चाणक्य नीति के अनुसार ये 3 तीन तरह के लोग जीवनभर रहते हैं खुश, हर संकट का हंसते हुए करते हैं सामना

Sanjucta Pandit
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Chanakya Niti : आचार्य चाणक्य का योगदान भारतीय इतिहास और संस्कृति में महत्वपूर्ण है और उन्हें “कौटिल्य” के नाम से भी जाना जाता है। वे मौर्य राजवंश के समय के दरबार में अध्यायनकर्ता, आचार्य और चाणक्य उपनाम से मशहूर हुए थे। वे मौर्य साम्राज्य के संस्थापक चंद्रगुप्त मौर्य के प्रमुख सलाहकार भी थे। आचार्य चाणक्य का प्रमुख कार्यक्षेत्र राजनीति और कूटनीति था। उन्होंने ‘अर्थशास्त्र’ (Economics), ‘नीतिशास्त्र’ (Political Science), ‘कूटनीति’ (Strategy), ‘राजधर्म’ (King’s Duty) और ‘धर्मशास्त्र’ (Ethics) जैसे क्षेत्रों में गहरा अध्ययन किया और उनकी विचारधारा आज भी महत्वपूर्ण है। आचार्य चाणक्य ने अपने जीवनकाल में कई महत्वपूर्ण शास्त्रों की रचनाएं की हैं, जिनमें ‘नीति शास्त्र’ महत्वपूर्ण है। नीति शास्त्र उनके विचारों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा था। जिसके अनुसार, ये तीन तरह के लोग अपने जीवन में हर समय खुश रहते हैं और हर संकट का हंसते हुए सामना करते हैं। तो चलिए बताते हैं विस्तार से…

चाणक्य नीति के अनुसार ये 3 तीन तरह के लोग जीवनभर रहते हैं खुश, हर संकट का हंसते हुए करते हैं सामना

समझदार जीवनसाथी

पति-पत्नी का साथ जीवन की सभी चुनौतियों और सुख-दुखों का सामना करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। जब दोनों जीवनसाथी एक-दूसरे के साथ समझदारी, समर्पण और साथीपन के साथ गुजारते हैं तो वे मिलकर मुश्किल समय को भी एक-दूसरे के साथ स्थिरता और समर्थन के साथ दूर कर लेते हैं। एक समझदार और संस्कारी जीवनसाथी का साथ जीवन को ढाल की तरह सहारा देता है। जब दोनों पार्टनर एक-दूसरे से बातचीत करते हुए समस्याओं का सामना करते हैं और सहयोग करते हैं तो उनका रिश्ता और मजबूत होता है। इससे घर के किसी भी क्षेत्र में तीव्रता से विकास होती है। ऐसे में पति या पत्नी दोनों ही ताउम्र सुखी जीवन बिताते हैं।

आज्ञाकारी संतान

संतान का माता-पिता के लिए असीम स्नेह और देखभाल उनके अच्छे आचरण का प्रतीक है। जिन्हें अच्छे संतान का सुख मिलता है वो इस जन्म में स्वर्ग का सुख भोगते हैं। संतान के संस्कार और व्यवहार हर सुख और दुख में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यदि बुढ़ापे में भी आपको आज्ञाकारी संतान का सुख मिल रहा है तो वो व्यक्ति जीवन में कभी दुखी नहीं हो सकता है। बच्चों की सेवा से वो राजा की तरह जीवनयापन करता है।

अच्छी संगत

व्यक्ति का व्यवहार और संगत का असर मनुष्य के जीवन में बड़ी भूमिका निभाते हैं और उनकी सफलता को प्रभावित कर सकते हैं। अच्छे और सज्जन संगती का होना व्यक्ति को प्रेरित करता है, उसके विचारों और क्रियाओं को सकारात्मक दिशा में मोड़ता है। उसे उच्च स्तर पर पहुंचने की प्रेरणा देता है, जिससे वह अपने लक्ष्यों की प्राप्ति में सफल हो सकता है। वहीं, बुरे संगती व्यक्ति की सोच और विचारों को नकारात्मक दिशा में प्रवृत्त करते हैं। उनकी आत्मविश्वास को कम कर सकते हैं। बुरे संगती से मिलने वाला नकारात्मकता और आत्मदोष व्यक्ति की निष्ठा को कमजोर करता है और उसकी सफलता की मार्ग में बाधा डाल सकते हैं।

(Disclaimer: यहां मुहैया सूचना अलग-अलग जानकारियों पर आधारित है। MP Breaking News किसी भी तरह की जानकारी की पुष्टि नहीं करता है।)


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मैं संयुक्ता पंडित वर्ष 2022 से MP Breaking में बतौर सीनियर कंटेंट राइटर काम कर रही हूँ। डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन और बीए की पढ़ाई करने के बाद से ही मुझे पत्रकार बनना था। जिसके लिए मैं लगातार मध्य प्रदेश की ऑनलाइन वेब साइट्स लाइव इंडिया, VIP News Channel, Khabar Bharat में काम किया है। पत्रकारिता लोकतंत्र का अघोषित चौथा स्तंभ माना जाता है। जिसका मुख्य काम है लोगों की बात को सरकार तक पहुंचाना। इसलिए मैं पिछले 5 सालों से इस क्षेत्र में कार्य कर रही हुं।

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