रत्न शास्त्र की दुनिया में कुछ रत्नों का विशेष महत्व बताया गया है। मुख्य 9 रत्न और उनके 84 उपरत्न बताए गए हैं। इन्हीं में से एक पुखराज भी है जो प्रभावशाली रत्नों में से एक है। पुखराज का सीधा-सीधा संबंध गुरु ग्रह से बताया जाता है।
पुखराज एक ऐसा रत्न है जो गुरु यानी जुपिटर से संबंधित है। इसे धारण करने से पहले ज्योतिष की सलाह लेना बहुत जरूरी है क्योंकि अगर हम मन से कोई भी रत्न धारण कर ले तो फायदे की जगह हमें नुकसान भी हो सकता है। रत्न को धारण करते समय सही मंत्र का जाप करना भी बहुत जरूरी होता है। चलिए आज हम आपको पुखराज से जुड़े मंत्र के बारे में जानकारी देते हैं।
पुखराज कैसे करें धारण
पुखराज गुरु ग्रह का रात में है जो इसकी स्थिति को मजबूत बनाने का काम करता है। सही राशि का व्यक्ति इसे सही नियम और मित्रों के साथ धारण कर शुभ परिणाम प्राप्त कर सकता है। व्यक्ति के पर्सनल प्रोफेशनल लाइफ के बैलेंस को सही बनाने का काम करता है। इससे रिश्ते और करियर को नई उड़ान भी मिलती है। आपको सही मंत्र की जानकारी दे देते हैं।
पढ़ें ये मंत्र
पुखराज धारण करने से पहले इसका शुद्धिकरण बहुत जरूरी होता है। धारण करने से पहले गंगाजल, तुलसी, दूध और शहद के पानी में इसे कुछ देर डुबोकर रखें। इस समय ॐ बृ बृहस्पति नमः का जाप जरुर करें। यह मंत्र आपको 108 बार बोलना होगा। इसके अलावा आप चाहे तो ॐ ग्रां ग्रीन ग्रो गुरवे नमः का जाप भी कर सकते हैं। अब इसे दाहिने हाथ की तर्जनी उंगली में धारण करें। ध्यान रखें कि इसे हमेशा गुरुवार के दिन धारण किया जाता है और सोने में ही जड़वाया जाता है।
इन लोगों के लिए है शुभ
- पुखराज धारण करना हर किसी के लिए संभव नहीं है इस कुंडली के मुताबिक पहनना चाहिए।
- रत्न शास्त्र के मुताबिक मेष, धनु, कर्क, मीन और वृश्चिक राशि के लोगों के लिए यह बहुत शुभ माना गया है। इन राशियों की कुंडली में गुरु ग्रह हमेशा अच्छे परिणाम देता है।
- जो व्यक्ति पुखराज पहना है उसकी जिंदगी में गुरु ग्रह की स्थिति मजबूत हो जाती है जिससे वह सब परिणाम हासिल करता है।
- जब आप इस रत्न को धारण करेंगे तो आपको साफ तौर पर सकारात्मक प्रभाव दिखाई देने लगेंगे।
ये लोग ना पहनें पुखराज
कुछ राशियों के लिए पुखराज एकदम उल्टा काम करता है इसलिए इन्हें भूल कर भी इसे नहीं पहनना चाहिए। मिथुन, वृषभ, तुला, कन्या, मकर और कुंभ राशि के लोग इससे दूर रहे तो अच्छा है। इन राशियों में अगर गुरु की स्थिति कमजोर है तो कुंडली दिखाकर इसे धारण किया जा सकता है। बिना ज्योतिष की सलाह से इसे धारण ना करें।
Disclaimer- यहां दी गई सूचना सामान्य जानकारी के आधार पर बताई गई है। इनके सत्य और सटीक होने का दावा MP Breaking News नहीं करता।






