2025 तक इन राशियों पर रहेगी शनि की कृपा, इस राजयोग से चमकेगा भाग्य, धनलाभ-नौकरी के प्रबल योग, बढ़ेगा मान सम्मान

Pooja Khodani
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grah gochar Rajyog

Kendra Trikon Rajyog 2023 : ज्योतिष शास्त्र में ग्रह-नक्षत्रों की चाल का बेहद खास महत्व है।  हर ग्रह निश्चित समय पर एक राशि से निकलकर दूसरी राशि में प्रवेश करता है। इससे ग्रहों की युति बनती हैं और कई तरह के शुभ-अशुभ योग बनते हैं।  ग्रह-नक्षत्रों की चाल से ही शुभ और अशुभ योगों के निर्माण होते हैं । वर्तमान में शनि देव इस वक्त कुंभ राशि में मौजूद हैं , जिससे त्रिकोण राजयोग का निर्माण हुआ है, जिसका लाभ 3 राशियों को 2025 तक मिलने वाला है।वैदिक ज्योतिष के अनुसार, जिन जातकों की कुंडली में इस राजयोग का निर्माण होता है, उन्हें अनेक क्षेत्र में सफलता प्राप्त हो सकती है,उन्हें सामाजिक मान-सम्मान और प्रतिष्ठा प्राप्त होती है।

ढ़ाई साल में शनि बदलते है अपनी चाल

वैदिक ज्योतिष के अनुसार शनि ग्रह ढाई साल में राशि परिवर्तन करते हैं, इसलिए एक ही राशि में दोबारा आने में शनि को 30 साल का समय लग जाता है। साल 2023 में शनि ने 30 साल बाद अपनी मूल त्रिकोण राशि कुंभ में प्रवेश किया है। शनि कुंभ राशि के स्‍वामी ग्रह हैं, शनि का अपनी ही राशि में कुंभ में संचरण करना केंद्र त्रिकोण राजयोग बना रहा है।शनि 2025 तक कुंभ राशि में ही रहेंगे। इससे 3 राशि वालों के लिए शनि का गोचर और केंद्र त्रिकोण राजयोग बहुत लाभदायी है।वही इन 3 राशियों को शश राजयोग का भी लाभ मिलेगा।शनि कुंभ राशि में 03 नवंबर 2023 तक रहेंगे फिर इसके बाद मार्गी हो जाएंगे। शनि के अपनी स्वयं की राशि में मौजूद होने पर और वक्री चाल से कई राशियों को लाभ मिलेगा।

कुंडली में ऐसे बनता है केन्द्र त्रिकोण राजयोग

ज्योतिष में यह योग बेहद शुभ माना जाता है। खास बात ये है कि कई सालों बाद एक राशि में शुक्र मंगल और बुध के होने के चलते केंद्र त्रिकोण राजयोग बनने वाला है। ज्योतिष के अनुसार, जब कुंडली में जब 3 केंद्र भाव जैसे 3, 4, 7 10 त्रिकोण भाव जैसे 1, 5, 9 आपस में युति निर्मित करते हैं अथवा दृष्टि संबंध और राशि परिवर्तन करते हैं, तब केंद्र त्रिकोण राजयोग का निर्माण होता है। केंद्र त्रिकोण राजयोग में यदि नवम भाव उच्च का हो तो जातकों के लिए शुभ लक्ष्मी योग का निर्माण होता है। इससे धन निवेश, स्वास्थ्य लाभ, नौकरी प्रतिष्ठा का लाभ मिलता है।

कैसे बनता है शश राजयोग

ज्योतिष के अनुसार, शश योग कुंडली में शनि ग्रह की विशेष स्थिति के कारण बनता है। यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में लग्न या चंद्रमा से पहले, चौथे, सातवें और दसवें घर में शनि अपने स्वयं की राशि मकर, कुंभ में या उच्च राशि तुला में मौजूद होता है तब शश योग बनता है, जिस व्यक्ति की कुंडली में यह योग होता है वह जातक जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सफलता प्राप्त करता है।

राशियों पर शुभ असर

वृषभ राशि : शनि के त्रिकोण राजयोग का जातकों को बहुत लाभ मिलेगा।पुरानी परेशानियां स्वतः खत्म हो जाएंगी। आमदनी में वृद्धि, करियर में ग्रोथ और बिजनेस में अपार धन प्राप्ति का अवसर मिल सकता है।कार्यक्षेत्र में परिवर्तन का भी अवसर मिल सकता है। शादीशुदा लोगों के लिए यह वरदान के समान साबित होगा।नौकरी में तरक्की मिलने के योग बन रहे हैं। बेरोजगार लोगों को नौकरी प्राप्त हो सकती है,अचानक धन लाभ होगा जिससे आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है।

तुला राशि : शनि का कुंभ राशि में गोचर और साल 2025 तक इसी राशि में रहना जातकों के लिए बहुत ही लाभदायक होगा।संतान की ओर से खुशखबरी मिल सकती है। संतान के करियर और आर्थिक लिहाज शुभ रहेगा। शनिदेव की विशेष कृपा आपके ऊपर रहेगी। नौकरी और व्यापार करने वालों के लिए साल 2025 तक कई अच्छे मौके मिलेंगे।  जमीन-जायदाद में आपको अच्छा मुनाफा मिल सकता है। नौकरी के कई प्रस्ताव आएंगे । व्यापार में अच्छी कामयाबी मिलने की संभावना है। नई कार या फिर घर खरीद सकते हैं। कहीं से अचानक आपको धन लाभ होता दिखाई पड़ रहा है।

सिंह राशि : राजयोग सिंह राशि वालों के लिए अत्यंत शुभ माना जा रहा है। जीवन में जबरदस्त बदलाव आएगा।  मुकदमों में सफलता प्राप्त होगी। भाग्य वृद्धि और अचानक धन लाभ का भी योग है। लाइफ पार्टनर का भरपूर साथ मिलेगा। भाग्य में वृद्धि होने के साथ-साथ नौकरी-व्यापार में भी तरक्की होगी।

कुंभ राशि : शनि का त्रिकोण राजयोग शुभफलदायी साबित होने वाला है। शनि के इस शुभ योग के प्रभाव से जीवन में पग-पग पर तरक्की मिलेगी। नई नौकरी की सौगात मिल सकती है। व्यापार में आर्थिक उन्नति के कई अवसर प्राप्त होंगे, परिवार के साथ खुशनुमा पल बिताने का अवसर मिलेगा।

 

(Disclaimer : यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है, MP BREAKING NEWS किसी भी तरह की मान्यता-जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। इन पर अमल लाने से पहले अपने ज्योतिषाचार्य या पंडित से संपर्क करें)

 


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खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। "कलम भी हूँ और कलमकार भी हूँ। खबरों के छपने का आधार भी हूँ।। मैं इस व्यवस्था की भागीदार भी हूँ। इसे बदलने की एक तलबगार भी हूँ।। दिवानी ही नहीं हूँ, दिमागदार भी हूँ। झूठे पर प्रहार, सच्चे की यार भी हूं।।" (पत्रकारिता में 8 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ राजनैतिक खबरों पर पैनी नजर)

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