राशिफल 2020: जाने कैसा रहेगा आपका नया साल, चमकेगी किस्मत या करनी पड़ेगी कड़ी मेहनत

धर्म डेस्क।

आज से नए साल 2020 का आगाज हो चुका है। इसी के  साथ सबके मन में एक ही सवाल उठ रहा है कि नया साल कैसा रहने वाला है। ज्योतिष के अनुसार, ये साल कुछ राशियों के लिए लाभदायक रहने वाला है, जबकि कुछ लोगों को कड़ी मेहनत करनी होगी। यहां जानिए विगत 40 वर्षो से ज्योतिष के क्षेत्र में सेवारत श्री गणेश ज्योतिष संस्थान  के सदस्य पंडित आलोक पण्डया अनुसार कुंडली राशि के आधार पर आपके लिए कैसा रहेगा नया साल 2020…

मेष-

यह वर्ष आपको उत्तम फल प्रदान करेगा। गुरू २९ मार्च २०२० तक यह धनु राशि में रहेगा और आपकी राशि से नवम रहेगा। गुरू के प्रभाव के कारण इस अवधि में भाग्योदय के प्रभावी योग निर्मित होंगे। यदि आप सेवाकार्य/नौकरी में हैं तो पदोन्नति या प्रतिष्ठा में वृद्धि के योग रहेंगे। २९ मार्च २०२० से ३० जून २०२० तक मकर राशि में गुरू रहने के कारण कार्यक्षेत्र में समस्यांए, उपेक्षा के योग रहेंगे। लेकिन पुन: ३० जून २०२० से गुरू का संचरण वकृत्व होने के कारण धनु राशि में होगा तथा वर्ष पर्यंत धनु राशि में ही गुरू रहेगा। इस अवधि में आप अपने कार्य-व्यवसाय को व्यवस्थित कर सकेंगे। शनि २४ जनवरी २०२० तक आपकी राशि से नवम रहेगा। एवं इस अवधि में गुरू के भी नवम होने से लंबी दूरी की यात्रा/विदेश यात्रा के योग रहेंगे। राहू २३ सितंबर २०२० तक आपकी राशि से तृतीय है एवं मित्र क्षेत्री है। अत: प्रतिष्ठाकारक रहेगा, किंतु पत्नी के स्वास्थ्य की समस्या या पारिवारिक तनाव रह सकता है। २३ सितंबर २०२० के पश्चात आप स्वयं अपने स्वास्थ्य के प्रति सावधानी रखें। इस वर्ष विद्यार्थियों को परिश्रम के अनुसार ही परिणाम प्राप्त होंगे। कृषकों को सामान्य लाभ, व्यापारियों को लाभ के अच्छे अवसर प्राप्त होंगे। वर्ष में राहु, केतु एवं शनि के दान करें। भगवान शिवजी की आराधना, पूजा, दर्शन से मानसिक शांति प्राप्त होगी।

वृषभ-

24 जनवरी 2020 के बाद आपको शनि के अष्टम ढय्ये से मुक्ति मिल जाएगी। इसके बाद शनि आपकी राशि नवम होने एवं स्वयं की राशि में गोचर करने से भाग्योन्नति, यात्रा के योग, कार्यों में सफलता, एवं धार्मिक-आध्यात्मिक कार्यों में सहभागिता के योग रहेंगे। गुरू अवश्य ही 29 मार्च 2020 तक अष्टम ही रहेगा। इसके कारण पेट एवं लीवर संबंधित रोग, कार्यों में अवरोध रहेगा। 29 मार्च से 30 जून 2020 तक गुरू मकर में होकर आपकी राशि से नवम रहेगा, किंतु नीच राशि में गुरू का भ्रमण होने से इस अवधि में भी गुरू के वांछित फल प्राप्ति में न्यूनता रहेगी। आगे गुरू वक्री होकर 30 जून 2020 से वर्ष पर्यंत आपकी राशि से अष्टम ही रहेगा। इस कारण गुरू जनित समस्याएं एवं कष्ट बने रहेंगे। राहु का गोचर आपकी राशि से 23 सितंबर 2020 तक द्वितीय रहेगा, जबकि केतु अष्टम रहेगा। राहु-केतु केसंचरण के फलस्वरूप स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं रहेंगी। चोंट-मोच के येाग रह सकते हैं। किसी व्यक्ति से विवाद के समय संयमित भाषा का उपयोग करें। केतु के गोचर के कारण वर्ष में अनापेक्षित धन प्राप्ति के योग रहेंगे। कृषकों के लिए वर्ष सामान्य लाभ का है, व्यवसाय-उद्योग में संलग्न लोगों के लिए लाभ, नौकरी करने वालों को पदोन्नति, राजनेताओं की प्रतिष्ठा में वृद्धि, विद्यार्थियों को सफलता के येाग रहेंगे। वर्ष में शनि-मंगल के दान करना चाहिए। भगवान शिव एवं देवी दुर्गा की पूजा, आरधना से शांति मिलेगी।

