कर्मचारियों को प्रदेश सरकार का बड़ा तोहफा, मिलेगा स्थायीकरण का लाभ, आदेश जारी, यह होंगे नियम, 10 साल की सेवा अनिवार्य

मंगलवार को आदेश जारी करते हुए सरकार ने कहा है कि विभागीय आवश्यकता के अनुसार ग्रुप सी और डी में कॉन्ट्रैक्ट अस्थाई आधार पर विभिन्न नियुक्ति की गई थी। जिनमें से कई कर्मचारी द्वारा 10 साल से भी ज्यादा समय तक अपनी सेवा दी गई है। अब इन कर्मचारियों ने जीवन के महत्वपूर्ण वर्ष राज्य सरकार की सेवा में लगा दिए हैं। बावजूद इसके इनकी नौकरी पक्की नहीं होने से भविष्य के लिए अनिश्चितता बनी हुई है। 10 साल नौकरी के बाद कर्मचारियों नई नौकरी के लिए भी आवेदन के लिए पात्र नहीं है। ऐसी परिस्थिति में इन कर्मचारियों को नियमित करने का फैसला लिया गया था।

Employees Regularization : प्रदेश के लाखों कर्मचारियों के लिए खबर है। दरअसल उन्हें स्थाई करने का निर्णय लिया गया है। सरकार द्वारा नई पॉलिसी तैयार कर ली गई है। साथ ही 10 साल की सर्विस पूरी कर चुके कर्मचारियों को नियमित किया जाएगा।

पंजाब सरकार द्वारा इसके लिए 23 फरवरी को कैबिनेट की बैठक में कर्मचारियों को स्थाई करने का फैसला लिया गया था। मंगलवार को इस संबंध में विधिवत आदेश जारी किया गया है। कर्मचारियों की सेवाओं को भारतीय संविधान के सातवें अनुच्छेद की सूची दो की एंट्री 41 के अनुच्छेद 162 के आधार पर तय समय अवधि के लिए पक्का करने का फैसला किया गया है।

कर्मचारियों को स्थाई करने का आदेश जारी

इसका लाभ 21000 कर्मचारियों को मिलेगा। जिसमें विभाग के एडहॉक, ठेका आधारित, डेली वेज, वर्क चार्ज और अस्थाई तौर पर कार्य कर रहे कर्मचारियों के 10 साल की सेवा पूरी करने के बाद कर्मचारियों को स्थाई करने का आदेश जारी किया गया है। पंजाब सरकार का दावा है कि 14000 कर्मचारियों को पहले ही नियमित किया जा चुका है। इसके अलावा 8700 अध्यापकों के लिए भी अलग कैडर नियुक्त किया गया है।

आदेश जारी

मंगलवार को आदेश जारी करते हुए सरकार ने कहा है कि विभागीय आवश्यकता के अनुसार ग्रुप सी और डी में कॉन्ट्रैक्ट अस्थाई आधार पर विभिन्न नियुक्ति की गई थी। जिनमें से कई कर्मचारी द्वारा 10 साल से भी ज्यादा समय तक अपनी सेवा दी गई है। अब इन कर्मचारियों ने जीवन के महत्वपूर्ण वर्ष राज्य सरकार की सेवा में लगा दिए हैं। बावजूद इसके इनकी नौकरी पक्की नहीं होने से भविष्य के लिए अनिश्चितता बनी हुई है।

10 साल नौकरी के बाद कर्मचारियों नई नौकरी के लिए भी आवेदन के लिए पात्र नहीं है। ऐसी परिस्थिति में इन कर्मचारियों को नियमित करने का फैसला लिया गया था। नई पॉलिसी के तहत ग्रुप सी और ग्रुप डी की सेवा में 10 साल से कार्यरत कर्मचारियो को 58 साल की उम्र तक नौकरी करने का अवसर दिया गया है।

लिए नियम और निर्देश भी तय

इसके लिए नियम और निर्देश भी तय किए गए हैं। जिसके तहत अस्थाई कर्मचारी के लिए प्रभावी सर्विस रूल के अनुसार ही अनियमित कर्मचारियों को शैक्षणिक योग्यता पद और अनुभव समेत अन्य निर्धारित शर्तों को पूरा करना होगा। इसके साथ ही सेवाकाल के दौरान उनके आचरण संतोषजनक होने चाहिए। साथी सेवा अवधि की गणना करते समय हर वर्ष 240 दिन का कार्य होना आवश्यक है।

वही यह नीति और निर्देश आउटसोर्स कर्मचारियों के अलावा योग्यता पूरी नहीं करने वाले कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा। 58 वर्ष की आयु तक विशेष कार्य की नियुक्ति रहेगी। कर्मचारियों को कैडर पोस्ट के पद पर नहीं रखा जाएगा। सर्विस रूल के अनुसार कर्मचारी रेगुलर कैडर का हिस्सा नहीं होंगे।

यह होंगे नियम

  • नई पॉलिसी के तहत कर्मचारी 58 साल की आयु तक विशेष कैडर में नियुक्त रहेंगे।
  • कैडर पोस्ट के पद पर इन कर्मचारियों की नियुक्ति नहीं होगी।
  • कर्मचारी नियमित करने का हिस्सा नहीं होंगे।
  • नियमित कर्मचारियों के समान अन्य सुविधा पाने के हकदार नहीं होंगे।
  • विशेष कैडर में कर्मचारी को नई नियुक्ति के रूप में शामिल किया।
  • विशेष कैडर वरिष्ठता अनुभव जैसे अन्य लाभ शामिल नहीं होंगे।
  • कर्मचारी को पंजाब सरकार के वित्त विभाग द्वारा वेतन और भत्ते दिए जाएंगे।
  • पार्ट टाइम आधार पर आउट सोर्स आधार पर सहित इंसेंटिव पर रखे गए और अनुशासन और आचरण संबंधित आरोप में घिरे कर्मचारी को योजना का लाभ नहीं मिलेगा।

पनसब के 2200 रुपए कर्मचारियों को भी स्थायीकरण का लाभ

इसके साथ ही पनसब के 2200 रुपए कर्मचारियों को भी स्थायीकरण का लाभ मिलेगा। कैबिनेट मंत्री लालचंद कतारुचक द्वारा इसकी जानकारी दी गई है। भगवंत मान की अगुवाई में मंत्रिमंडल की मंजूरी मिलने के साथ ही पनसब के कर्मचारियों को छठे वेतन कमीशन का लाभ दिया गया है। छठे वेतन कमीशन की सिफारिश तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।