कार्तिक मास आज से शुरू, जरूर करें ये 5 अचूक उपाय, धन-धान्य में वृद्धि, बरसेगी लक्ष्मी-नारायण की कृपा, दूर हो जाएंगे सारे कष्ट

Manisha Kumari Pandey
Published on -
Kartik mass 2023

Kartik Maas 2023: सनातन धर्म में कार्तिक मास का विशेष महत्व होता है। हिन्दू पंचांग के अनुसार यह 8वां महिना होता है। आज से कार्तिक मास के पावन महीने की शुरुआत हो चुकी है, इसका समापन 27 नवंबर को होने वाला है। इस दौरान कुछ उपायों को करना बेहद शुभ माना जाता है। ऐसा करने से माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं। सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है। आइए एक नजर इन उपायों पर डालें-

अष्टलक्ष्मी की पूजा करें

कार्तिक मास में अष्टलक्ष्मी की पूजा-अर्चना करना शुभ माना जाता है। हर शुक्रवाए देवी लक्ष्मी के 8 स्वरूपों की पूजा करें। ऐसे करने से घर में सुख-शांति बनी रहती है। संतान सुख प्राप्त होता है। सेहत से जुड़ी समस्याएं समाप्त होती है। मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।

जरूर करें तुलसी की पूजा

भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के कार्तिक मास में तुलसी के पौधे की पूजा जरूर करें। सुबह और संध्याकाल में तुलसी के सामने घी का दीपक जलाएं। तुलसी चालीसा का पाठ करना न भूलें। ऐसे करने से श्रीहरि प्रसन्न होते हैं। रोजाना तुलसी की परिक्रमा करें। कच्चे दूध और जल को मिलाकर तुलसी को भी अर्पित  करें।

विवाह के बनेंगे योग, करें ये काम

कार्तिक मास में तुलसी विवाह करवाना शुभ माना जाता है। पूरे परिवार के साथ मिलकर विधिपूर्वक माता तुलसी का विवाह शालिग्राम से करवाएं। ऐसा करने से संतान के विवाह में आ रही बाधाएं समाप्त होती हैं।

ऐसे करें लक्ष्मी-नारायण को प्रसन्न

कार्तिक मास में रोजाना रात को भगवान विष्णु और माँ लक्ष्मी की संयुक्त पूजा करें। पूजा के दौरान गुलाबी या चमकदार रंगों के वस्त्र पहलें। ऐसा करने से लक्ष्मी-नारायण की कृपा बरसती है। धन-समृद्धि में वृद्धि होती है।

घर में शांति के लिए उपाय

कार्तिक के महीने में रोजाना संध्याकाल में 7 कपूर जलाएं। ऐसा करने से घर में पॉजिटिव एनर्जी का वास होता है। क्लेश समाप्त होता है। परिवार के सदस्यों में प्रेम-स्नेह बढ़ता है।

(Disclaimer: इस आलेख का उद्देश्य केवल सामान्य जानकारी साझा करना है, जो मन्यताओं और अन्य माध्यम पर आधारित है। MP Breaking News पुष्टि नहीं करता।)

 


About Author
Manisha Kumari Pandey

Manisha Kumari Pandey

पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।"

Other Latest News