मिथुन-

वर्ष में शनि के ढैये में आर्थिक हानि, अज्ञात भय, शरीर कष्ट, मानसिक तनाव, शोक के साथ ही जीवनसाथी या परिवार के किसी सदस्य की अस्वस्थता के तनाव की स्थिति रहेगी। चिकित्सीय कार्यों पर व्यय की स्थिति बनेगी। जोड़ों के रोग, पेट से संबंधित बीमरियां बनी रहेगी। 29 मार्च 2020 तक गुरू आपकी रािश से सप्तम रहेगा, इस अवधि में मांगलिक कार्यों में भागीदारी, दांपत्य एवं पारिवारिक सुख की प्राप्ति के योग रहेंगे। किंतु 29 मार्च से 30 जून 2020 तक गुरू अष्टम होने से स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें। 30 जून से वर्ष पर्यंत तक पुन: गुरू की अनुकूलता से परिवार के मांगलिक प्रसंग, हर्ष उल्लास का वातावरण रहेगा। 24 जनवरी 2020 से शनि अष्टम ढैया शुरू हो रहा है।  23 सितंबर 2020 तक राहु भी आपकी राशि में संचरित होगा। जिसके कारण संतान से संबंधित कष्ट, चिंता, भय एवं व्यवहार में उग्रता रहेगी। 23 सितंबर 2020 से राहु का गोचर आपकी राशि से द्वादश होने से भी व्यय में वृद्धि के योग, यात्रा में कष्ट, उधार दिया गया पैसा फंसने एवं गलत जगह निवेश से तनाव के योग रहेंगे। सितंबर 2020 के बाद किसी भी व्यक्ति से विवाद की स्थिति टालना चाहिए। कृषकों के लिए वर्ष में कदाचित हानि के योग हैं, जबकि स्वयं के व्यवसाय में संलग्र व्य ित्यों के लिए सामान्य आर्थिक लाभ प्राप्त होगा। विद्यार्थियों को सफलता के लिए परिश्रम करना होगा। राजनीति से जुड़े लोगों के लिए यह वर्ष अनुकूल नहीं है। नौकरी करने वालों को कार्य में परेशानियां, अधिकारियों से विवाद के साथ ही 15 जून से 15 जुलाई 2020 के मध्य स्थानांतरण के योग रहेंगे। वर्ष में शनि, गुरू, राहु के दानजप आदि करें। भगवान श्री गणेश एवं विष्णुजी की पूजा आराधना करना चाहिए।

कर्क-

शनि का गोचर आपकी राशि से 24 जनवरी के बाद सप्तम होगा। यह स्थिति ठीक नहीं है। शरीर कष्ट, मानसिक तनाव, भय, आर्थिक हानि, कार्यावरोध तथा विलंब के योग रहेंगे। यह स्थिति वर्ष पर्यंत रहेगी, अत: सावधानी बरतें। गुरू का गोचर वर्ष में आपकी राशि से षष्टम तथा सप्तम रहेगा। 29 मार्च 2020 तक षष्टम गुरू के प्रभाव के कारण शरीर कष्ट, पीड़ा, भय, अनावश्यक परेशानियों के येाग रहेंगे। खान-पान में सावधानी रखें। पेट से संबंधित रोग, बीमारियां रह सकते हैं। 29 मार्च 2020 से गुरू आपकी राशि से सप्तम होगा। जो कि 30 जून तक मकर राशि में रहेगा। इस अवधि में मान प्रतिष्ठा में वृद्धि, महत्वपूर्ण पद या कार्य की प्राप्ति के योग रहेंगे। 30 जून 2020 को वक्री गुरू का गोचर पुन: धनु राशि में होगा। जो मानसिक तनाव, कष्ट, का कारक बन सकता है। 14 जनवरी से 15 मार्च तक अस्वस्थता, रोग भय आदि रह सकते हैं। 15 मार्च से आगे तीन माह तक सोचे कार्यों में सफलता, आर्थिकल लाभ रहेगा। वर्ष में कृषकों के लिए लाभ, व्यापारियों-उद्योगपतियों को सामान्य स्थिति रहेगी। राजनेताओं के सम्मान में कमी तथा विद्यार्थियों को परिश्रम से सफलता के योग रहेंगे। वर्ष में मंगल, राहू के दान-जाप करना चाहिए। भगवान शिव, पावर्ती एवं गणपति जी की पूजा, आराधना से मानसिक शांति, सफलता के येाग बनेंगे।

