इस बार अमरनाथ यात्रा के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की सुविधा, इस दिन से आरंभ होगी यात्रा

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धर्म कर्म: अमरनाथ की यात्रा के इच्छुक श्रद्धालुओं को अब पंजीकरण के लिए लंबी लाइन में नहीं लगना पड़ेगा। वह घर बैठकर भी आवेदन कर सकते हैं। अमरनाथ यात्रा को लेकर तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की शुरुआत हो चुकी है| जम्मू एवं कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने इसे शुरू किया| वर्ष 2012 तक ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन किए जाते थे, लेकिन इसके बाद आनलाइन पंजीकरण सुविधा को विभिन्न कारणों से बंद किया गया था। अब इसे गुरुवार से पुन: प्रारंभ करने के अमरनाथ श्राइन बोर्ड ने निर्देश जारी कर दिए हैं। बता दें कि अमरनाथ यात्रा इस बार एक जुलाई से शुरू हो रही है जो 15 अगस्त तक चलेगी। 

ऑनलाइन पंजीकरण के दौरान बोर्ड की वेबसाइट पर जरूरी जानकारी के साथ कंपलसरी हेल्थ सर्टिफिकेट अपलोड किया जाएगा। यात्रा के दौरान बालटाल/दोमेल और नुनवान/पहलगाम/चंदनबाड़ी बेस कैंप पर असली कंपलसरी हेल्थ सर्टिफिकेट की जांच की जाएगी। यात्रियों के रिस्पांस के बाद ऑनलाइन सेवा को बढ़ाया जाएगा। पहली जुलाई 2019 से शुरु हो रही अमरनाथ यात्रा की पवित्र गुफा की वार्षिक तीर्थयात्रा के इच्छुक यात्री अब ऑनलाईन पंजीकरण करा सकेंगे। बोर्ड के अध्यक्ष जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक की पहल पर यात्रियों के लिए यह सुविधा शुरु की गई है। लेकिन शुरु में सिर्फ 500 ही श्रद्धालु ऑनलाइन पंज���करण रोजाना करा सकेंगे। उन्होंने बताया कि बाल्टालमार्ग और पहलगाम मार्ग से रोजाना 250-250 श्रद्धालुओं के लिए ऑनलाईन पंजीकरण सुविधा ही उपलब्ध रहेगी। जम्मू एंड कश्मीर व पंजाब नेशनल बैंकों के माध्यम से पहले से ही रजिस्ट्रेशन किए जा रहे हैं। भोपाल में इन बैंकों से अब तक साढ़े तीन हजार से अधिक रजिस्ट्रेशन किए जा चुके हैं। ओम शिव शक्ति सेवा मंडल के सचिव रिंकू भटेजा ने बताया ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन” पहले आओ पहले पाओ “की तर्ज पर होंगे। 1 दिन के लिए 500 रजिस्ट्रेशन होंगे। रजिस्ट्रेशन शुल्क प्रति व्यक्ति 200 रुपए होगा। रजिस्ट्रेशन श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड की वेबसाइट पर होंगे। यात्री को श्राइन बोर्ड द्वारा अधिकृत डॉक्टर द्वारा किए गए कंपलसरी हेल्थ सर्टिफिकेट की ओरिजिनल कॉपी एंट्री गेट चंदनवाड़ी /बालटाल पर दिखाना अनिवार्य होगा।

यात्रा के लिए यह है जरूरी 

श्राईन बोर्ड ने एक नयी पहल के तहत यात्रा परिमट प्रपत्र पर क्यूआर और बॉर कोडिंग शुरु की है। क्यूआर कोड को यात्रियों के डाटा बेस में उनके मोबाईल नंबर के साथ जोड़ा जाएगा।कंप्यूटर द्वारा जारी यात्रा पर्ची को, जिस पर क्यूआर और बॉर कोड होगा, स्वास्थ्य प्रमाणपत्र की असल प्रति के साथ दोमेल, चंदनबाड़ी स्थित एक्सेस कंट्रोल गेट पर संबधित अधिकारियों को दिखाना होगा। इसके बिना संबधित श्रद्धालु को यात्रा की अनुमति नहीं होगी। 


ऑनलाइन देना होगा यह जानकारी 

वेबसाइट पर यात्री को यात्रा मार्ग, यात्रा तारीख, पूरा नाम,पता, पिता का नाम, जन्मतिथि, मोबाइल नंबर, प्रदेश का नाम, जिला, यात्री का ब्लड ग्रुप, मेडिकल डिटेल में हॉस्पिटल का नाम, डॉक्टर का नाम, यात्री का फोटो व मेडिकल सर्टिफिकेट इश्यू डेट लिखना होगा। यात्रा परमिट में बारकोड अंकित रहेगा। इसे सुरक्षा के हिसाब से साइन बोर्ड के पास यात्री की पूरी जानकारी रहेगी। मंडल काफी समय से श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रारंभ करने की मांग कर रहा था। इस संबंध में श्राइन बोर्ड को कई बार पत्र भी भेजे थे।

इस बार बढ़ेगी श्रद्धालुओं की संख्या 

आंकड़ों पर नजर दौड़ाएं तो वर्ष 2011 में 6.36 लाख ऑलटाइम रिकॉर्ड यात्रियों ने बाबा बर्फानी के दर्शन किए थे। इसके अगले साल 2012 में भी यह आंकड़ा 6.20 लाख तक पहुंचा। वर्ष 2016 के बाद अमरनाथ यात्रियों का आंकड़ा तीन लाख के पार नहीं जा पाया है। इसका एक कारण पंजीकरण के लिए औपचारिकताएं बढ़ना भी है। वर्ष 2018 में 2.85 लाख श्रद्धालुओं ने बाबा के दरबार में हाजिरी दी थी।  इस बार ऑनलाइन सुविधा होने से श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ेगी|