एमपी में यहां मॉक पोल से पहले ही करवा दी वोटिंग.. अब लोगों को ढूंढ रहे अफसर

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विदिशा।

मध्यप्रदेश में तीसरे चरण के लिए आठ सीटों पर वोटिंग जारी है।इसी बीच विदिशा से अधिकारियों की बड़ी लापरवाही सामने आई है।बताया जा रहा है कि विदिशा लोकसभा सीट पर अधिकारियों ने मॉक पोल से पहले ही लोगों से मतदान करवा लिए और अब उन लोगों की तलाश कर उन्हें वापस बुलाया जा रहा है, ताकी वे सही ईवीएम मशीन पर वोट कर सके।

दरअसल, आज लोकसभा चुनाव के दौरान विदिशा के दुर्गा नगर के मतदान केंद्र क्रमांक 213 में बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहां मॉक पोल के पहले ही 12 लोगों से मतदान करा दिए गए। हैरानी की बात तो ये है कि लोग अपने वोट डालकर चले भी गए।खास बात ये है कि इस दौरान केंद्र में पीठासीन सहित कई अधिकारी मौजूद थे, बावजूद इसके लगभग 12 वोटर बिना मॉक पोल के ही ईवीएम में अपना मत डाल कर चले गए ।हालांकि गलती का पता चलने पर फिर से लोगों को बुलाया गया लेकिन सिर्फ 8 मतदाता ही वापस आकर फिर से मतदान किया। लेकिन बाकी बचे लोग नहीं आ सके। इस अव्यस्था के चलते मतदानकेंद्र में 45 मिनट तक वोटिंग बंद रही है।

शिवराज ने भी पत्नी और बेटों के साथ डाला वोट

पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विदिशा लोकसभा की बुधनी विधानसभा में अपने गृह ग्राम जैत में मतदान किया। शिवराज सिंह चौहान मतदान केंद्र क्रमांक 24 पर परिवार सहित पहुंचे । साधना सिंह कार्तिकेय ओर कुणाल ने भी किया मतदान। कुलदेवी की पूजा अर्चना के बाद शिवराज सिंह चौहान ने मतदान किया ।

गौरतलब है कि चुनाव से पहले नियुक्त मतदान दलों के पीठासीन अधिकारियों को अपने-अपने मतदान केन्द्र में वास्तविक मतदान प्रारंभ करने के एक घंटे पहले मॉक पोल (दिखावटी मतदान) कराना होता है। यदि मॉक पोल के समय कोई भी मतदान अभिकर्ता उपस्थित न हो अथवा एक अभ्यर्थी का ही मतदान अभिकर्ता मौजूद हो तब ऐसी स्थित में पीठासीन अधिकारी दिखावटी मतदान शुरू करने के लिए 15 मिनट प्रतीक्षा कर सकते हैं। यदि इसके बावजूद भी एक ही मतदान अभिकर्ता मौजूद हो, तब ऐसी स्थिति में मॉक पोल प्रारंभ किया जा सकेगा। मॉक पोल में यह सुनिश्चित करना होता है कि मतदान कोष्ठ में सभी अभ्यर्थियों के लिए मत डाले गए हैं।इसके बाद वास्तविक वोटिंग शुरु की जाती है।