सिंह- 

२४ जनवरी २०२० के पश्चात शनि आपकी राशि से षष्टम होने से रुके हुए धन की प्राप्ति के साथ कार्य-व्यवसाय के वांछित लाभ प्राप्ति के योग रहेंगे जो वर्ष पर्यंत रहेंगे। कोर्ट कचहरी के प्रकरणों में विजय प्राप्त होगी। गुरू का गोचर भी आपकी राशि से पंचम है जो 29 मार्च 2020 तक रहेगा। इस अवधि में आर्थिक लाभ के साथ सुख-वैभव में वृद्धि के योग भी रहेंगे। संतान से संबंधित कार्यों में सफलता प्राप्त होगी। किंतु 29 मार्च 2020 से तीन माह तक गुरू आपकी राशि से षष्टम रहेगा। इसकी शनि के साथ युति भी रहेगी। गुरू के कारण पेट संबंधी समस्या, कमजोरी, एलर्जी से जुड़े रोग रह सकते हैं। शोक, अज्ञात भय एवं तनाव भी रहेगा। राहु 23 सितंबर 2020 तक आपकी राशि से एकादश है। इसके कारण आर्थिक समस्याओं का निराकरण,रुके हुए धन की वापसी, कार्य-व्यवसाय से आर्थिक लाभ, पराक्रम प्रतिष्ठा में वृद्धि के येाग रहेंगे। 23 सितंबर से वर्ष पर्यंत राहू दशम रहेगा, जिससे राजकीय प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। किंतु तनाव एवं कलह के योग भी रहेंगे।सितंबर से नवंबर 2020 के मध्य नेत्र रोग की समस्या रह सकती है। कृषक वर्ग के लिए वर्ष लाभप्रद रहेगा। व्यापारी या उद्योग में संलग्र व्य ित अपने कार्य का कार्य विस्तार या नवीन कार्य प्रारंभ कर सकेंगे। राजनीति से जुड़े लोगों को चुनाव में विजय, महत्वपूर्ण पद अथवा कार्य की प्राप्ति हो सकती है। विद्यार्थियों के लिए वर्ष संतोषप्रद हैं। नौकरी प्राप्ति के साथ विदेश यात्रा के योग बन सकते हैं। वर्ष में राहु, मंगल के दान-जाप करें। हनुमानजी की पूजा आराधना, दर्शन से अनुकूलता प्राप्ति होगी।

