कमलनाथ सरकार का एक और मास्टरस्ट्रोक…अब आदिवासियों के लिए किया ये बड़ा ऐलान

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उमरिया। लोकसभा चुनाव से पहले कमलनाथ सरकार एक के बाद एक बड़े ऐलान करती जा रही है। पंचायतों प्रतिनिधियों की विवेकाधीन निधि बढ़ाने के बाद कमलनाथ सरकार ने  कोल समाज  को विशेष पिछड़ी जनजाति में शामिल करने की घोषणा की है। नाथ ने कहा है कि राज्य सरकार कोल जनजाति को विशेष पिछड़ी जनजाति घोषित करने की अनुशंसा करेगी। इस घोषणा के बाद कमलनाथ सरकार एक और वादा पूरा करने जा रही है। कमलनाथ के इस ऐलान के बाद कांग्रेस को विंध्य में बड़ा सपोर्ट मिलने वाला है। चुंकी विधानसभा चुनाव में प्रदेश में सरकार बनाने  के बावजूद विंध्य में कांग्रेस को बड़ी हार का सामना करना पड़ा।कई दिग्गज नेता को यहां बीजेपी से शिकस्त मिली।माना जा रहा है कि इसी की भरपाई के लिए सरकार द्वारा यह घोषणा की गई है।

दरअसल,मुख्यमंत्री कमलनाथ रविवार को उमरिया में बांधवगढ़ शबरी कोल महाकुंभ में शामिल होने पहुंचे थे जहां सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज हमारे प्रदेश की पहचान है। इनका सर्वांगीण विकास सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल है। हम प्रदेश के विकास का एक ऐसा रोडमेप तैयार कर रहे हैं, जिसमें समाज के सभी वर्गों के कल्याण की योजनाएँ शामिल होंगी।इस दौरान उन्होंने  प्रदेश में कोल विकास प्राधिकरण बनाने और कोल जनजाति को विशेष पिछड़ी जनजाति घोषित करने के लिये केन्द्र सरकार को प्रस्ताव भेजने की घोषणा की।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कोल जनजाति को विशेष पिछड़ी जनजाति घोषित करने की अनुशंसा करेगी  कोल समाज को मुख्य-धारा में लाने के लिये और विशेषकर युवाओं और महिलाओं की तरक्की के लिये हम वचनबद्ध हैं। इस दौरान मुख्यमंत्री के कोल समाज के शबरी महाकुंभ पहुंचने पर परंपरागत तरीके से स्वागत किया गया। उन्हें प्रतीक स्वरूप शबरी के झूठे बेर भी खिलाये गये और माता शबरी का आदमकद छायाचित्र भेंट किया गया। 

हर वचन को करेंगें पूरा

मुख्यमंत्री  नाथ ने कहा कि हमारा वचन-पत्र सरकार का काम करने का मुख्य एजेंडा है। वचन-पत्र में प्रदेश के विकास के साथ किसानों, नौजवानों, कमजोर वर्गों, पिछड़ों और गरीबों के आर्थिक उत्थान का वादा है। हम इस वचन-पत्र की सभी चुनौतियों से निपटते हुए इसे पूरा करेंगे और प्रदेश में विकास का एक नया इतिहास बनायेंगे। उन्होंने कहा कि हमारा आज का आदिवासी युवा आगे बढ़ने के लिये तत्पर है। सरकार इन युवाओं को काम करने के बेहतर अवसर उपलब्ध करवाने का प्रयास कर रही है। प्रदेश में निवेश और औद्योगीकरण का जाल बिछाकर हर बेरोजगार को रोजगार देने की सुनियोजित योजना बना रहे हैं। युवाओं को प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ने के लिये बड़े पैमाने पर मुख्यमंत्री युवा स्वाभिमान योजना में प्रशिक्षण देने का अभियान चला रहे हैं।

गौरतलब है कि  मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के बाद सरकार भले ही कांग्रेस ने बनाई थी लेकिन विंध्य इलाके में बीजेपी ने उसे करारी मात दी थी।कभी देश के दिग्गज अर्जुन सिंह के कब्जे वाली इस सीट पर बीते डेढ़ दशक से बीजेपी का भगवा लहरा रहा है। सतना लोकसभा में आने वाली सात विधानसभा सीटों में से पांच पर बीजेपी और दो पर कांग्रेस का कब्जा है। 2014 के चुनाव में बीजेपी के गणेश सिंह ने अर्जुन सिंह के बेटे अजय सिंह को हराया था। इस चुनाव में गणेश सिंह को 3,75,288 वोट मिले थे तो वहीं कांग्रेस के अजय सिंह को 3,66,600 वोट मिले थे, यानि की अजय सिंह की 8,688 वोटों से हार हुई थी कांग्रेस ने अब यहां दोबारा कब्जा जमाने के प्लान पर काम तेज कर दिया है। इसी के चलते यह बड़ा ऐलान किया गया है।यहां अनुसूचित जाति के 1 लाख 47 हजार और अनुसूचित जन जाति के 1 लाख 37 हजार वोटर्स है जिसे कमलनाथ सरकार द्वारा साधने की कोशिश की गई है।

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