Kark Sankranti 2024: कर्क संक्रांति पर इन 5 चीजों का दान करें, बदल जाएगी आपकी किस्मत

Kark Sankranti 2024: कर्क संक्रांति, जिसे दक्षिणायन भी कहा जाता है, हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण पर्व है। यह सूर्य के कर्क राशि में प्रवेश करने का प्रतीक है। इस दिन को दान-पुण्य करने के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।

भावना चौबे
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Kark Sankranti 2024: 16 जुलाई को कर्क संक्रांति का पर्व मनाया जाएगा। यह पर्व सूर्य देव को समर्पित होता है, जब वे मिथुन राशि से निकलकर कर्क राशि में प्रवेश करते हैं। ज्योतिष शास्त्र में सूर्य देव को आत्मा, सफलता, यश और पिता का कारक माना जाता है। इस दिन उनकी पूजा करने से इन सभी क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव आते हैं। सूर्य देव की पूजा करने के लिए आप सूर्य चालीसा का पाठ कर सकते हैं, सूर्य मंत्र का जप कर सकते हैं, और सूर्य देव को अर्घ्य दे सकते हैं। दान करना भी इस दिन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। आप गेहूं, चावल, घी, गुड़, कपड़े, दक्षिणा आदि का दान कर सकते हैं। कहा जाता है कि इस दिन किए गए दान का पुण्य कई गुना बढ़ जाता है। सूर्य देव की कृपा प्राप्त करने के लिए कर्क संक्रांति का पर्व एक उत्तम अवसर है। इस अवसर का लाभ उठाकर सूर्य देव की पूजा करें और उनका आशीर्वाद प्राप्त करें।

ज्योतिष शास्त्र में सूर्य देव को आत्मा, सफलता, यश और पिता का कारक माना जाता है। 16 जुलाई को सूर्य देव मिथुन राशि से निकलकर कर्क राशि में प्रवेश करेंगे। यह गोचर 16 जुलाई से 16 अगस्त तक रहेगा। इस दौरान सूर्य देव 19 जुलाई को पुष्य, 2 अगस्त को अश्लेषा और 16 अगस्त को मघा नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। सूर्य देव का कर्क राशि में गोचर सभी 12 राशियों को प्रभावित करेगा। विभिन्न राशियों पर इसका प्रभाव भिन्न होगा। ज्योतिषियों का मानना है कि इस दौरान कुछ राशियों को सफलता, यश और आर्थिक लाभ मिलने की संभावना है। वहीं, कुछ राशियों को स्वास्थ्य और पारिवारिक मामलों में चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। यह जानने के लिए कि सूर्य देव का गोचर आपकी राशि को कैसे प्रभावित करेगा, आप किसी ज्योतिषी से सलाह ले सकते हैं। सूर्य देव की कृपा प्राप्त करने के लिए आप सूर्य मंत्र का जप कर सकते हैं, सूर्य चालीसा का पाठ कर सकते हैं, और सूर्य देव को अर्घ्य दे सकते हैं। यह भी महत्वपूर्ण है कि आप इस दौरान दान करें और सदाचार का पालन करें।

मंगल ग्रह को मजबूत करने के लिए

सूर्य देव को प्रसन्न करने के लिए आप सूर्य चालीसा का पाठ कर सकते हैं, सूर्य मंत्र का जप कर सकते हैं, और सूर्य देव को अर्घ्य दे सकते हैं। इसके साथ ही, दान करना भी इस दिन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। आर्थिक स्थिति के अनुसार लाल रंग के वस्त्र का दान करना बहुत शुभ माना जाता है। यह दान करने से कुंडली में मंगल ग्रह मजबूत होता है। मंगल ग्रह को पराक्रम, साहस और भूमि का कारक माना जाता है। इस ग्रह की मजबूती से व्यक्ति को जीवन में सफलता, यश और संपत्ति प्राप्त होती है। इसलिए, कर्क संक्रांति के दिन लाल रंग के वस्त्र का दान अवश्य करें।

कारोबार में सफलता पाने के लिए

सूर्य देव को प्रसन्न करने के लिए गेहूं, गुड़, मूंगफली, चिक्की, शकरकंद आदि का दान करना बहुत शुभ माना जाता है। इन वस्तुओं का दान करने से साधक पर सूर्य देव की असीम कृपा बरसती है। उनकी कृपा से करियर और कारोबार में मन मुताबिक सफलता मिलती है। साथ ही, आर्थिक स्थिति में भी सुधार होता है। इसलिए, कर्क संक्रांति के दिन इन वस्तुओं का दान अवश्य करें।

मंगल दोष से मुक्ति प्राप्त करने के लिए

कर्क संक्रांति मंगल ग्रह से पीड़ित जातकों के लिए विशेष महत्व रखती है। कुंडली में मंगल दोष होने पर व्यक्ति को जीवन में कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इन समस्याओं में विवाह में बाधा, स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां, आर्थिक तंगी आदि शामिल हैं। कर्क संक्रांति के दिन मंगल ग्रह की अनुकूलता का लाभ उठाकर मंगल दोष से मुक्ति प्राप्त की जा सकती है। इसके लिए, मसूर की दाल, साबुत मिर्च, शहद आदि का दान करना बहुत शुभ माना जाता है। इन वस्तुओं का दान करने से कुंडली में मंगल दोष का प्रभाव कम होता है और व्यक्ति को जीवन में सफलता प्राप्त होती है। इसके अलावा, मंगल देव की पूजा करना भी मंगल दोष से मुक्ति पाने का एक कारगर उपाय है। आप मंगलवार के दिन लाल रंग के वस्त्र पहनकर मंगल देव की पूजा कर सकते हैं। इसके साथ ही, मंगल देव को लाल रंग के फूल, गुड़ और घी का भोग लगा सकते हैं।

(Disclaimer- यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं के आधार पर बताई गई है। MP Breaking News इसकी पुष्टि नहीं करता।)

 

 

 


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भावना चौबे

भावना चौबे

इस रंगीन दुनिया में खबरों का अपना अलग ही रंग होता है। यह रंग इतना चमकदार होता है कि सभी की आंखें खोल देता है। यह कहना बिल्कुल गलत नहीं होगा कि कलम में बहुत ताकत होती है। इसी ताकत को बरकरार रखने के लिए मैं हर रोज पत्रकारिता के नए-नए पहलुओं को समझती और सीखती हूं। मैंने श्री वैष्णव इंस्टिट्यूट ऑफ़ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन इंदौर से बीए स्नातक किया है। अपनी रुचि को आगे बढ़ाते हुए, मैं अब DAVV यूनिवर्सिटी में इसी विषय में स्नातकोत्तर कर रही हूं। पत्रकारिता का यह सफर अभी शुरू हुआ है, लेकिन मैं इसमें आगे बढ़ने के लिए उत्सुक हूं। मुझे कंटेंट राइटिंग, कॉपी राइटिंग और वॉइस ओवर का अच्छा ज्ञान है। मुझे मनोरंजन, जीवनशैली और धर्म जैसे विषयों पर लिखना अच्छा लगता है। मेरा मानना है कि पत्रकारिता समाज का दर्पण है। यह समाज को सच दिखाने और लोगों को जागरूक करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। मैं अपनी लेखनी के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास करूंगी।

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