करवा चौथ 1 नवंबर को, बन रहा महासंयोग, करें ये 5 आसान उपाय, मिलेगा सौभाग्य का वरदान, सुखमय होगा वैवाहिक जीवन

karwa chauth 2023

Karwa Chauth 2023: सुहागिन महिलाओं के लिए करवा चौथ का खास महत्व होता है। हर साल कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को यह व्रत रखा जाता है। इस बार 1 नवंबर को करवा चौथ का व्रत रखा जाएगा। इस दिन महिलाएं माता गौरी की पूजा-अर्चना करती हैं और अपने पति के दीर्घ आयु की कामना करती हैं।

वर्षों बाद बन रहा महासंयोग

ज्योतिष शस्त्र के अनुसार भी इस बार का करवा चौथ खास है। करीब 100 वर्षों बाद ग्रहों का दुर्लभ संयोग बन रहा है। इस दिन बुध और मंगल मिलकर बुधादित्य योग बना रहे हैं। साथ ही शिव योग और सवार्थ सिद्धि योग भी बन रहा है। चतुर्थी तिथि की शुरुआत 31 अक्टूबर को रात 9.30 बजे होगी। इसका समापन 1 नवंबर रात 9:19 बजे होगा। चंद्रोदय समय 8:26 बजे है।

करें ये सरल उपाय

करवा चौथ के दिन कुछ उपायों को करना बेहद ही शुभ माना जाता है। मान्यताएं हैं कि इन उपायों को करने सुख-सौभाग्य का वरदान मिलता है।

  • इस दिन गाय को 5 केले, 5 पेड़े और 5 लड्डू खिलाएं और उनकी पीठ सहलाते हुए प्रार्थना करें। ऐसा करने से वैवाहिक जीवन की समस्याएं दूर होती हैं।
  • करवा चौथ के दिन केसल, चने की डायल, सिंदूर इत्यादि चीजों का दान करना शुभ माना जाता है। ऐसा करने से वैवाहिक जीवन सुखमय होता है। सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है।
  • करवा चौथ के दिन एक बरगद के पेड़ के पत्ते पर लाल रंग से ऐसे गुणों को लिखें जो आप पति के अंदर होने की इच्छा रखती हैं। फिर इस पत्ते को मोड़कर अपने सिर से 7 बार घुमाकर संध्याकाल के समय नदी में प्रवाहित कर दें। ऐसा करने से रिश्ते में खुशहाली आती है। प्रेम बढ़ता है।
  • महिलाएं करवा चौथ के दिन  16 शृंगार करें। हरी चूड़ियाँ जरूर पहनें। माँ गौरी को भी इन चीजों को अर्पित करें। ऐसा करने से पति-पत्नी का वैवाहिक जीवन सुखमय होता है।
  • इस दिन भगवान गणेश की पूजा जरूर करें। गुड़ का भोग लगाएं। सिद्धिविनायक मंत्र का जाप करें। ऐसा करने से घर-परिवार में खुशहाली आती है। रिश्ते की सारी कड़वाहट खत्म होती है।

(Disclaimer: इस आलेख का उद्देश्य सामान्य जानकारी साझा करना है, जो मन्यताओं और अन्य माध्यम पर आधारित है। MP Breaking News इन बातों की पुष्टि नहीं करता। )


About Author
Manisha Kumari Pandey

Manisha Kumari Pandey

पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।"

Other Latest News