हम भारत के वासी…

90

गणतंत्र दिवस विशेष। रविवार को हम अपना 71वां गणतंत्र दिवस समारोह मनाने जा रहे हैं, उससे पहले आईये आज जानते हैं संविधान अंगीकार होने वाले इस विशेष दिन से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण रोचक तथ्य…

हमारा संविधान 26 नवंबर 1949 को बनकर तैयार हो गया था लेकिन 26 जनवरी का दिन चुनने के पीछे खास वजह थी। दरअसल 26 जनवरी 1930 को कांग्रेस के लाहौर अधिवेशन में इसी दिन भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने पहली बार भारत को पूर्ण स्वराज घोषित किया था। यही वजह रही कि 26 जनवरी 1950 को देश में संविधान लागू किया गया।

संविधान निर्माण के लिये 22 समितियों का गठन किया गया था जिनमें प्रारूप समिति (Drafting committee) सबसे महत्त्वपूर्ण थी, इसके ज़िम्मे ‘संविधान लिखना‘ या संविधान का ‘निर्माण करना‘ था। प्रारूप समिति के अध्यक्ष डॉ. भीमराव अंबेडकर थे। संविधान लेखन या निर्माण के दौरान इसमें कई बार बदलाव व सुधार किये गये। इसपर लंबी बहस और विचार होता था और अंतत: कई परिवर्तन व सुधार के बाद सभी समितियों के 308 सदस्यों ने संविधान की दो हस्तलिखित प्रतियों पर हस्ताक्षर किये। भारतीय संविधान विश्व का सबसे बड़ा लिखित संविधान है जिसमें 444 आर्टिकल 22 भाग व 12 शेड्यूल हैं।

हमारे यहां गणतंत्र दिवस समारोह तीन दिन तक मनाया जाता है जिसकी शुरूआत 26 जनवरी को होती है व ये 29 जनवरी को समापन होता है। समापन अवसर पर दिल्ली के विजय चौक पर बीटिंग रिट्रीट समारोह होता है जिसमें तीनों सेनाओं के बैंड अपना प्रदर्शन करते हैं। खास बात ये है कि गणतंत्र दिवस समारोह में एक अंग्रेज़ी गीत Abide With Me भी गाया जाता है जो गांधीजी को अतिप्रिय था।

26 जनवरी 1950 को गणतंत्र दिवस की पहली परेड राजपथ पर नहीं बल्कि इर्विन स्टेडियम (नेशनल स्टेडियम) में हुई थी। अब ये परेड राजपथ पर होती है, रायसीना हिल से शुरू होकर परेड राजपथ पर पहुंचती है और इंडिया गेट होते हुए लाल किले पर समाप्त होती है। इस दौरान परेड कुल आठ किलोमीटर का रास्ता तय करती है।

गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रगान के दौरान पूरे 21 तोपों की सलामी दी जाती है। राष्ट्रगान प्रारंभ होते ही सलामी की शुरूआत हो जाती है और 52 सेकेंड में राष्ट्रगान पूर्ण होने तक लगातार 21 तोपों की सलामी दी जाती है। गणतंत्र दिवस पर विशेष आकर्षण होता है बहादुर बच्चों को पुरस्कृत किया जाना, इस परंपरा की शुरूआत 26 जनवरी 1957 में हुई थी और इस समारोह में 16 साल से कम आयु के बच्चों को बहादुरी के लिये सम्मानित किया जाता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here