टावर लगाने के नाम पर कहीं आपके साथ भी तो नहीं हो रहा फ्रॉड, टेलीकॉम इंडस्ट्री ने दी चेतावनी

टेलीकॉम इंडस्ट्री की बड़ी कंपनियां इस महीने 5G ऑक्शन की तैयारी में लगी हैं, लेकिन लेटेस्ट टेक्नोलॉजी रोलआउट से पहले ही कई स्थानों पर टावर लगाने के फ्रॉड मामले सामने आये हैं। इंडस्ट्री स्टेकहोल्डर्स द्वारा चेतावनी दी गई है कि यदि मोबाइल टावर लगाने के नाम पर कोई आपसे संपर्क करे, तो आंख मूंद कर विश्वास करने से बचें।

नई दिल्ली, डेस्क रिपोर्ट। सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (COAI) और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोवइडर्स एसोसिएशन (DIPA) के अनुसार लोगों को फेक टावर इंस्टॉलेशन फ्रॉड से सावधान रहने की आवश्यकता है।लोगों को ऐसी फ्रॉड कंपनियों, एजेंसियों और लोगों से बचकर रहने का सुझाव दिया गया है, जो उनकी प्रॉपर्टी पर टावर लगाने का लालच देते हैं और बदले में सरकारी टैक्स या अन्य फंड के नाम पर लोगों से कंपनी के या फिर पर्सनल अकाउंट में मोटी रकम ट्रांसफर करवा लेते हैं और फिर गायब हो जाते हैं।

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आपको बता दें कि, भारत में मोबाइल टावर इंस्टॉलेशन का काम टेलिकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स (TSP) या फिर इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोवाइडर्स (IP) के द्वारा किया जाता है। जिनमें इंडस टावर्स, अमेरिकन टावर कॉर्पोरेशन, एसेंड टेलिकॉम, समिट डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और टावर विजन जैसे नाम शामिल हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार भारत में वर्तमान में लगभग 7लाख या उससे अधिक मोबाइल टावर इंस्टॉल किए जा चुके हैं। यह बात अलग है, कि 5G कनेक्टिविटी रोलआउट करने के लिए वित्तीय वर्ष 2024 तक टावर की संख्या 15 लाख तक बढ़ानी होगी।

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DIPA के DG टीआर दुआ के अनुसार, “इन फ्रॉड्स से लोगों को बचाने और सतर्क करने के लिए IPS जागरूक कदम उठा रही है, साथ ही टोल-फ्री नंबर, वेबसाइट या ईमेल जैसे अलग-अलग चैनल्स के माध्यम से इनसे जुड़ी जानकारी और डाटा जुटा रही है।” इंडस्ट्री बॉडीज ने स्पष्ट बताया है कि लोगों को टावर इंस्टॉलेशन से जुड़े प्रपोजल एक्सेप्ट करने से पहले TSP या IP की वेबसाइट पर प्रपोजल देने वाले की पहचान वेरिफाइ कर लेनी चाहिए। यह छोटी सी सावधानी आपको बड़े नुकसान से बचा सकती है।