जानें कब है Ganesh Chaturthi, ये है शुभ मुहूर्त और पूजन विधि

हिंदू धर्म में कई ऐसे त्यौहार आते है जिनका काफी ज्यादा महत्व होता है। इन्ही में से एक है गणेश चतुर्थी (Ganesh Chaturthi) का त्यौहार। हर किसी को गणेश चतुर्थी का काफी ज्यादा इंतेजार रहता है।

Ganesh Chaturthi

धर्म, डेस्क रिपोर्ट। हिंदू धर्म में कई ऐसे त्यौहार आते है जिनका काफी ज्यादा महत्व होता है। इन्ही में से एक है गणेश चतुर्थी (Ganesh Chaturthi) का त्यौहार। हर किसी को गणेश चतुर्थी का काफी ज्यादा इंतेजार रहता है। गणेश चतुर्थी हर साल भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष के चतुर्थी के दिन आती है। हिंदू धर्म में इस दिन का काफी महत्व माना गया है।

ये त्यौहार 10 दिन तक चलता है। गणेश चतुर्थी का समापन अनंत चतुर्थी के दिन होता है। इस दिन बड़े ही घूम धाम के साथ बाप्पा को विदा किया जाता है। साथ ही इस दिन कई जगहों पर झांकियां भी निकाली जाती है। इस साल गणेश चतुर्थी का त्यौहार 31 अगस्त के दिन आ रहा है। आज हम आपको इसका मुहूर्त और पूजन विधि बताने जा रहे है तो चलिए जानते है –

इस दिन है Ganesh Chaturthi –

ganesh chaturthi

30 अगस्त की शाम 03 बजकर 33 मिनट से गणेश चतुर्थी की तिथि शुरू हो रहा है। वहीं इस तिथि का समापन 31 अगस्त के दिन होगा। ऐसे में 31 अगस्त के दिन ही गणेश चतुर्थी का व्रत रखा जाएगा।

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ये है शुभ मुहूर्त –

31 अगस्त 2022 से गणेश चतुर्थी का त्यौहार शुरू हो रहा है। ऐसे में शुभ मुहूर्त सुबह 11 बजकर 05 मिनट से दोपहर 01 बजकर 38 मिनट रहने वाला है। ऐसे में इस मुहूर्त में गणेश जी की मूर्ति की स्थापना कर सकते हैं। स्थापना करने से पहले आप सुबह उठ कर स्नान कर लें। उसके बाद व्रत का संकल्प लें।

ये है पूजन विधि –

गणेश जी की विधि विधान के साथ पूजन करने के साथ ही मूर्ति की स्थापना करना चाहिए। इसके लिए आपको सुबह उठ कर स्नान करने के बाद हाथ में जल लेकर व्रत का संकल्प लेना होगा उसके बाद गणेश जी को मुहूर्त में पूजा के साथ मूर्ति स्थापना करना होगी। गणेश चतुर्थी का त्यौहार सभी लोग बड़े ही हर्षोउल्लास के साथ मनाते हैं।

विसर्जन –

आपको बता दे, गणेश जी का विसर्जन 11 दिनों तक चलता है। ये स्थापना के बाद से ही शुरू हो जाता है। कोई एक दिन में गणेश जी का विसर्जन कर देता है तो कोई 3, 5 या फिर 10 दिन बाद करता हैं। ऐसे में सबसे पहले भगवान की पूजा करने के बाद ही पूरे उत्साह के साथ गणेश जी का विसर्जन लोग करते हैं। वहीं अनंत चतुर्थी के दिन आखिरी विसर्जन होता है।