कन्या-

विगत 2 वर्षों से आपको शनि का ढैया चल रहा है, वह 24 जनवरी 2020 से समाप्त हो जाएगा। मकर का शनि आपकी राशि से पंचम होगा। इससे थोड़ा कष्ट कम होकर कार्यों में यश-सफलता के योग निर्मित होंगे। स्वास्थ्य में सुधार होगा किंतु जीवन साथी के स्वास्थ्य की चिंता रह सकती है। इसके साथ ही आर्थिक संकट, ऋणग्रस्तता और दिए गए धन की वापसी नहीं होने के येाग रहेंगे। संपूर्ण वर्ष गुरू का गोचर आपको लाभ प्रदान करेगा। 29 मार्च 2020 तक गुरू आपकी राशि से चतुर्थ रहेगा। जिसके फलस्वरूप कार्यो का विस्तार, मांगलिक कार्यों पर व्यय एवं पारिवारिक अनुकूलता के योग रहेंगे। 29 मार्च से 30 जून 2020 तक गुरू आपकी राशि से पंचम रहेगा। इसके फलस्वरूप संतान से संबंधित कार्य, शिक्षा में सफलता एवं पारिवारिक सुख की प्राप्ति के योग रहेंगे। यदि आप नौकरी करते हैं तो पदोन्नति के योग इस अवधि में रहेंगे। 30 जून 2020 से पुन: वक्री गुरू आपकी राशि से चतुर्थ हो जाएगा और वर्ष पर्यंत रहेगा। इस अवधि में भी आर्थिक लाभ, सुखों की प्राप्ति, के योग रहेंगे। वर्ष के प्रारंभ से ही राहु का गोचर आपकी राशि से दशम है। इसके कारण मानसिक तनाव, चिंता, कलह एवं शत्रु पक्ष के प्र ाावी होने के योग रहते हैं। 23 सितंरबर 2020 से राहु के गोचर परिवर्तन से यह आपकी राशि से नवम हो जाएगा। यह स्थिति भी ठीक नहीं है। आर्थिक स्थिति कमजोर होगी एवं पापयुक्त मानसिकता बनेगी। यह वर्ष कृषि कार्य में संलग्र व्य ितयों के लिए सामान्य आर्थिक लाभ, व्यवसाय एवं उद्योग में संलग्र व्यक्तियों के लिए लाभप्रद, शासकीय सेवा एवं निजी नौकरी करने वालों के लिए पदोन्नति कारक एवं राजनेताओं को सम्मान व पद दिलाने वाला होगा। विद्यार्थियों को परिश्रम करना होगा। वर्ष में राहु, मगल के दान करें। भगवान श्री गणेश एवं श्री विष्णु की पूजा, आराधना से अनुकूलता मिलेगी।

तुला- 

24 जनवरी 2020 के बाद शनि मकर राशि में प्रवेश करेगा। इसके फलस्वरूप आपको शनि का ढैया प्रारंभ होगा जो कि वर्ष पर्यंत रहेगा। शनि चूंकिं आपकी राशि मेंउच्च राशिगत कहलाता है, वह अपनी ही राशि में गोचर करेगा इसके फलस्वरूप आपको शनि का ढैया अधिक कष्टप्रद नहीं रहेगा। वर्ष पर्यंत शनि का ढैया रहते हुए भी शत्रु पर विजय एवं आर्थिक लाभ के येाग रहेंगे। किंतु जोड़ों का दर्द, पेट से संबंधित बीमारियों, विरोधियों से हानि के योग रहेंगे। वर्तमान से गुरू आपकी राशि से तृतीय रहेगा। इसके फलस्वरूप चिंता, तनाव एवं शरीर कष्ट रह सकता है। 29 मार्च से 30 जून तक मकर राशि में गुरू के संचरण से भौतिक सुखों की प्राप्ति, कार्य व्यवसाय से आर्थिक लाभ मिलेगा। परिवार में नया वाहन या कोई अन्य भौतिक सुविधा बढऩे के योग रहेंगे। 30 जून से 20 नवंबर 2020 तक गुरू पुन: धनु राशि में संचरित होगा। इस अवधि में पुन: स्वास्थ्य की चिंता एवं कलह की स्थिति बनेगी। अपने आलस्य एवं लापरवाही के आरण आप बड़ा नुकसान उठा सकते हैं। वर्त ाान से 23 सितंबर 2020 तक राहु आपकी राशि से नवम रहेगा। इससे पाप से युक्त मनोवृत्ति होना, लोगों के अहित के बारे में चिंतन करना, व्यवहार में क्रोध एवं चिड़चिड़ाहट रहना। 7 मई 2020 तक मंगल आपकी राशि से पंचम, षष्टम, सप्तम एवं अष्टम रहेगा। जिसके कारण आर्थिक हानि, अज्ञात भय, कार्यावरोध, शरीर कष्ट, अपमान की स्थिति एवं विवाद के येाग रहेंगे। शासकीय अथवा निजी नौकरी करने वालों के लिए समय ठीक रहेगा, वर्चस्व में वृद्धि होगी। उद्योगपतियों एवं व्यवसायियां के लिए वर्ष में लाभ के योग रहेंगे। राजनेताओं को संघर्ष करना होगा। कृषक वर्ग को फसल का उचित दाम मिलेगा। विद्यार्थियों के लिए समय सामान्य है, परिश्रम से अच्छी सफलता मिलेगी। मंगल, शनि एवं राहु के दान करें। देवी मां दुर्गा की पूजा आराधना से शीघ्र सफलता मिलेगी।

