पितरों के साथ देश के अमर शहीदों और महापुरुषों का भी हो रहा यहां निःशुल्क अर्पण, तर्पण और समर्पण

देवास, सोमेश उपाध्याय। श्राद्ध पक्ष के आरम्भ होते ही जिले के बागली में जटाशंकर तीर्थ पर ब्रह्मलीन सन्त केशवदास महाराज की प्रेरणा से मुकुंदमुनि प.रामाधार द्विवेदी और बद्रीदास महाराज के मार्गदर्शन में निःशुल्क अर्पण,तर्पण व समर्पण कार्यक्रम प.ओमप्रकाश शर्मा(शास्त्री)के आचार्यत्व में किया जा रहा है।

प.शर्मा ने बताया कि आयोजन का यह आठवां साल है । इसमें पितरों के साथ ही देश की रक्षा के लिए शहीद हुए वीर जवानों व राम निर्माण के लिए जान गवा चुके कारसेवकों व महापुरुषों के निमित भी तर्पण किया जा रहा है। शर्मा के अनुसार सनातन धर्म में प्रत्येक इंसान पर पांच प्रकार के ऋण होते हैं। मातृऋण, पितृ ऋण ,देव ऋण कुल के देवों का, चौथा ऋषि ऋण जिनका हमें गोत्र मिला और पांचवां मनुष्य ऋण जो हमारे संगे-संबंधी या जिनसे हमारा लगाव है।

इन ऋणों से मुक्त होने के लिए पितृ पक्ष का ऋषियों ने बहुत महत्व बताया है। पितृ ऋण से मुक्त होने के लिए अपने माता-पिता और परिवार के साथ मित्र व अन्य मृत प्राणियों के निमित्त पितृ पक्ष में जल तर्पण, पिंडदान और अन्य दान का बहुत महत्व है। श्राद्ध पक्ष पितरों को अधिक प्रिय है। ये इस समय पृथ्वी के निकट आते हैं। इन्हें जल तर्पण करने से ये तृप्त हो जाते हैं और प्रसन्ना होकर आशीर्वाद प्रदान करते हैं। कोरोना वायरस से बचाव की सावधानियों को ध्यान में रखते हुए यह आयोजन किया जा रहा है।

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