Eye Blinking: महिलाओं की बाईं आंख फड़कना क्यों माना जाता है शुभ? जानें क्या कहता है शास्त्र

Eye Blinking: शास्त्रों में महिलाओं की बाईं आंख का फड़कना शुभ माना जाता है। यह माना जाता है कि यह आने वाले धन लाभ, नए अवसरों, या शुभ समाचारों का संकेत हो सकता है।

भावना चौबे
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Eye Blinking: आपके साथ कभी ऐसा हुआ है कि आप किसी चीज़ पर ध्यान लगा रहे हों और अचानक आपकी आंख फड़कने लगे? यह एक आम अनुभव है, लेकिन सदियों से इस बारे में कई तरह के अंधविश्वास और मान्यताएं चली आ रही हैं। भारतीय धर्म शास्त्रों में, उदाहरण के लिए, महिलाओं की बाईं आंख का फड़कना शुभ माना जाता है, जबकि पुरुषों के लिए दाहिनी आंख का फड़कना। वहीं, कुछ संस्कृतियों में ऊपरी पलक का फड़कना मेहमान आने का संकेत माना जाता है, जबकि निचली पलक का फड़कना दुख का संकेत। लेकिन क्या आंख का फड़कना वाकई हमारे भविष्य का संकेत देता है, या इसके पीछे कोई और कारण होता है? आइए जानते हैं कि आधुनिक विज्ञान इस बारे में क्या कहता है।

महिलाओं की बाईं आंख का फड़कना

ज्योतिष शास्त्र में, बाईं आंख का फड़कना महिलाओं के लिए शुभ संकेत माना जाता है। यह माना जाता है कि यह आने वाले धन लाभ, नए अवसरों, या शुभ समाचारों का संकेत हो सकता है। इसके अलावा, यह आत्मविश्वास बढ़ने, आत्मनिर्भरता प्राप्त करने, और नकारात्मक विचारों से मुक्त होने का भी संकेत माना जा सकता है। पुरुषों के लिए, दाहिनी आंख का फड़कना शुभ माना जाता है, जबकि बाईं आंख का फड़कना आने वाली समस्याओं का संकेत हो सकता है।

विज्ञान का नजरिया

आधुनिक विज्ञान के अनुसार, आंख का फड़कना जिसे मायोटिमिया (Myoclonia) भी कहा जाता है, असल में हमारी पलकों को नियंत्रित करने वाली मांसपेशियों में होने वाली एक न्यूरोलॉजिकल (तंत्रिका संबंधी) घटना है। यह आमतौर पर थोड़े समय के लिए होता है और इसमें कोई गंभीर खतरा नहीं होता। मायोटिमिया कई कारणों से हो सकता है, जिनमें शामिल हैं।

लंबे समय तक कंप्यूटर देखने, पढ़ने या कम नींद लेने से आंखें थक जाती हैं, जिससे मायोटिमिया हो सकता है। मानसिक या शारीरिक तनाव भी आंखों के फड़कने का कारण बन सकता है। कॉफी, चाय या कोल्ड ड्रिंक्स में पाया जाने वाला कैफीन उत्तेजक होता है, जो आंखों के फड़कने को ट्रिगर कर सकता है। शुष्क आंखें जलन और खुजली पैदा कर सकती हैं, जिससे पलकें फड़कने लगती हैं। धूल, पराग या अन्य एलर्जी पैदा करने वाले पदार्थों के संपर्क में आने से आंखों में सूजन और खुजली हो सकती है, जिससे फड़कन हो सकती है।

(Disclaimer- यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं के आधार पर बताई गई है। MP Breaking News इसकी पुष्टि नहीं करता।)


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भावना चौबे

भावना चौबे

इस रंगीन दुनिया में खबरों का अपना अलग ही रंग होता है। यह रंग इतना चमकदार होता है कि सभी की आंखें खोल देता है। यह कहना बिल्कुल गलत नहीं होगा कि कलम में बहुत ताकत होती है। इसी ताकत को बरकरार रखने के लिए मैं हर रोज पत्रकारिता के नए-नए पहलुओं को समझती और सीखती हूं। मैंने श्री वैष्णव इंस्टिट्यूट ऑफ़ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन इंदौर से बीए स्नातक किया है। अपनी रुचि को आगे बढ़ाते हुए, मैं अब DAVV यूनिवर्सिटी में इसी विषय में स्नातकोत्तर कर रही हूं। पत्रकारिता का यह सफर अभी शुरू हुआ है, लेकिन मैं इसमें आगे बढ़ने के लिए उत्सुक हूं। मुझे कंटेंट राइटिंग, कॉपी राइटिंग और वॉइस ओवर का अच्छा ज्ञान है। मुझे मनोरंजन, जीवनशैली और धर्म जैसे विषयों पर लिखना अच्छा लगता है। मेरा मानना है कि पत्रकारिता समाज का दर्पण है। यह समाज को सच दिखाने और लोगों को जागरूक करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। मैं अपनी लेखनी के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास करूंगी।

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