मोदी सरकार के राहत पैकेज में किसान-कर्मचारियों और महिलाओं को क्या क्या मिला

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नई दिल्ली।

देश में फैले कोरोना वायरस संकट के लिए मोदी सरकार ने गुरुवार को कई बडे ऐलान किया है। सरकार ने 1 लाख 70 हजार करोड़ के राहत पैकेज की घोषणा कर दी है। मोदी सरकार ने किसानों से लेकर कर्मचारियों तक बड़े ऐलान किए है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राहत पैकेज की घोषणा करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत देश के 80 करोड लोगों के लिए अनाज की व्यवस्था की जाएगी। जिस में प्रति व्यक्ति को 5 किलो गेहूं और 5 किलो चावल अगले 3 महीने तक अतिरिक्त मिलेंगे। इसके साथ ही क्षेत्र के हिसाब से 1 किलो दाल की व्यवस्था भी की जाएगी।

किसानों और मनरेगा के लिए क्या खास

वित्तमंत्री ने किसानों को लेकर भी बड़ी घोषणाएं की। उन्होंने कहा कि अप्रैल के पहले हफ्ते में उनके खातों में 2 हजार की किश्त डाल दी जाएगी। 8 करोड़ 70 लाख किसानों को इसका लाभ मिलेगा।वित्त मंत्री ने कहा कि किसानों को सालाना 6 हजार रुपये पीएम किसान सम्मान निधि के तहत मिलते हैं, हम इसकी पहली किस्त अप्रैल के पहले हफ्ते किसानों को देंगे। इसका 8.69 करोड़ किसानों को इसका फायदा मिलेगा।

मनरेगा मजदूरों की राशि बढाई

वित्तमंत्री ने बताया कि मनरेगा के मजदूरों को मिलने वाली राशि को भी बढ़ाया जाएगा। इससे देश के पांच करोड़ परिवार को लाभ मिलेगा। हर मजदूर को 2 हजार रुपए ज्यादा का लाभ मिलेगा।वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि जो लोग ग्रामीण इलाकों में मनरेगा के तहत मजदूरी करते हैं, इनकी दिहाड़ी 182 रुपये से बढ़ाकर 202 रुपये कर दी गई है। प्रति मजदूर को करीब दो हजार रुपये की अतिरिक्त कमाई होगी। इसका फायदा 5 करोड़ मजदूरों को मिलेगा।

सरकार की इन योजनाओं का भी मिलेगा लाभ

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत किसी गरीब को भूखा नहीं रहने दिया जाएगा। अभी 80 करोड़ लाभार्थियों को हर महीने 5 किलो गेहूं या चावल प्रति व्यक्ति मुफ्त मिलता है। अगले तीन महीने तक इन्हें अतिरिक्त 5 किलो प्रति व्यक्ति गेहूं या चाव दिया जाएगा। प्रति परिवार एक किलो दाल भी दिया जाएगा। दाल क्षेत्र के मुताबिक लोगों की पसंद का दिया जाएगा।निर्मला सीतारमण ने कहा कि इस योजना के तहत किसानों, मनरेगा, गरीब विधवा, गरीब पेंशनधारी और दिव्यांगों, और जनधन अकाउंट धारी महिलाओं, उज्ज्वला योजना की लाभार्थी महिलाएं, स्वंय सेवा समूहों की महिलाओं और संगठित क्षेत्र के कर्मचारियों, कंस्ट्रक्शन से जुड़े मजदूरों को मदद दी जाएगी।

कर्मचारियों के लिए किए ये बडे ऐलान

संगठित क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए दो घोषणाएं की गई हैं। इपीएफ की 24% रकम अगले 3 महीने तक सरकार ही देगी। ये 100 कर्मचारियों तक के संस्थानों के लिए होगा, जिसमें 90% कर्मचारियों की औसत आमदनी 15000 प्रतिमाह है। इससे 80 लाख कर्मचारियों और 4 लाख कंपनियों को इसका फायदा होगा। इसके साथ ही कोरोना से लड़ रहे कर्मचारियों का 50 लाख का मेडिकल बीमा करने की घोषणा भी की है।तीन महीने के लिए प्रत्येक स्वास्थ्यकर्मी के लिए 50 लाख रुपये का बीमा कवर होगा। सफाई कर्मचारी, वार्ड-बॉय, नर्स, पैरामेडिक्स, तकनीशियन, डॉक्टर और विशेषज्ञ और अन्य स्वास्थ्य एक विशेष बीमा योजना से आच्छादित होंगे। कोई भी स्वास्थ्य पेशेवर जो कोविद -19 रोगियों का इलाज करते समय किसी दुर्घटना से मिलता है, तब वह / वह होगा। योजना के तहत 50 लाख रुपये की राशि के साथ मुआवजा दिया गया, “सरकारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है।

महिलाओं के लिए क्या

सीतारमण ने कहा कि 20 करोड़ जनधन खाताधारक महिलाओं को 500 रुपये प्रति महीने अगले तीन महीनों तक मिलते रहेंगे। इसका 20 करोड़ महिलाओं को फायदा मिलेगा। तीन महीने में इन्हें कुल 15 सौ रुपये की मदद मिलेगी। वित्त मंत्री ने कहा कि उज्ज्वला योजना के तहत गरीब महिलाओं को सिलेंडर दिए गए हैं। 8 करोड़ महिलाओं को इससे धुएं से मुक्ति मली है। इस मुश्किल घड़ी में उनके लिए तीन महीने तक मुफ्त सिलेंडर दिया जाएगा। इससे 8.3 करोड़ बीपीएल परिवारों को फायदा होगा।महिलाओं के स्वंय सेवा समूह 63 लाख हैं, 7 करोड़ परिवार इससे जुड़े हैं। इन्हें 10 लाख रुपये तक गारंटी के बिना लोन मिलता था अब इसे बढ़ाकर 20 लाख रुपये कर दिया गया है। उज्ज्वला योजना के तहत 8 करोड़ महिला लाभार्थियों को लाभ मिलेगा।

गरीब, विधवा और दिव्यांगों को एक-एक हजार

वित्त मंत्री ने कहा कि गरीब बुजुर्गों, गरीब विधवा और गरीब दिव्यांगों को दो किस्तों में अतिरिक्त एक हजार रुपये दिए जाएंगे, अगले तीन महीनों में। इससे 3 करोड़ बुुजुर्गों, विधवा महिलाओं और दिव्यांगों को फायदा होगा। यह डीबीटी के जरिए उनके खातों में जाएगा।

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