देश के राजनीतिक गलियारे से एक बड़ी खबर सामने आई है। देश के पूर्व केंद्रीय मंत्री और लोकसभा अध्यक्ष शिवराज पाटिल का शुक्रवार को निधन हो गया। 90 साल की उम्र में उन्होंने अंतिम सांस ली। जानकारी के मुताबिक वो लंबे समय से बीमार चल रहे थे और उनका इलाज चल रहा था।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और देश के रक्षा मंत्री रहे पाटिल ने महाराष्ट्र के लातूर में अंतिम सांस ली। यहीं पर उनका इलाज चल रहा था। शिवराज का राजनीतिक करियर काफी लंबा है। उन्होंने कई महत्वपूर्ण पदों को संभाला। वह लोकसभा स्पीकर रहे और केंद्रीय कैबिनेट में कई पदों पर काम किया। उन्होंने लातूर लोकसभा सीट से सात बार जीत हासिल की थी। वह पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के एडमिनिस्ट्रेटर भी रह चुके हैं। यूपीए की सरकार के समय उन्हें गृहमंत्री बनाया गया था और वह देश के रक्षा मंत्री भी रह चुके हैं। उनके निधन से राजनीतिक गलियारे में शोक की लहर दौड़ गई है।
इंदिरा गांधी के साथ किया काम
12 अक्टूबर 1935 को जन्मे शिवराज पाटिल का राजनीतिक करियर काफी शानदार रहा। साल 2004 से 2008 तक वह भारत के गृहमंत्री के पद पर रहे। 1991 से 1996 तक उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष का पद संभाला। वह भारत के 10वें लोकसभा अध्यक्ष बने थे। 2010 से 2015 तक पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ केंद्र शासित प्रदेश के प्रशासक रहे। 1980 के दशक में इंदिरा गांधी और राजीव गांधी मंत्रिमंडल में उन्होंने रक्षा मंत्री के रूप में काम किया।
सत्य साईं बाबा के अनुयायी
पाटिल की एजुकेशन की बात करें तो उन्होंने हैदराबाद के उस्मानिया विश्वविद्यालय से विज्ञान में डिग्री ली। इसके बाद मुंबई विश्वविद्यालय से कानूनी पढ़ाई पूरी की। 1967 से 69 के दौरान वो लातूर नगर पालिका में कार्यरत रहे। 1963 में विजय पाटिल से उनकी शादी हुई। उनका एक बेटा और एक बेटी है। यह बताया जाता है कि वह सत्य साईं बाबा के कट्टर अनुयायी हुआ करते थे।






