सरकारी कर्मचारियों-अधिकारियों के लिए महत्वपूर्ण खबर, 2024 में मिलेगा इतने अवकाशों का लाभ, कैबिनेट ने दी मंजूरी

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Government Employees Officer Holiday 2024 :  बिहार के सरकारी कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर है।जन्माष्टमी के मौके पर राज्य की नीतिश कुमार सरकार ने कर्मचारियों के लिए साल 2024 का छुट्टियों का कैलेंडर जारी किया है। इसके तहत राज्य सरकार ने साल 2024 के लिए कर्मचारियों अधिकारियों के लिए 56 छुट्टियां स्वीकृत की है। मंगलवार को सीएम नीतिश कुमार की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इसे मंजूरी दी गई।बता दें कि पिछले साल सरकारी कर्मियों को कुल 36 अवकाश स्वीकृत किए गए थे।

कैबिनेट में छुट्टी 2024 के कैलेंडर पर मुहर

मंगलवार को हुई बिहार कैबिनेट बैठक में राज्य सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के लिए 2024 का कैलेंडर जारी करते हुए सभी कार्यालयों एवं राजस्व दंडाधिकारी न्यायालयों के लिए छुट्टियां मंजूर की है। सरकार द्वारा ऑफिस में छुट्टी और निगोसियेवल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट के तहत बिहार राज्य के अवकाश की घोषणा की गई है।अगले साल यानी 2024 में सरकारी कर्मी एक वर्ष में अधिकतम 32 दिन अवकाश ले सकेंगे। चांद के दृष्टिगोचर के अनुसार मुस्लिम त्योहारों के अवकाश की तिथि में परिवर्तन हो सकता है।

जानिए कब कितनी छुट्टियां मिलेगी

  • बिहार सरकार के कैलेंडर 2024 में कुल 56 दिन छुट्टी रहेगी, लेकिन रविवार के चलते 6 छुट्टियों का नुकसान होगा। कैलेंडर 2024 में बिहार राजस्व दंडाधिकारी न्यायालय के तहत 15 दिन, ऐच्छिक छुट्टी 20 दिन और एनआईए के तहत कुल 21 दिनों की छुट्टी रहेगी।
  • दोनों मिलाकर कुल अवकाश की संख्या 36 दिन होते हैं। चार दिन रविवार को छोड़कर वास्तविक रुप से 32 दिन ही सरकारी कर्मी छुट्टी का उपभोग करेंगे।
  • राज्य सरकार के अधीन सचिवालय विभागों और निदेशालयों में पांच दिवसीय कार्य सप्ताह प्रणाली और क्षेत्रीय कार्यालयों (प्रमंडलीय आयुक्तों के कार्यालय, मुख्य अभियंताओं के कार्यालय सहित) में छह दिवसीय कार्य सप्ताह प्रणाली लागू है।
  • ईद और चांद के दृष्टिगोचर के अनुसार, मुस्लिम त्योहारों के अवकाश की तिथि में परिवर्तन हो सकता है। वही एनआई एक्ट-1881 के तहत वार्षिक बैंक लेखा बंदी अवकाश हर साल की तरह पहली अप्रैल को निर्धारित है।

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Pooja Khodani

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खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। "कलम भी हूँ और कलमकार भी हूँ। खबरों के छपने का आधार भी हूँ।। मैं इस व्यवस्था की भागीदार भी हूँ। इसे बदलने की एक तलबगार भी हूँ।। दिवानी ही नहीं हूँ, दिमागदार भी हूँ। झूठे पर प्रहार, सच्चे की यार भी हूं।।" (पत्रकारिता में 8 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ राजनैतिक खबरों पर पैनी नजर)

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