बच्चों को कुशाग्र विद्यार्थी बनाने के लिए कारगर है लाल किताब के ये 3 उपाय, जल्द देखने को मिलेगा असर

Lal Kitab remedies for Rahu

Lal Kitab Upay : लाल किताब में कुछ ऐसे उपाय बताए गए है जिन्हें कुछ उपाय कर धन हानि, करियर में तरक्‍की न होने, बीमारी, कामों में आ रही रुकावटों , बच्चों की पढ़ाई आदि समस्‍याओं से छुटकारा पाया जा सकता हैं। लाल किताब का ज्योतिष शास्त्र में काफी ज्यादा महत्व माना गया है। इस किताब में हर समस्या का समाधान है। हर किसी की जिंदगी में कोई ना कोई समस्या होती ही है।

कोई भी ऐसा व्यक्ति नहीं है जिसका जीवन बिना परेशानियों के निकल रहा हो लेकिन कुछ लोगों के जीवन में इतनी परेशानियां होती हैं कि वह कितनी भी मेहनत कर ले कितना भी सम्मान दे दें, लेकिन उसके बदले में कुछ हासिल नहीं होता है। इससे छुटकारा पाने के लिए फिर कई तरह के उपाय लोगों द्वारा किए जाते हैं। अगर आप भी परेशान है तो या फिर अपने बच्चों को लेकर चिंतित रहते हैं। उन्हें कुशाग्र बनाना चाहते हैं तो लाल किताब के कुछ उपायों को अपना सकते हैं। चलिए जानते हैं उन उपायों के बारे में –

लाल किताब के इन 3 उपायों से बनाएं अपने बच्चों कुशाग्र

अगर आपके बच्चे का पढ़ाई में मन नहीं लगता है वह कितनी भी कोशिश कर ले लेकिन उसे सफलता नहीं मिलती है तो आपको अब चिंता करने की जरुरत नहीं है। आप इन उपायों की मदद से अपने बच्चों को कुशाग्र बना सकते हैं।

आपका बच्चा जिस रूम में पढ़ाई करता है उस रूम में उसे हमेशा पूर्व दिशा की ओर मुख कर के बैठाएं या फिर उसकी स्टडी टेबल हमेशा पूर्व की तरफ कर के रखें। ऐसा करने से बच्चे का पढ़ाई में मन लगेगा और उसके नंबर भी अच्छे आएंगे।

बच्चों को कुशाग्र बनाने के लिए उसे हमेशा पढ़ाई करने बैठने से पहले गायत्री मंत्र का जाप करवाएं। ऐसा करने से भी उसका मन लगने लगेगा। साथ ही पढ़ते समय बच्चों के सिर पर पिरामिडिकल कैप लगाएं। ऐसा करने से सबक या पाठ उसे हमेशा के लिए याद रहेगा और बुद्धि कुशाग्र होगी।

बच्चों के लिए उत्तर-पूर्व दीवार में लाल पट्टी के चायनीज बच्चों की युगल फोटों लगाएं। ऐसा करने से घर में खुशियां तो आती ही है साथ ही बच्चे को करियर में सफलता हासिल होती है और बच्चा हमेशा क्लास में अव्वल आता है। ऐसा करने से बच्चे को जीवन में सफल बना सकते हैं।

डिस्क्लेमर – इस लेख में दी गई सूचनाएं सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। एमपी ब्रेकिंग इनकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ की सलाह लें।


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Ayushi Jain

मुझे यह कहने की ज़रूरत नहीं है कि अपने आसपास की चीज़ों, घटनाओं और लोगों के बारे में ताज़ा जानकारी रखना मनुष्य का सहज स्वभाव है। उसमें जिज्ञासा का भाव बहुत प्रबल होता है। यही जिज्ञासा समाचार और व्यापक अर्थ में पत्रकारिता का मूल तत्त्व है। मुझे गर्व है मैं एक पत्रकार हूं। मैं पत्रकारिता में 4 वर्षों से सक्रिय हूं। मुझे डिजिटल मीडिया से लेकर प्रिंट मीडिया तक का अनुभव है। मैं कॉपी राइटिंग, वेब कंटेंट राइटिंग, कंटेंट क्यूरेशन, और कॉपी टाइपिंग में कुशल हूं। मैं वास्तविक समय की खबरों को कवर करने और उन्हें प्रस्तुत करने में उत्कृष्ट। मैं दैनिक अपडेट, मनोरंजन और जीवनशैली से संबंधित विभिन्न विषयों पर लिखना जानती हूं। मैने माखनलाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी से बीएससी इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में ग्रेजुएशन किया है। वहीं पोस्ट ग्रेजुएशन एमए विज्ञापन और जनसंपर्क में किया है।

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