कैंसर जैसी बीमारी का नाम सुनते ही पैरों तले जमीन खिसक जाती है। दरअसल ऐसा माना जाता है कि कैंसर को शुरुआती स्टेज पर नहीं रोका गया तो इससे बच पाना बेहद मुश्किल हो जाता है। लेकिन यदि इसे शुरुआती स्टेज पर ही डिटेक्ट कर लिया जाए तो इस बीमारी का इलाज संभव है। हालांकि अभी तक भारत में ऐसा संभव नहीं था। दरअसल इसके शुरुआती लक्षण पहचान पाना बेहद मुश्किल थे। लेकिन अब रिलायंस इंडस्ट्रीज ने एक ऐसा कमाल कर दिखाया है जो देश के लिए राहत की खबर है।
दरअसल रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की सहायक कंपनी और जिनोमिक्स और बायोइनफॉर्मेटिक्स में अग्रणी स्ट्रैंड लाइफ साइंसेज ने एक ऐसा कमाल कर दिया है। जिससे आप कैंसर के शुरुआती लक्षणों को पहचान सकेंगे। वहीं इससे आप समय पर इस भयानक बीमारी का इलाज करवा सकेंगे। चलिए जानते हैं ऐसा कैसे संभव हो सकता है।
जानिए कैसे करेगा यह काम?
दरअसल एक बूंद खून से इसका पता लगाया जा सकेगा। बता दें कि कैंसरस्पॉट डीएनए मिथाइलेशन सिग्नेचर का इस्तेमाल करती है। ऐसे में इस प्रक्रिया को जिनोम सीक्वेंसिंग और एनालिसिस के जरिए पहचाना जा सकता है। वहीं रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की सहायक कंपनी ने भारतीय डेटा के आधार पर इसे विकसित किया है। रिपोर्ट की मानें तो इसे न सिर्फ भारतियों के लिए बल्कि वैश्विक समाज समुदायों पर भी इस्तेमाल किया जा सकेगा। इस खोज से प्रोएक्टिव और रूटिंग स्क्रीनिंग के लिए एक सरल और सुविधाजनक विकल्प मिल सकेगा।
आसान और सुलभ टेस्ट लॉन्च किया गया : डॉ. रमेश हरिहरन
वहीं इस मौके पर स्ट्रैंड लाइफ साइंसेज के सीईओ और सह-संस्थापक डॉ. रमेश हरिहरन ने जानकारी दी कि, “कैंसर को हराने के लिए इसकी समय पर पहचान बेहद जरूरी है। हमें बेहद गर्व हो रहा है कि हमारे द्वारा एक ऐसा आसान और सुलभ टेस्ट लॉन्च किया गया है, जो लोगों को कैंसर से आगे रहने में मदद करेगा। 24 सालों से स्ट्रैंड जीनोमिक्स के क्षेत्र में अग्रणी रहा है और यह भारत के लिए एक और बड़ी उपलब्धि है।” इसके साथ ही ईशा अंबानी पीरामल ने कहा कि “स्ट्रैंड का यह नया कैंसर जांच टेस्ट हमारी स्वास्थ्य सेवाओं में परिवर्तन लाने के नजरिए का एक बेहतरीन उदाहरण है। हम जीनोमिक्स की ताकत का इस्तेमाल कर भारत और दुनिया के स्वास्थ्य और जीवन को बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”






