Gupt Navratri : भूलकर भी नौ दिन ना करें ये काम, नाराज हो सकती है देवी दुर्गा

Gupt Navratri : हिंदू धर्म में गुप्त नवरात्रि का काफी ज्यादा महत्व माना गया है। इस बार ये नवरात्रि 22 जनवरी से शुरू हो चुकी हैं जो 30 जनवरी तक रहेगी।

Gupt Navratri : हिंदू मान्यताओं के अनुसार गुप्त नवरात्रि का काफी ज्यादा महत्व माना गया है। इस दौरान किए गए सभी कार्य सफल होते हैं। इस बार ये नवरात्रि 22 जनवरी से शुरू हो चुकी हैं जो 30 जनवरी तक रहने वाली है। इसे गुप्त सिद्धि और विद्याओं के लिए बेहद खास माना गया है। जैसा कि आप सभी जानते हैं साल में 4 बार नवरात्रि आती है। जिसमें दो बड़ी और दो गुप्त नवरात्रि होती है।

गुप्त नवरात्रि में सभी गुप्त कार्य जैसे सिद्धि, विद्या, तांत्रिक क्रिया जैसे कार्य किए जाते हैं। वहीं बड़ी नवरात्रि का भी काफी ज्यादा महत्त्व माना गया है। माघ के महीने में आने वाली नवरात्रि के नौ दिन देवी मां को समर्पित हैं। लोग नौं दिनों तक मां की आराधना करते हैं। लेकिन इस दौरान ऐसे कार्य नहीं करना चाहिए जिससे देवी दुर्गा नाराज हो जाए। जी हां, कुछ गलत काम से देवी दुर्गा नाराज हो कर आपके कार्य पूरे नहीं हो पाते हैं। तो चलिए जानते है नवरात्री के दौरान किन कार्यों को नहीं करना चाहिए।

गुप्त नवरात्रि में इन बातों का रखें ध्यान –

ब्रह्मचर्य का पालन नवरात्रि के दौरान करना चाहिए। ऐसे में नौ दिनों तक आपको मदिरापान नहीं करना चाहिए। साथ ही लहसुन प्याज और नॉनवेज नहीं खाना चाहिए। आपको सिर्फ सात्विक भोजन इस दौरान करना चाहिए। आप तामसिक भोजन से दूर रहे। इस बात का विशेष ध्यान रखें की आपको नवरात्रि के दौरान किसी को भी अपशब्द नहीं बोलना है। वहीं आपको इस दौरान जरूरतमंदों की सबसे ज्यादा मदद करना चाहिए।

दान का भी काफी ज्यादा महत्त्व माना गया है। इसके अलावा आपको बाल नहीं कटवाना चाहिए और दाढ़ी नहीं बनवाना चाहिए। वहीं चमड़े के पर्स, बेल्ट की चीजों से दूर रहना चाहिए। ज्यादा देर तक सोना भी नहीं चाहिए। इसके अलावा आपको हर शाम मां दुर्गा की पूजा अर्चना करना चाहिए। ऐसा करने से आपको काफी ज्यादा फायदा देखने को मिलेगा। अगर अपने मां को प्रसन्न कर दिया तो आपकी हर मनोकामना पूर्ण होगी और आपका जीवन सफल हो जाएग।

डिस्क्लेमर – इस लेख में दी गई सूचनाएं सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। एमपी ब्रेकिंग इनकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ की सलाह लें।