पानी पानी हुआ ये जिला, 15 हजार से ज्यादा लोग हुए बाढ़ से प्रभावित

देवास, सोमेश उपाध्याय। जिले में लगातार बारिश से नर्मदा नदी उफ़ान पर है।इससे सर्वाधिक प्रभावित नेमावर हुआ है।पूरा क्षेत्र जलमग्न होने से हजारों लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। पुलिस लगातार सक्रिय देखी जा रही है। देवास कलेक्टर चंद्रमौली शुक्ला, पुलिस अधीक्षक डॉ. शिवदयालसिंह एवं खातेगांव विधायक आशीष शर्मा ने नेमावर में नर्मदा नदी के जल स्तर बढ़ने व बाढ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया। इस दौरान एसडीआरएफ की टीम, अन्य जनप्रतिनिधिगण, जिला प्रशासन एवं पुलिस विभाग के अधिकारीगण/कर्मचारीगण मौजूद थे।

किया गया निरीक्षण

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर-एसपी व विधायक ने नाव में बैठकर बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान कलेक्टर ने कहा कि आगामी दो दिन विशेष सावधानी बरतने के हैं। इन दो दिनों में नर्मदा नदी का जल स्तर और बढ़ सकता है। इसलिए हमें और सावधानी बरतना है तथा राहत एवं बचाव कार्य को सतत जारी रखना है। उन्होंने 12 नावों से पेट्रोलिंग करने के निर्देश भी दिए है। पेट्रोलिंग में एसडीआरएफ एवं ट्रेफिक पुलिस व अन्य अधिकारीगण निगरानी रखेंगे। एसडीआरएफ, जिला प्रशासन एवं पुलिस विभाग की टीम मुस्तैदी से तैनात है तथा लगातार राहत एवं बचाव कार्य कर रही है।

पंद्रह हजार लोग हुए बाढ़ से प्रभावित

निरीक्षण के दौरान बताया गया कि अतिवृष्टि के कारण 15 हजार लोग प्रभावित हुए हैं। इसमें कोई भी जनहानि नहीं हुई है। अतिवृष्टि के कारण 230 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं तथा 8 हजार लोगों को भोजन के पैकेट जिला प्रशासन द्वारा प्रदान किए गए हैं। तथा 4 हजार लोगों को सुरक्षित स्थान पर ठहरने की व्यवस्था की गई है। कलेक्टर ने एसडीएम खातेगांव को निर्देश दिए कि वे अतिवृष्टि से नुकसानी का आकंलन तैयार करे। जिससे प्रभावित लोगों को राहत राशि मिल सके। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि बाढ़ से जिन लोगों के कपड़े, राशन बह गए हैं उनका भी आकंलन करें।

कलेक्टर ने दिए एसडीएम को यह निर्देश

कलेक्टर ने एसडीएम खातेगांव को निर्देश दिए कि प्रभावितों को राहत शिविर में ठहराने के दौरान किसी भी प्रकार की तकलीफ ना हो इसका विशेष ध्यान रखा जाएं। उन्होंने शिविर में चिकित्सक की उपस्थिति सुनिश्चित कराते हुए सभी के लिए भोजन, पीने के लिए पानी तथा बिस्तर एवं अन्य वस्त्रों के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए है।

बचाव कार्य में आठ थाने का दल बल है लगा हुआ

पुलिस अधीक्षक डॉ. सिंह ने कहा कि राहत बचाव कार्य में 8 थानों का दल बल लगा हुआ है। इनके साथ एसडीआरएफ की टीम, ग्रामीणजन व करीब 500 से अधिक शासकीय अधिकारी/कर्मचारियों को राहत बचाव कार्य में लगे हुए हैं। इन दलों ने दिन रात रेस्क्यू कर लोगों का सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। उन्होंने पुलिस एवं ट्रेफिक विभाग को निर्देश दिए कि नर्मदा नदी पुल पर आवागमन को एक दो दिन के लिए बंद किया जाए। अतिवृष्टि के कारण पुल क्षतिग्रस्त तो नहीं हुआ है। इसकी जांच कर ही पुल पर आवागमन प्रारंभ किया जाएं। पीड्ल्यूडी विभाग के इंजीनियर पुल की जांच कर पुल पर आवागमन प्रारंभ करें। यातायात विभाग नगर में यातायात को सुचारू करें।

विधायक और जनप्रतिनिधि लगे हुए लोगों के बचाव कार्य में

विधायक आशीष शर्मा, अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं जिला प्रशासन के अधिकारी/कर्मचारीगण नर्मदा नदी के जल स्तर के बढ़ने के बाद से ही दिन रात रेस्क्यू कार्य में लगे रहे हैं। इस दौरान अतिवृष्टि से प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया तथा उनके रहने-खाने पीने की व्यवस्था भी की गई।

25 गांव हुए प्रभावित जिसमें 07 गांव ज्यादा हुए प्रभावित

निरीक्षण के दौरान बताया गया कि जिले में नर्मदा नदी के किनारों वाले 25 गांव प्रभावित हुए है, जिसमें 07 गांव अधिक प्रभावित हुए हैं। जिनमें करोंदमाफी, दैयत, तुरनाल, कुंडगांव खुर्द, कुंडगांव बुजुर्ग, बजवाड़ा, मंडलेश्वर, रवलास है। इन ग्रामों के लोग पानी से घिर जाने के कारण उन सभी को रेस्क्यू आपरेशन करते हुए रेस्यूंड टीम की सहायता से सुरक्षित स्थलों पर लाया गया। प्रशासन द्वारा बाढ पीड़ितों के लिए तमाम बुनियादी आवश्यकताओं की पूर्ति सुनिश्चित कराई गई है।

नर्मदा का जल स्तर देखा

कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक एवं विधायक व अन्य जनप्रतिनिधिगणों ने नर्मदा का जल स्तर देखा। बताया गया कि वर्तमान में करीब 3 फीट से अधिक जल स्तर कम हो गया है। स्थिति सामान्य है।पुलिस अधीक्षक डॉ. सिंह ने नेमावर में एक व्यक्ति जिसे कमर में परेशानी थी उसकी रेस्क्यूकर मदद की तथा उसे नाव द्वारा सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।निरीक्षण उपरांत कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक डॉ सिंह तथा विधायक एवं अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं अधिकारीगण श्री बालमुकुंद सेवाश्रम (अन्न क्षेत्र एवं संस्कृत शिक्षा) ट्रस्ट पहुंचे। वहां उन्होंने विठ्हल महाराज से आशीर्वाद लिया।

बता दें कि मंगलवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जिले में बाढ़ का जायजा लेने और बाढ़ पीड़ितों का हालचाल जानने के लिए आयेंगे।

 

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