वृश्चिक-

24 जनवरी 2020 से शनि धनु राशि से परिवर्तित होकर मकर में प्रवेश करेगा। इसके फलस्वरूप आपको शनि की साढ़े साती से मुक्ति मिलेगी। शनि आपकी राशि से तृतीय होने के फलस्वरूप सहज फलों के अंतर्गत रुके हुए धन की प्राप्ति, कार्य व्यवसाय में वांछित लाभ, सोचे कार्यों में सफलता, भौतिक सुविधाओं में वृद्धि होगी। गुरू भी आपकी राशि से द्वितीय चल रहा है जो कि 29 मार्च 2020 तक रहेगा। द्वितीय गुरू आर्थिक लाभ के साथ मांगलिक कार्यों पर व्यय की स्थिति निर्मित करेगा। 29 मार्च से 30 जून 2020 तक गुरू आपकी राशि से तृतीय रहेगा। इस अवधि में शरीर कष्ट की संभावनाएं रहेंगी। पेट संबधी विकार या न्यूरोलॉजी से जुड़ी समस्या रह सकती है। 30 जून से गुरू धनु राशि में प्रवेश करके वर्ष पर्यंत अनुकूल फल प्रदान करेगा। राहू आपकी राशि से अष्टम है, इसके कारण शरीर कष्ट, चिंता एवं तनाव के येाग रहेंगे। किसी ऐसे व्य ित से सावधान रहें जो बुरे कार्य, पाप कार्य में संलग्र है। कुसंगति से अपमान की स्थिति निर्मित हो सकती है। 23 सितंबर 2020 से राहु आपकी राशि से सप्तम रहेगा। इसके कारण पत्नी के स्वास्थ्य की चिंता, अज्ञात भय एवं तनाव रहेगा। 22 जून से 8 अगस्त 2020 के मध्य समय अपेक्षाकृत अनुकूल रहेगा। विद्यार्थियों के लिए समय अनुकूल रहेगा। कृषकों को सामान्य लाभ, उद्योगपतियों-व्यावसायियों को संघर्ष करना पड़ेगा। राजनेताओं को प्रारंभ में समस्या लेकिन जनवरी के बाद सफलता के योग रहेंगे। वर्ष में मंगल, राहु के दानजाप करें। भगवान शिव एवं हनुमानजी की आराधना, पूजा से शांति एवं अनुकूलता मिलेगी।

धनु-

आपको शनि की साढ़े साती का दूसरा ढैया चल रहा है। 24 जनवरी से आपको तीसरा ढैया चलेगा। अंतिम ढैये में पांव से जुड़े रोग, चोंट-मोच , रक्त विकार, आथर््िाक हानि, अत्यधिक यात्रा, थकान के योग रहेंगे। यात्रा में हानि अथवा चोरी का भय रहेंगे। गुरू- शनि के संयुक्त संचरण से शरीर कष्ट, अज्ञात भय, अनावश्यक परेशानिया, कार्यावरोध एवं परिश्रम के अनुरूप फल नहीं मिलने की स्थिति बन रही है। इन दोनों ग्रहों के साथ केतु भी उपस्थित है। अत: 29 फरवरी 2020 तक किसी भी महत्वपूर्ण कार्य में निर्णय लेने से पहले उस पर गहन विचार मंथन कर लें। 29 मार्च से 30 जून 2020 तक गुरू का गोचर आपकी राशि से द्वितीय रहेगा। इन तीन महिनो में गुरू के शुभ फल प्राप्त होंगे तथा रुके धन की प्राप्ति के साथ ही कार्य व्यवसाय में सफलता के योग बनेंगे। पुन: 30 जून से गुरू के आपकी राशि में प्रवेश से स्थितियां ठीक नहीं रहेंगी। पेट से संबंधित रोग एवं परेशानियां रहेंगी। वर्तमान से 23 सिंबर 2020 तक राहु आपकी राशि से सप्तम रहेगा। इस अवधि में पत्नी की स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं, पारिवारिक कलह, दांपत्य सुख में कमी के येाग बनते हैं। अचानक कोई विपत्ति भी सामने आ सकती है। अपने व्यववार पर नियंत्रण रखेंं। व्यापारियों के लिए समय सामान्य है। कृषकों को फसल के वाजिब दाम मिलेंगे। विद्यार्थियों को सफलता, विदेश यात्रा, राजनेताओं की पद प्रतिष्ठा में वृद्धि के योग रहेंगे। वर्ष में शनि एवं राहु के दान एवं जाप करें। भगवान श्री गणेश एवं श्री विष्णु की पूजा आराधना से लाभ मिलेगा।

