नीमच। मध्य प्रदेश के नीमच जिले में शुक्रवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पुलिस महकमे को शर्मसार कर दिया। जावद थाने में तैनात एक सहायक उप निरीक्षक (ASI) ने शराब के नशे में अपनी तेज रफ्तार कार से एक के बाद एक कई गाड़ियों को रौंद दिया। इस भयावह घटना में एक शिक्षक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो मासूम बच्चों सहित चार अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
यह घटना नीमच के भरभड़िया घाटी के पास हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जावद थाने में पदस्थ एएसआई मनोज यादव अपनी कार तेज रफ्तार से चला रहा था। कार अनियंत्रित होकर कई बाइक सवारों को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी भीषण थी कि ज्ञानोदय आईटीआई कॉलेज के शिक्षक दशरथ सिंह की घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
कार बनी थी बार
हादसे के बाद जब स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे तो उन्होंने देखा कि एएसआई मनोज यादव बुरी तरह नशे में धुत था और ठीक से खड़ा भी नहीं हो पा रहा था। गुस्साई भीड़ ने जब उसकी कार की तलाशी ली तो अंदर से शराब की एक बोतल और एक खाली ग्लास मिला। इससे साफ है कि पुलिसकर्मी ड्यूटी के दौरान अपनी कार को ही ‘बार’ बनाकर चल रहा था। क्षतिग्रस्त कार सड़क किनारे पड़ी थी और उससे शराब की तेज बदबू आ रही थी।
हादसे में घायल हुए चार लोगों में दो छोटे बच्चे भी शामिल हैं, जिनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। सभी घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना की खबर फैलते ही मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई और लोगों ने जमकर हंगामा किया। उनका गुस्सा इस बात पर था कि जिन पुलिसवालों पर सुरक्षा की जिम्मेदारी है, वही नशे में लोगों की जान ले रहे हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और किसी तरह भीड़ को शांत कराया। इस घटना ने पुलिस की कार्यप्रणाली और अनुशासन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह हादसा नशे में ड्राइविंग के जानलेवा परिणामों का एक और भयावह उदाहरण है, जो तब और भी गंभीर हो जाता है जब कानून का रखवाला ही कानून तोड़ता है।
घटना का वीडियो
नीमच से कमलेश सारडा की रिपोर्ट





