इस मंदिर में माता का सवा 4 किलो सोने से होता है श्रृंगार, रानी हार के साथ पहनाए जाते हैं ये जेवरात

आज शारदीय नवरात्रि (Navratri) की नवमी है। आज के दिन माता मंदिरों में भक्तों की काफी ज्यादा भीड़ देखने को मिल रही है। वहीं मध्य प्रदेश का एक ऐसा मंदिर है जहां पर माता के श्रृंगार में 4 किलो सोने का इस्तेमाल किया गया है।

navratri

धर्म, डेस्क रिपोर्ट। आज शारदीय नवरात्रि (Navratri) की नवमी है। आज के दिन माता मंदिरों में भक्तों की काफी ज्यादा भीड़ देखने को मिल रही है। वहीं मध्य प्रदेश का एक ऐसा मंदिर है जहां पर माता के श्रृंगार में 4 किलो सोने का इस्तेमाल किया गया है। जी हां माता को 9 प्रकार के गहने पहनाए गए हैं। आपको बता दें, ये मंदिर रतनपुर मां महामाया मंदिर में मां महामाया देवी का राजसी श्रृंगार सुबह 6:30 किया गया उसके बाद ही मंदिर के पट खोले गया।

जानकारी के मुताबिक, हर साल नवरात्रि की नवमी पर मां महामाया देवी को रानीहार, कंठ हार, मोहर हार, ढार, चंद्रहार, पटिया के साथ 9 तरह के हार पहनाए जाते है साथ ही करधन, नथ धारण करवाई जाती है। श्रृंगार के बाद महामाया की महाआरती की। उसके बाद फिर मां को राजसी नैवेद्य समर्पित किया जाता है। इसके अलावा कन्या भोज व ब्राह्मण भोज मंदिर में करवाया जाता है।

Must Read : Indore : महिलाओं को निःशुल्क दी जा रही ड्राइवर ट्रेनिंग, 1 नवंबर से शुरू नई बेच, जानें डिटेल

वहीं ज्योति कलश रक्षकों को भोज कराया जाता है। उसके साथ ही उन्हें वस्त्र और दक्षिणा दी जाती है। आपको बता दे, पूजन सामग्री के साथ पुजारी सभी ज्योति कलश कक्ष में प्रज्जवलित किया जाता है। बताया जाता है कि कोरबा मुख्यमार्ग पर 25 किलोमीटर पर स्थित आदिशक्ति महामाया देवी की पवित्र पौराणिक नगरी रतनपुर स्थित है। यहां का इतिहास भी काफी प्राचीन है। इस मंदिर में भक्तों की काफी ज्यादा भीड़ रहती है।

नवरात्रि के दौरान तो 9 दिनों तक इस मंदिर में भक्तों का तांता लगा हुआ रहता है। 9 दिनों तक प्रसाद वितरण के साथ-साथ कन्या भोज भी करवाया जाता है। साथ ही इस मंदिर में मांगी गई हर मनोकामनाएं पूर्ण होती है। कहा जाता है कि यह मंदिर कई सालों पुराना है। इस मंदिर की पौराणिक कथा भी काफी ज्यादा प्रचलित है। वहीं माता के श्रंगार को देखने के लिए भी दूर-दूर से लोग इस मंदिर में दर्शन करने आते हैं।