यालयों में क्लास सुबह 6:30 बजे से खुलेंगे और कक्षाएं 11:30 बजे तक चलेगी। वहीं मिड डे मिल का वितरण शासकीय स्कूलों में सुबह 11:30 बजे से लेकर दोपहर 12:10 बजे तक दिया जाएगा।
  • ग्रीष्मकाल में 10 जून से 30 जून तक सभी विद्यालयों में जैसे प्राथमिक, मध्य, माध्यमिक,उच्च’ माध्यमिक, संस्कृत विद्यालय तथा मदरसा विद्यालयों में शैक्षणिक कार्य इस रूप में होंगें।
  • कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए नियमित कक्षा का संचालन किया जायेगा, जो बच्चे मिशन दक्ष के हिस्सा नहीं हैं, उनके लिए खेलकूद पेंटिंग एवं अन्य सृजनात्मक गतिविधि कराई जाएगी, लेकिन अब नया आदेश जारी किया गया है।

 

School News : भीषण गर्मी में छात्रों को बड़ी राहत, अब इस तारीख तक बंद रहेंगे सभी स्कूल , शिक्षा विभाग का आदेश जारी


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Pooja Khodani

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खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। "कलम भी हूँ और कलमकार भी हूँ। खबरों के छपने का आधार भी हूँ।। मैं इस व्यवस्था की भागीदार भी हूँ। इसे बदलने की एक तलबगार भी हूँ।। दिवानी ही नहीं हूँ, दिमागदार भी हूँ। झूठे पर प्रहार, सच्चे की यार भी हूं।।" (पत्रकारिता में 8 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ राजनैतिक खबरों पर पैनी नजर)

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