गर्मियों में बच्चों के सिर में फोड़े- फुंसियों से कैसे पाए निजात

डेस्क रिपोर्ट। गर्मी में एक आम समस्या से अक्सर छोटे बच्चों के माता पिता को जूझना पड़ता है और वो परेशानी है बच्चों के सिर में खुजली, इरिटेशन, फुंसी-फोड़े की समस्या जो अक्सर बच्चों के साथ साथ पेरेंट्स के लिए भी तकलीफदेह बन जाती है, ऐसे में बच्चों के सिर की साफ-सफाई और उनके बालों की ठीक तरीके से देखभाल ना करने से उनकी परेशानी बहुत अधिक बढ़ सकती है। बच्चों को इन समस्याओं से बचाने के लिए क्या करना चाहिए और क्या है बच्चों के बालों की देखभाल का सही तरीका, हम आपको बतायेगें।

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सबसे पहले गर्मियों में बच्चों के बालों को क्लीन और हेल्दी रखने के लिए उन्हें शैम्पू और पानी से साफ करना सबसे बेसिक और सबसे जरूरी उपाय है। बच्चों के बालों को हफ्ते में काम से काम तीन बार धोएं,  चूंकि बच्चों के स्कैल्प की स्किन और बाल बड़ों की तुलना में अधिक सौम्य होते हैं इसीलिए, बच्चों के लिए ऐसा शैम्पू चुनें जिसमें केमिकल और सोडे की मात्रा बेहद कम हो। ऐसे शैम्पू का चयन करें जिसमें सोडियम साइट्रेट हो। हो सके तो बच्चों के लिए हर्बल या होममेड शैम्पू का इस्तेमाल करें। वही अगर बच्चे के बाल छोटे है तो रोज नहलाने के दौरान बालों को गीला किया जा सकता है, लेकिन बड़े बालों को हफ्ते में कम से कम तीन बार तो जरूर धोएं, हेडवॉश के बाद बच्चों के सिर को कभी भी तौलिए से रगड़-रगड़कर ना सुखाएं। इससे बाल बिखरे-बिखरे और कमजोर हो सकते हैं। नतीजतन बाल टूटकर गिर सकते हैं। बल्कि, हल्के हाथों से बालों पर तौलिए से थपथपाएं और बालों को नेचुरली सूखने दें।

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गीले बालों में कभी भी कंघी ना करें, बच्चों के बालों पर हेयर ड्रायर  का प्रयोग भूलकर भी ना करें। गीले बालों पर ब्लो ड्रायर या हेयर ड्रायर का इस्तेमाल करने से बालों का टेक्स्चर बिगड़ सकता है और वे बहुत अधिक ड्राई बन सकते हैं।
बच्चों के बाल अगर लंबे है तो उन्हे अच्छी तरह सुखाए उसके बाद ही उनमें कंघी करें और बांधे। बच्चों के बालों में मालिश जरूर करें, बालों को ड्राइ न रखे,  बच्चों के बालों और सिर की मसाज करने के लिए हमेशा नेचुरल हेयर ऑयल का इस्तेमाल करें। इसके लिए ऑलिव ऑयल या नारियल के तेल का इस्तेमाल कर सकते हैं। नेचुरल और विटामिन ई से भरपूर होने के कारण तेलों की ये वेरायटीज बच्चों के बालों के लिए परफेक्ट साबित हो सकती हैं।

साथ ही ऑलिव ऑयल और नारियल का तेल धूप से होने वाले डैमेज से भी बालों को सुरक्षित रखती हैं। हल्के हाथों से मालिश करें ना कि जोरदार तरीके से, इससे बाल टूटने की संभावना रहती है। वही अगर बच्चों के सिर में फोड़े या फुंसी नजर आते है तो नीम की पत्तियों के पानी से सिर धोएं, इसके साथ ही सिर में फुंसी पर शहद लगाने से आराम मिल सकता है। शहद नैचुरल एंटीसेप्टिक का काम करता है। अगर फुंसियों में जलन हो रही है तो इन्हें मुलेठी और नागरमोथ के ठंडे पानी से धोएं।

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हल्‍दी के पाउडर को फुंसियों पर लगाने से भी आराम मिलता है। हल्‍दी में एंटीसेप्टिक गुण होते हैं। यदि फुंसियां फट जाती हैं तो इन पर प्‍याज और लहसुन का रस लगाएं। इससे बैक्‍टीरिया खत्‍म होता है और स्किन ठीक होती है। अगर शिशु के सिर पर बहुत सारी फुंसियां हो गई हैं तो गर्मी की वजह से ऐसा हो सकता है। ऐसे में एक्‍स्‍ट्रा वर्जिन कोकोनट ऑयल को फुंसी पर लगाएं। इस ऑयल में एंटीबैक्‍टीरियल और स्किन को मुलायम करने वाले गुण होते हैं जो फुंसी को ठीक करने में मदद करते हैं। इसके बाद भी अगर अगले दो दिनों में फुंसियों या फोड़े ठीक नहीं होते है तो डाक्टर की राय ले।