580 साल बाद सदी का सबसे लंबा चंद्र ग्रहण, भारत में दिखेगा नजारा, राशियों पर भी असर

वहीं अमेरिका, आस्ट्रेलिया, पूर्वी एशिया और उत्तरी यूरोप में पूर्ण चंद्र ग्रहण दिखाई देगा।

Lunar Eclipse 2021

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। 5 दिन बाद यानि 19 नवंबर शुक्रवार को सदी का सबसे बड़ा और साल का दूसरा चंद्र ग्रहण (Lunar eclipse 2021) लगने जा रहा है। पूर्णिमा (Full moon day) के दिन लगने वाला यह ग्रहण सुबह 11 बजकर 34 मिनट से शुरु होकर शाम को 5 बजकर 33 मिनट खत्म होगा । खास बात ये है कि 580 साल बाद यह पहला मौका है, जब सदी का सबसे लंबा आंशिक चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। पिछली बार इतना लंबा आंशिक चंद्रग्रहण 18 फरवरी, 1440 को हुआ था और अगली बार इसी तरह की घटना 8 फरवरी, 2669 को देखी जा सकती है।

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यह उपछाया चंद्र ग्रहण होगा, इसे खंडग्रास माना जा रहा है ऐसे में पूर्ण चंद्र ग्रहण लगने पर ही सूतक काल मान्य होता है, चूंकि यह उपछाया चंद्र ग्रहण है इसलिए सूतक काल मान्य नहीं होगा। यह अरुणाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और असम के चरम उत्तर-पूर्वी हिस्सों से चंद्रोदय के ठीक बाद बहुत कम समय के लिए दिखाई देगा।  वहीं अमेरिका, आस्ट्रेलिया, पूर्वी एशिया और उत्तरी यूरोप में पूर्ण चंद्र ग्रहण दिखाई देगा। इस दौरान चंद्रमा सुर्ख लाल हो सकता है।

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी (space agency) NASA ने कहा कि आंशिक चंद्रग्रहण 18 और 19 नवंबर को होगा। इस दौरान पृथ्‍वी की छाया चंद्रमा पर कुछ घंटे तक बनी रहेगी। अगर मौसम ने साथ दिया तो जहां-जहां पर चंद्रमा निकलता है, वहां-वहां पर यह अद्भुत खगोलीय नजारा देखने को मिलेगा। वही पौराणिक कथाओं के अनुसार जब  राहु और केतु चंद्रमा का ग्रास कर लेते हैं, इस स्थिति में कुछ समय के लिए चंद्र पर ग्रहण लग जाता है।

राशियों पर ऐसा रहेगा असर

इस ग्रहण का कई राशियों पर भी बुरा तो कई राशियों (Effect of Lunar Eclipse 2021 on Zodiac Signs) पर अच्छा असर देखने को मिलेगा। इसमें सबसे ज्यादा वृषभ राशि वालों को सावधान रहने की जरुरत है।यह चंद्र ग्रहण कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि पर वृष राशि व कृतिका नक्षत्र में लगेगा। कृतिका नक्षत्र सूर्य देव का नक्षत्र है जबकि वृषभ राशि के स्वामी शुक्र हैं। इस प्रकार यह ग्रहण चंद्रमा, सूर्य और शुक्र ग्रह से संबंधित लोगों पर विशेष रूप से प्रभाव डाल सकता है।

इसके अलावा कर्क, कन्या, तुला, वृश्चिक, धनु, मकर और कुंभ राशि वालों के लिए मिला जुला असर देखने को मिल सकता है।वही चंद्रमा, सूर्य और शुक्र से प्रभावित राशियों को भी ध्यान देना होगा। तुला, कुंभ और मीन राशि वालों के लिए शुभ साबित हो सकता है और करियर में अच्छी सफलता मिलने के आसार रहेंगे। व्यापारी को विशेष लाभ और निवेश करने के लिए भी अच्छा समय है। ग्रहण के दौरान मेष, वृषभ, सिंह और वृश्चिक वालों को सावधान रहना होगा। क्योंकि इन राशि वालों के लिए ग्रहण अच्छा नहीं है।

16 दिन बाद लगेगा सूर्य ग्रहण

सबसे अहम बात ये है कि इस ग्रहण को नग्न आंखों से नहीं देखा जा सकता, जबकी इसे देखने के लिए विशेष  उपकरणों की जरूरत पड़ती है। धार्मिक दृष्टि से उसी ग्रहण का महत्व माना जाता है जिसे खुली आंखों से देखा जा सके।  धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गर्भवती महिलाओं और छोटे बच्चों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। इससे पहले साल का पहला चंद्रग्रहण 26 मई 2021 और सूर्यग्रहण 10 जून 2021 लग चुका है, हालांकि दोनों का भारत (India) में आंशिक असर देखने को मिला था।वही इसके 16 दिन बाद यानि 4 दिसंबर को सूर्य ग्रहण लगेगा।