supersonic BrahMos missile : सुपरसोनिक ब्रह्मोस मिसाइल का सफल परीक्षण 

सेना की शक्ति में असीम बढ़ोतरी होगी supersonic BrahMos missile से।

नई दिल्ली, डेस्क रिपोर्ट। मंगलवार के दिन भारतीय नौसेना ने कामयाबी की ओर एक बड़ा कदम बढ़ाते हुए सुपरसोनिक ब्रह्मोस मिसाइल ( supersonic BrahMos missile) का सफल परीक्षण किया है। पश्चिम तट पर तैनात नौसेना के लड़ाकू युद्धपोत आईएनएस विशाखापत्तनम से ब्रह्मोस मिसाइल का सफल परीक्षण कर देश की सेना को और अधिक मजबूती प्रदान की है।

यहां भी देखें- 24 जुलाई 2021: NASA अलर्ट! आज रात पृथ्वी के पास से गुजरेगा स्टेडियम जितना बड़ा खतरनाक Asteroid, क्या होगा खतरा ?

भारतीय नौसेना से मिली जानकारी के अनुसार ये मिसाइल समुद्र से समुद्र में मार करने की क्षमता रखने वाले नए वेरिएंट का एडवांस रूप है।इसने अधिकतम रेंज और सटीकता के साथ लक्ष्य वाले जहाज पर हमला किया जा सकता है।

यहां भी देखें- 25 जुलाई को धरती के करीब से गुजरेगा Asteroid, NASA की पैनी नजर, क्या डालेगा असर?

डीआरडीओ की देन इस मिसाइल की खासियत

ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल को डीआरडीओ ने डिवेलप किया है।

इसमिसाइल की रेंज हाल ही में 298 किमी से बढ़ाकर 450 किमी की गई‌।

कम दूरी की ये रैमजेट, सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल विश्व में अपनी श्रेणी में सबसे तेज गति वाली है।

यहां भी देखें- Corona : अब इस राज्य में लगा वीकेंड कर्फ्यू, स्कूल बंद, नई गाइड लाइन जारी

इसे पनडुब्बी, पानी के जहाज, विमान से या जमीन से भी दागा जा सकता है।

यह रूस की पी-800 ओंकिस क्रूज मिसाइल की प्रौद्योगिकी पर आधारित है।

इस मिसाइल को भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना को सौंप कर सेनाओं की शक्ति बढ़ाई जा चुकी है।

ब्रह्मोस मिसाइल को देश में ही विकसित किया गया है ।

ब्रह्मोस मिसाइल रूस और भारत का संयुक्‍त प्रोजेक्‍ट है इसमें Brah का मतलब है ‘ब्रह्मपुत्र’ और Mos का मतलब ‘मोस्‍कवा’।
 ब्रह्मोस एक सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल है जिसकी गिनती 21वीं सदी की सबसे खतरनाक मिसाइलों में है।
 ब्रह्मोस में रैमजेट इंजन लगा है।
इसकी गति,सटीकता और घातकता बेमिसाल है।
  ब्रह्मोस मिसाइल मैक 3.5 यानी 4,300 किलोमीटर प्रतिघंटा की अधिकतम रफ्तार से उड़ सकती है।