बिहार के जमुई में नहीं है सोने की सबसे बड़ी खदान, GSI ने कही यह बात, जाने क्या है सच  

कुछ दिनों से बिहार के जमुई जिलें में 222.8 मिलियन टन वाले सोने की खदान की खबर सामने आई। सोशल मीडिया पर भी लोग इस खदान को KGF से तुलना करने लगे। लेकिन अब Geological Survey of India ने इस बात को झूठा करार कर दिया है।

पटना, डेस्क रिपोर्ट। Gold mine in Bihar’s Jamui:- कुछ दिनों से बिहार के जमुई जिलें में 222.8 मिलियन टन वाले सोने की खदान की खबर सामने आई। सोशल मीडिया पर भी लोग इस खदान को KGF से तुलना करने लगे। लेकिन अब Geological Survey of India ने इस बात को झूठा करार कर दिया है। मंगलवार को टीओआई में छपी रिपोर्ट के मुताबिक जीएसआई का यह कहना है की यह खबर सच्ची नहीं है। हालांकि जमुई की धरती मिनरल से भरपूर है, लेकिन वहाँ किसी प्रकार के सोने के भंडार को नहीं ढूंढ़ा गया है। जीएसआई 2016 से ही जमुई में आयरन ऑर ढूँढने का काम रही है और 2012-13 तक इस जगह पर सोना ढूँढने का भी प्रयास किया गया, लेकिन जीएसआई की कोई रिपोर्ट इस बात का दावा नहीं करता की जमुई में 222.8 मिलियन टन सोना पाया गया है।

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इस जगह पर भी सोना मिलने की खबर झूठी

मीडिया से खास बातचीत ने दौरान जीएसआई ने यह खुलासा भी किया की उड़ीसा के बारगढ़ जिले में भी किसी प्रकार का स्वर्ण भंडार नहीं पाया गया है। मीडिया द्वारा फैलाई गई यह खबर भी जमुई की तरह ही झूठी है। हालांकि इस जगह पर जीएसआई की टीम ने 2001-02, 2019-20 और 2021-22 को यहाँ हीरे की खोज की थी। आंध्र प्रदेश के निलोर में भी सोने का कोई भंडार नहीं पाया गया, यहाँ 2021 में सिर्फ धातुओं की खोज की गई थी।

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जीएसआई ने की मीडिया से यह अपील

क्योंकि अब तक कई ऐसी खबरें है, जो स्वर्ण भंडार का दावा करके लोगों में झूठी खबर फैला चुके है। इसी मुद्दे को मद्देनजर रखते हुए जीएसआई के वरिष्ट अधकारी ने मीडिया से अपील की है की, ” इस प्रकार की कोई नाजायज, भ्रामिक और बिना कोई सबूत वाली खबर जीएसआई के हवाले पब्लिश ना करे।” यह बयान भी दिया की इन खबरों से आमजन में झूठी उम्मीद पैदा होती है और वो उत्सुक होते, जो खनिज उद्योग पर बुरा असर डाल सकता है।