Hariyali Amavasya : आज है हरियाली अमावस्या, भूलकर भी ना करें ऐसी गलती वरना पड़ सकता है पछताना

सावन का महीना चल रहा है और इस महीने में आने वाली श्रावण की अमावस्या भी बेहद खास होती है। इस अमावस्या को हरियाली अमावस्या (Hariyali Amavasya) भी कहा जाता है।

Hariyali Amavasya

धर्म, डेस्क रिपोर्ट। सावन का महीना चल रहा है और इस महीने में आने वाली श्रावण की अमावस्या भी बेहद खास होती है। इस अमावस्या को हरियाली अमावस्या (Hariyali Amavasya) भी कहा जाता है। हिंदू धर्म में भी इसका काफी ज्यादा महत्व माना गया है। इस दिन माता पार्वती और भोलेनाथ की सच्चे मन से पूजा पूरे विधि विधान से भक्त करते हैं। इतना ही नहीं इस दिन स्नान करने और दान करने का भी काफी महत्व माना गया है।

इस दिन व्रत करने का भी उत्तम फल मिलता है। साथ ही देवताओं का और पितरों का भी आशीर्वाद इस दिन भक्त प्राप्त कर सकते हैं। इस दिन कई सारे कार्य किए जाते हैं। लेकिन कुछ ऐसे भी कार्य होते है जो इस दिन भूलकर भी नहीं करना चाहिए। क्योंकि अगर गलती से भी ऐसे कार्य कर लिए जाए तो बहुत नुकसान झेलना पड़ सकता हैं। तो आज हम आपको हरियाली अमावस्या के दिन किन कार्यों को नहीं करना चाहिए ये बताने जा रहे है तो चलिए जानते है –

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आज हरियाली अमावस्या के खास मौके पर मध्यप्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट कर इस दिन की बधाई दी है। उन्होंने ट्वीट कर लिखा है तडागकृत् वृक्षरोपी इष्टयज्ञश्च यो द्विजः। #हरियाली_अमावस्या की आपको हार्दिक बधाई! धरती और मानव जीवन की समृद्धि के सशक्त आधार वृक्ष ही हैं। आइये, आज के इस मंगल पर्व के पावन अवसर पर पौधे रोपें और अपनी धरती को सुंदर, स्वस्थ और समृद्ध बनाने में योगदान दें।

तिथि और शुभ मुहूर्त –

सावन अमावस्या तिथि शुरुआत- 27 जुलाई, बुधवार, समय रात 9:13 से शुरू
सावन अमावस्या तिथि संपन्न – 28 जुलाई, गुरुवार, समय रात 11:24 तक
गुरु पुष्य योग और अमृत सिद्धि योग- सुबह 7:05 से शुरू
पुष्प योग और अमृत योग समापन- 29 शुक्रवार, सुबह 05 बजकर 41 मिनट तक
सिद्ध योग प्रारंभ- समय शाम 5:57 से 6:36 तक

भूलकर भी न करें ये काम –

आपको बता दे, हरियाली अमावस्या के दिन पेड़ पौधों को लगाने और उनकी सेवन करने का काफी महत्व होता है। इस दिन ऐसा करने से गृह दोष दूर होने के साथ पितृ दोष भी खत्म होता है। इसलिए इस दिन जब पेड़ पौधे लगाए जाए तो गलती से भी उन्हें नुकसान नहीं पहुंचाना चाहिए। अगर गलती से भी आप पेड़ पौधों को नुकसान पहुंचा देते है तो आपको गृह दोष और पितृ दोष से गुजरना पड़ सकता हैं।

इस दिन पितरों की शांति के लिए तर्पण, पिंडदान, श्राद्ध कर्म किए जाते हैं। ऐसे में इस दिन आपको इस बात का खास ध्यान रखना चाहिए की आप अपने पितरों को नाराज ना करें उन्हें खुश रखें। क्योंकि अगर आपके पितृ इस दिन नाराज हो जाते हैं तो आप श्राप का भागी बन सकते हैं। जिस वजह से आपको धन की हानि, असफलता, वंश संकट से गुजर सकते हैं।

इसके अलावा इस दिन गाय, कुत्ते, कौओं को गलती से भी नुकसान नहीं पहुंचाना चाहिए। क्योंकि कहा जाता है कि इस दिन कुत्ता, गाय या कौआ को भोजन खिलाने से पितरों को वह अंश प्राप्त होता है, जिससे वह खुश रहते हैं। इसलिए इस दिन उन्हें बिलकुल हानि नहीं पहुंचाना चाहिए। ऐसा करने से पितृ नाराज हो जाते हैं।

कहा जाता है कि अमावस्या के दिन घर में अगर कोई भिक्षा मांगने वाला आता है तो उसे खली हाथ वापस नहीं भेजना चाहिए। उन्हें कुछ ना कुछ दान जरूर देना चाहिए। क्योंकि ये दान पितरों को प्राप्त होता हैं। इसलिए कभी भी इस दिन भिक्षा मांगने वालों को चिल्ला कर या खली हाथ ना भेजे।

इस दिनअपने घर के बड़े-बुजुर्गों का अपमान न करें। ऐसा करने से भी आपको काफी ज्यादा नुकसान हो सकता हैं। इसलिए इस दिन आपको उन्हें ज्यादा खुश रखना चाहिए। इस दिन ऐसा काम बिलकुल ना करें जिससे उनकी आत्मा दुखी हो।