नवरात्रि 2021 : माँ को प्रसन्न करने के लिए अर्पित करें ये 9 फूल, बनी रहेगी कृपा

कौन सा तरीका कितना प्रभावी है ये आपके विश्वास पर निर्भर करता हैं क्योंकि देवी भगवती कभी अपने भक्तों को निराश नहीं करती।

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। नवरात्रि (Navratri) में नौ दिनों तक देवी भक्त माँ की आराधना करते हैं, उन्हें प्रसन्न करने के लिए कई तरह के प्रयास करते हैं जिससे माँ भगवती की कृपा उनपर हमेशा बनी रहे।  हम यहाँ आपको एक ऐसा ही तरीका बता रहे हैं जिससे देवी की कृपा आप पर हमेशा बनी रहेगी।

नवरात्रि में देवी की उपासना करने वाले भक्त माता का श्रृंगार करते हैं, उन्हें भोग लगाते हैं, धूप दीप से माता की पूजा करते हैं, इसमें फूलों का भी अपना अलग महत्व है।  नवरात्रि में यदि आप नौ दिन अलग अलग फूल माता को अर्पित करेंगे तो ये विशेष फलदायी रहेगा। नौ दिनों तक दुर्गा के अलग अलग रूपों की उपासना की जाती हैं।

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पहले दिन ये फूल चढ़ाएं 

नवरात्रि के पहले दिन माँ शैलपुत्री की पूजा होती है।  माँ शैलपुत्री को गुड़हल का फूल और सफेद कनेर का फूल अति प्रिय है। इसलिए पहले दिन गुड़हल का फूल या सफेद कनेर का फूल  अर्पित करें।

दूसरे दिन ये फूल चढ़ाएं

नवरात्रि के दूसरे दिन माँ ब्रह्मचारिणी की पूजा होती है। माँ ब्रह्मचारिणी को गुलदाउदी  फूल और वटवृक्ष का फूल अति प्रिय है इसलिए माता के चरणों में नीं फूलों को अर्पित करें।

तीसरे दिन ये फूल चढ़ाएं 

नवरात्रि के तीसरे दिन माँ चंद्रघंटा की पूजा होती है।  माँ चन्द्रघण्टा को कमल का फूल और शंखपुष्पी का फूल बहुत पसंद हैं। इसलिए माँ चंद्रघंटा को ये फूल अर्पित करें।

चौथे दिन ये फूल चढ़ाएं

नवरात्रि के चौथे दिन माँ कुष्मांडा की पूजा होती है।  माँ कुष्मांडा को चमेली का फूल या पीले रंग का कोई भी फूल बहुत पसंद हैं।  इसलिए माँ कुष्मांडा की पूजा में इन फूलों का उपयोग करें।

पांचवे दिन ये फूल चढ़ाएं 

नवरात्रि के पांचवे दिन माँ स्कंदमाता की पूजा होती है।  माँ स्कंदमाता को पिले रंग के फूल पसंद है इसलिए उन्हें पीले रंग के कोई भी फूल अर्पित करें।

छठवे दिन ये फूल चढ़ाएं

नवरात्रि के छठवे दिन माँ कात्यायनी की पूजा होती है।  माँ कात्यायनी को गेंदे के फूल और बेर के फूल बहुत अच्छे लगते हैं। इसलिए माँ कात्यायनी को इनमें से कोई भी फूल अर्पित करें।

सातवे दिन ये फूल चढ़ाएं   

नवरात्रि के सातवे दिन माँ कालरात्रि की पूजा होती है।  माँ कालरात्रि को नीले रंग का कृष्ण कमल बहुत पसंद हैं।  इसलिए माँ कालरात्रि को नीले रंग का कमल अर्पित करें।

आठवे दिन ये फूल चढ़ाएं

नवरात्रि के आठवे दिन महागौरी की पूजा होती।  महागौरी को मोगरे का फूल बहुत पसंद है इसलिए माँ महागौरी को मोगरे का फूल  अर्पित करें।

नौवे दिन ये फूल चढ़ाएं 

नवरात्रि के नौवे दिन माँ सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है।  माँ सिद्धिदात्री को चंपा और गुड़हल का फूल बहुत पसंद है इसलिए माँ सिद्धिदात्री को चंपा या गुड़हल का फूल चढ़ाएं।

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वैसे तो माता रानी को प्रसन्न करने के अलग अलग तरीके हैं।  कौन सा तरीका कितना प्रभावी है ये आपके विश्वास पर निर्भर करता हैं क्योंकि देवी भगवती कभी अपने भक्तों को निराश नहीं करती।  वैसे हमने आपको जिन फूलों के बारे में बताया है उसका हमारे पास कोई वैज्ञानिक या आध्यात्मिक आधार नहीं हैं वो अलग अलग जगहों से जुटाई गई सामान्य जानकारी के आधार पर बताया है।

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