Bageshwar Baba: मुरादाबाद का नाम इसलिए बदलवाना चाहते हैं धीरेंद्र शास्त्री, बताई इसकी वजह? पढ़े खबर

Bageshwar Baba: बागेश्वर बाबा के नाम से पहचाने जाने वाले धीरेंद्र शास्त्री जो ज्यादातर समय अपने बयानों को लेकर चर्चा का विषय बने रहते है। एक बार फिर चर्चा का विषय बने हुए है। दरअसल इस बार बाबा शास्त्री ने मुरादाबाद का नाम बदलने की बात कही है।

Rishabh Namdev
Published on -

Bageshwar Baba: बागेश्वर धाम के प्रवाचक धीरेंद्र शास्त्री, जिन्हें ‘बागेश्वर बाबा’ के नाम से जाना जाता है, ने हाल ही में मुरादाबाद के नाम बदलने की अपील की है। उनके अनुसार, इस शहर का नाम माधव नगर कर दिया जाना चाहिए क्योंकि उन्हें “मुरादाबाद” नाम बोलने में घिन आती है। दरअसल धीरेंद्र शास्त्री का यह बयान चर्चा का विषय बना हुआ है।

बाबा धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की अपील:

दरअसल धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अपने प्रवचन के दौरान संभल के हरिहर मंदिर का जिक्र करते हुए कहा कि राम मंदिर में रामलला के विराजमान होने के बाद हरिहर मंदिर को भी खोला जाना चाहिए, जिसमें काफी समय से पूजा बंद है। वहीं इस दौरान उन्होंने यह भी जानकारी दी कि मुरादाबाद में नीम करोली बाबा का स्थान है और इसलिए इसे मुरादाबाद कहना उचित नहीं।

शहर के सनातन मंदिरों का सम्मान बढ़े:

जानकारी दे दें की इस दौरान पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि मुरादाबाद का नाम बदलकर माधव नगर कर दिया जाना चाहिए ताकि इस शहर के सनातन मंदिरों का सम्मान बढ़े। उन्होंने अपील की है कि भारत में अनेक शहरों के नाम बदल चुके हैं, जैसे फैजाबाद, अयोध्या, इलाहाबाद, और प्रयागराज, इसलिए मुरादाबाद को भी माधव नगर कहना उचित होगा।

मजहब के विरोध में नहीं:

वहीं इस दौरान धीरेंद्र शास्त्री ने विशेष रूप से सनातन धर्म के सम्मान की बात की है। उन्होंने कहा कि वे किसी भी मजहब के विरोध में नहीं हैं, लेकिन अपने सनातन का सम्मान नहीं छोड़ेंगे और उसका अपमान नहीं सहेंगे। इसके साथ ही उन्होंने मुरादाबाद को उचित नहीं मानने की बात कही और बुरे मन के लोगों के लिए भी साफ कर दिया कि उन्हें अंदर से घिन्नता होती है जब उन्हें मुरादाबाद नाम सुनना पड़ता है।

दरअसल आगे कहते हुए धीरेंद्र शास्त्री ने आगे कहा की, “हमारा भाग्य और सौभाग्य है कि हम मुरादाबाद उर्फ माधव नगर आए है. हमें तो अंदर से घिन्नता होती है ये नाम (मुरादाबाद) बोलने में, बुरा न मानना सबकी अपनी अपनी भावना होती है. ऐसा मुरादाबाद है तो अब इसको मुरादाबाद कहना भी उचित नहीं है, हमें ऐसा लगा लेकिन किसी को बुरा लगे तो I M VERY VERY NOT SORRY. हम बहुत स्पष्टवादी हैं इसलिए हम नफरत नहीं प्रेम के आदि हैं और गर्व से कहते हैं हम हिंदुत्ववादी हैं।”


About Author
Rishabh Namdev

Rishabh Namdev

मैंने श्री वैष्णव विद्यापीठ विश्वविद्यालय इंदौर से जनसंचार एवं पत्रकारिता में स्नातक की पढ़ाई पूरी की है। मैं पत्रकारिता में आने वाले समय में अच्छे प्रदर्शन और कार्य अनुभव की आशा कर रहा हूं। मैंने अपने जीवन में काम करते हुए देश के निचले स्तर को गहराई से जाना है। जिसके चलते मैं एक सामाजिक कार्यकर्ता और पत्रकार बनने की इच्छा रखता हूं।

Other Latest News