मकर-

आपकी राशि में गतवर्ष से शनि की साढे साती का प्रथम ढैया चल रहा है जो 24 जनवरी 2020 तक रहेगा। यहीं से साढ़े साती का दूसरा ढैया प्रारंभ हो जाएगा। शनि आपकी राशि के स्वामी है इसके कारण शनि जनित कष्ट आपको न्यूनतम होंगे। तथापि तनाव, कलह, तथा विवाद की स्थिति से बचना चाहिए। आपकी उपेक्षा एवं अपमान भी हो सकता है। गुरू का गोचर भी आपकी राशि से द्वादश 29 मार्च 2020 तक रहेगा। इसके कारण अज्ञात भय तथा तनाव, कार्यों में बाधाएं रह सकती है। 29 मार्च 2020 से 30 जून 2020 तक मकर राशि में गुरू अच्छे फल नहीं दे सकेगा। विरोधी सक्रिय होंगे तथा आप आतंरिक भय से ग्रस्त रहेंगे। गुरू का गोचर वर्ष पर्यंत कभी द्वादश तो कभी प्रथम रहेगा। इसके कारण गुरू के विपरीत फल भी वर्ष में बने रहेंगे। शनि और गुरू के कारण कष्टप्रद स्थिति रहना, मानसिक तनाव, चिंता और भय भी रहेगा। राहु 23 सिंतबर 2020 तक आपकी राशि से षष्टम है जो धनलाभ का कारक रहेगा।  केतु भी उपरोक्त अवधिमें आपकी राशि से द्वादश रहेगा जो कदाचित कष्टप्रद रहेगा।  किसी व्यक्ति से आर्थिक व्यवहार में पूर्ण सावधानी रखे। 15 जनवरी से 12 फरवरी 2020 के मध्य स्थन परिवर्तन के योग रहेंगे। 15 मार्च से 14 अप्रैल 2020 के मध्य पदोन्नति एवं महत्वपूर्ण कार्य प्राप्ति योग रहेंगे। वर्ष में उद्योगपतियों और व्यापारियों को अधिक संघर्श करना होगा जबकि राजनेताओं के लिए समय सामान्य रहेगा। प्रयास करने पर पद प्राप्ति के योग रहेंगे। विद्यार्थियों को कठोर परिश्रम से सफलता, कृषकों के लिए वर्ष सामान्य लाभ का रहेगा। वर्ष में राहु, मंगल शनि का दान-जाप करें। भगवान शिव, देवी दुर्गा एवं हनुमानजी की आराधना-पूजा दर्शन से लाभ प्राप्त होगा।

