अतिवृष्टि प्रभावित क्षेत्रों में मदद के लिए केंद्रीय मंत्री नरेंद्र तोमर ने वीसी के जरिए की बैठक, प्रशासन को दिए निर्देश

नई दिल्ली, डेस्क रिपोर्ट। केद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने बुधवार को श्योपुर-मुरैना तथा आसपास के क्षेत्रों में अतिवर्षा की स्थितियों को लेकर वीडियो कांफ्रेंसिंग से बैठक कर विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने कलेक्टर व एसपी सहित अन्य अधिकारियों से कहा कि अतिवर्षा से प्रभावित परिवारों को तत्काल हरसंभव राहत पहुंचाना सुनिश्चित करें। साथ ही बैठक में शामिल क्षेत्र के विधायकों तथा अन्य जनप्रतिनिधियों एवं मंडल अध्यक्ष सहित प्रमुख पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं से कहा कि वे सभी प्रभावित परिवारों की मदद के लिए जी-जान से जुटें तथा दिन-रात चौकन्ने रहें।

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नरेंद्र तोमर ने कहा कि स्थानीय स्तर पर बेहतर समन्वय, तालमेल व मुस्तैदी के कारण यह संतोषजनक बात है कि इस प्रतिकूल परिस्थिति में जनहानि का कोई समाचार नहीं है। श्योपुर में संचार सेवाएं सामान्य करने के लिए उन्होने केंद्रीय संचार मंत्री अश्विनी वैष्णव से चर्चा की तथा बिजली बहाली के लिए भी अधिकारियों से कहा है। बैठक में मंत्री नरेंद्र तोमर ने कहा कि जनता पर कोई भी तकलीफ आए तो उन्हें राहत पहुंचाने के लिए हमारी सहभागिता पहली प्राथमिकता होना चाहिए। कलेक्टर व एसपी ने उन्हें बताया कि अतिवर्षा के कारण फंसे लोगों को रेस्क्यू किया जा रहा है, पशुओं को भी बचाया जा रहा है। नरेंद्र तोमर ने कहा कि यह भी ध्यान रखा जाए कि इस स्थिति में क्षेत्र में कोई बीमारी नहीं फैले क्योंकि कोरोना का संकट भी अभी टला नहीं है। प्रशासन अपने स्तर पर पंचायतों के माध्यम से भोजन इत्यादि की व्यवस्था कर रहा है, कार्यकर्ताओं की भी जिम्मेदारी है कि वे सामाजिक संस्थाओं की मदद से भोजन के साथ पीने का साफ पानी भी प्रभावित परिवारों को उपलब्ध कराने की व्यवस्था करें। उन्होने बताया कि सेना द्वारा मदद के लिए रक्षा मंत्रालय में बात की है। अतिवर्षा से श्योपुर ज्यादा प्रभावित है, जहां संचार व बिजली सेवाओं की बहाली के लिए केंद्र व राज्य स्तर पर उन्होंने चर्चा की है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि क्षेत्र की नदियों का जलस्तर बढ़ने पर अभी तक अप्रभावित क्षेत्रों में स्थिति नहीं बिगड़े, यह ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि लोगों से व्यक्तिगत रूप से संपर्क में रहें। साथ ही प्रशासन के साथ सहभागी बनकर मैदानी स्तर पर भी हरसंभव सहायता के लिए कहा। तोमर ने कहा कि ऐसी विकट स्थिति में सभी का यह फर्ज है कि पड़ोसी जिलों से भी सहायता सामग्री पहुंचाई जाएं। शहरों से ग्रामीण क्षेत्रों तक कैसे मदद पहुंचा सकते हैं, यह चिंता की जाए। गांवों में संपर्क बनाए रखे तथा सामाजिक भूमिका का निर्वाह करें। नदी किनारें के गांवों तथा भीतरी गांवों में विशेष रूप से फोकस करने की जरूरत है। एनडीआरएफ व एसडीआरएफ की टीमें लगातार काम कर रही है, जिनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर मदद की जाए।