सरकारी अस्पताल में नहीं हुआ मेडिकल, कई घंटों तक भटकती रही दुष्कर्म पीड़िता

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रायसेन| मध्य प्रदेश में कानून व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं को चुस्त दुरूस्त होने का दावा किया जाता है| लेकिन बार बार संवेदनहीनता की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं| मामला रायसेन जिले से हैं जहां सुल्तानगंज थाना क्षेत्र के एक गांव की विवाहिता के साथ दुष्कर्म मामला सामने आया| पीड़िता मेडिकल के लिए भटकती रही| 

जानकारी के मुताबिक सुल्तानगंज थाना क्षेत्र के एक गांव की एक गरीब महिला के साथ गांव के ही आरोपित वीरेन्द्र राजूपत ने 4-5 दिन तक दुष्कर्म किया, डर के कारण महिला ने बात छुपाई, लेकिन दो दिन पूर्व कीटनाशक दवा पी ली। इस पर इलाज के लिए सागर में भर्ती कराया गया। जब महिला के पति ने जहर पीने की बात पूछी तो उसने पूरा घटनाक्रम बताया। पीड़ित महिला ने शनिवार को पति के साथ सुल्तानगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपित वीरेन्द्र राजपूत के खिलाफ मामला दर्ज किया। साथ ही उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

पीड़िता को लेकर पुलिस जब शनिवार-रविवार रात करीब 2 बजे जिला अस्पताल में मेडिकल कराने के लिए पहुंची तो अस्पताल में कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था। ऐसे में उन्हें सुबह तक इंतजार करना पड़ा। नौ घंटे भटकने के बाद जब रविवार सुबह करीब 10 बजे तक कोई डॉक्टर नहीं मिला तो आखिरकार परेशान होकर पुलिस पीड़िता को भोपाल ले गई।  रायसेन जिला अस्पताल में रात में डॉक्टर नहीं मिलने पर पुलिस ने भोपाल के सुल्तानिया अस्पताल में जाकर पीड़िता का मेडिकल परीक्षण करवाया। पुलिसकर्मियों के अनुसार रात में डॉ. दीपक गुप्ता ड्यूटी पर मौजूद थे, लेकिन उन्होंने मेडिकल करने से इंकार कर दिया। रविवार सुबह डॉ. प्रीतिबाला ने भी पीड़िता का मेडिकल करने से इंकार कर दिया। डॉ. प्रतिबाला का कहना था कि मेरी ड्यूटी नहीं थी। मैं मेडिकल नहीं कर सकती।  मामला सामने आने के बाद सीएमएचओ ने कार्रवाई की बात कही है| 

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