इंदौर, आकाश धोलपुरे। सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार करने वाले भ्रष्ट अधिकारियों पर लंबे समय बाद लोकायुक्त पुलिस ने शिकंजा कसा और इंदौर में अधिकारी को हजारों रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ धर लिया। दरअसल, गणेश बाग कॉलोनी इंदौर कि रहने वाली लक्ष्मी सोनी के घर के सामने एमपीईबी ट्रांसफार्म बंद पड़ा था, जिसे शिफ्ट कराने के लिए पोलो ग्राउंड स्थित पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड इंदौर के ऑफिस में शिकायत की गई और बंद पड़े ट्रांसफार्मर की शिफ्टिंग के लिए  774 कृष्णा पैराडाइज एबी रोड के रहने वाले राजेंद्र राठौर ने सहायक यंत्री (उच्च दाब संधारण) मोहन सिकरवार से संपर्क किया।

लेकिन इस कार्य के लिए सहायक यंत्री सिकरवार ने 50 हजार की रिश्वत की मांग कर डाली। जिसके बाद राजेंद्र राठौर नामक युवक ने लोकायुक्त में इसकी शिकायत की। जिसके बाद लोकायुक्त पुलिस इंदौर ने एक योजना बनाई और उसमें सहायक यंत्री फंस गया। 50 हजार रुपए की रिश्वत मांग रहा सहायक यंत्री बातचीत के दौरान आखिरकर 40 हजार रुपये में मान गया। इसके बाद तय समय के मुताबिक बुधवार दोपहर को सहायक यंत्री मोहन सिकरवार को पोलो ग्राउंड स्थित उनके कार्यालय में 40,000 की रिश्वत लेते हुए लोकायुक्त पुलिस ने ट्रेप कर लिया।

लोकायुक्त पुलिस को देखते से ही सहायक यंत्री के होंश उड़ गए और हरे नोटो की चकाचौंध के बीच उसके चेहरे का रंग लाल पीला हो गया। अब लोकायुक्त पुलिस सहायक यंत्री के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण संशोधित अधिनियम 2018 की धारा 7 के तहत कार्रवाई कर रही है।