कुंभ-

24 जनवरी 2020 से शनि का गोचर मकर राशि पर होने के कारण आपकी राशी से द्वादश होने से आपको शनि की साढ़े साती का प्रथम ढैया भी प्रारंभ हो जाएगा। बारहवां शनि आर्थिक कष्ट का कारक होगा। तथा कार्य व्यवसाय से हानि और मानसिक कलह और तनाव के साथ विवाद शरीर कष्ट आदि के योग भी रहेंगे। शनि आपका राशि स्वामी होने से अधिक कष्टकारी नहीं है। राहु भी दिनांक 23 दिसंबर 2020 तक आपकी राशि से पंचम है। राशि से पंचम राहु कष्टकारी माना गया है। तथा आर्थिक कष्ट के साथ शोक, रोग और कारोबार में हानि प्रदान कर सकता है। संतान से संबंधित कार्यों में बाधाएं और भाग्य में अवरोधक स्थिति निर्मित हो सकती है। 29 मार्च 2020 तक एकादश गुरू रहेगा जिसके कारण आर्थिक कार्यों से लाभ, कारोबार में वृद्धि तथा धन प्राप्ति के अनुकूल अवसर प्राप्त होंगे। 29 मार्च से 30 जून 2020 तक गुरू का संचरण मकर राशि से तथा आपकी राशि से द्वादश होगा। इसके कारण पेट से संबंधित रोग, कमजोरी, अज्ञात भय से ग्रस्त रहेंगे। अनापेक्षित व्यय विशेषकर बीमारियां में खर्च के योग रहेंगे। लेकिन 30 जून 2020 से वर्ष की समाप्ति तक गुरू वक्र गति के कारण धनु राशि में रहेगा अत: पुन: आर्थिक लाभ के योग एवं संतान से संबंधित कार्यों में सफलता प्राप्ति के योग निर्मित करेगा। मंगल के प्रभाव के कारण 5 फरवरी 2020 तक भय अस्वस्थता, आर्थिक हानि, परेशानियां और नेत्र से संबंधित रोग रह सकते हैं। 5 फरवरी से 22 मार्च के मध्य पद प्रतिष्ठा में वृद्धि, महत्वपूर्ण दायित्व प्राप्ति के साथ सम्मान प्राप्ति के योग भी रहेंगे। वर्ष में विद्यार्थियों को वांछित सफलता, व्यापारियों के लिए भी समय अनुकूल है वे अपने व्यापार का विस्तार करेंगे। कृषकों को भी उनके कार्यों से आर्थिक लाभ के येाग हैं। राजनीति से एवं सार्वजनिक जीवन में कार्य करने वालों के लिए प्रतिष्ठा में वृद्धि, महत्वपूर्ण पद प्राप्ति के योग भी रहेंगे। वर्ष में राहु, शनि, मंगल के दान व जप करना चाहिए। भगवान शिव एंव हनुमानजी की पूजा, आराधना दर्शन से शीघ्र संकटों से मुक्ति प्राप्त होगी।

मीन-

आपका राशि स्वामी बृहस्पति वर्ष में दशम एवं एकादश रूप में वर्ष पर्यंत संचरित होता रहेगा। वर्तमान से 29 मार्च 2020 तक गुरू आपकी राशि से दशम रहेगा इसके कारण दैन्य भाव की प्रबलता, दुखी, भय तथा कष्ट की स्थिति रहेगी। कार्योँ में सफलता के लिए कदाचित अधिक परिश्रम की आवश्यकता होगी। लेनिक 29 मार्च से 30 जून 2020 तक 3 माह तक गुरू आपकी राशि से एकादश होगा जिसके कारण कार्य, व्यवसाय से आर्थिक लाभ, अक्समात धन प्राप्ति के योग, संतान से संबंधित कार्यों में सफलता, धार्मिक मांगलिक कार्यों में सहभागिता रहेगी। इसके पश्चात 30 जून 2020 से वक्री गुरू का गोचर धनु राशि से होगा। जो भौतिक सुख सुविधा में वूद्धि के साथ आर्थिक लाभ व पारिवारिक सुखों कारक होगा। 24 जनवरी 2020 से शनि आपकी राशि से एकादश होगा जो वर्ष पर्यंत रहेगा। शनि के कारण रुके हुए धन प्राप्ति, कार्य व्यवसाय से अच्छे आर्थिक लाभ तथा भौतिक सुख सविधा की प्राप्ति, भवन वाहन आदि प्राप्ति के योग रहेंगे। राहु का गोचर वर्तमान में मिथुन राशि से हो रहा है जो आपकी राशि से चतुर्थ है इसके कारण विरोधी सक्रिय हो सकते हैं। अत: सावधानी बरतें, माता-पिता के स्वास्थ्य से संबंधित चिंता रहेगी।15 मार्च से 15 मई 2020 के मध्य स्थानांतरण के योग भी रह सकते हैं। वर्ष में विद्यार्थियों को सफलता, कृषकों लाभ, राजनेताओं को पद की प्राप्ति तथा नौकरी में कार्यरत लोगों को भी पदोन्नति प्राप्ति के योग रहेंगे। वर्ष में राहु, मंगल के दान-जप आदि करना चाहिए। भगवान श्री गणेश जी एवं श्री हरि विष्णु जी की आराधना, पूजा, दर्शन आदि से कार्यों में सफलता एवं स्वास्थ्य संबंधि समस्याओं से निवृति होगी।


पंडित आलोक पण्डया, सदस्य, श्री गणेश ज्योतिष संस्थान 

संपर्क- 8827857197

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