शुभ फल देता है हर महीने पूर्णिमा तिथि को आने वाला सत्यनारायण व्रत, जानें 2024 की लिस्ट और महत्व

Satyanarayan Vrat 2024 : हिन्दू धर्म में सत्यनारायण व्रत रखा महत्वपूर्ण माना जाता है। यह व्रत हर माह पूर्णिमा तिथि को रखा जाता है। इसमें भगवान सत्यनारायण की कथा सुनी जाती है। इस दौरान पूजा, कथा श्रवण, भजन-कीर्तन, व्रत कथा का पाठ समेत भंडारे का आयोजन किया जाता है। पूजा की शुरूआत में सबसे पहले भगवान सत्यनारायण की मूर्ति रखी जाती है और पूजा के दौरान विशेष प्रकार के फल, फूल, तुलसी, घी, चावल, गुड़, दही, शक्कर, नारियल, पान, सुपारी, नट, इलायची, अगरबत्ती और दीपक अर्पित किए जाते हैं। आइए जानते हैं विस्तार से की इस साल कब-कब यह व्रत रखा जाएगा।

शुभ फल देता है हर महीने पूर्णिमा तिथि को आने वाला सत्यनारायण व्रत, जानें 2024 की लिस्ट और महत्व

2024 की लिस्ट

  • पौष पूर्णिमा: 25 जनवरी, 2024
  • माघ पूर्णिमा: 24 फरवरी, 2024
  • फाल्गुन पूर्णिमा: 24 मार्च, 2024
  • चैत्र पूर्णिमा: 23 अप्रैल, 2024
  • वैशाख पूर्णिमा: 23 मई, 2024
  • ज्येष्ठ पूर्णिमा: 21 जून, 2024
  • आषाढ़ पूर्णिमा: 21 जुलाई, 2024
  • श्रावण पूर्णिमा: 19 अगस्त, 2024
  • भाद्रपद पूर्णिमा: 17 सितंबर, 2024
  • अश्विन पूर्णिमा: 17 अक्टूबर, 2024
  • कार्तिक पूर्णिमा: 15 नवंबर, 2024
  • मार्गशीर्ष पूर्णिमा: 15 दिसंबर, 2024

महत्व

इस व्रत को करने से साधक के जीवन में सुख, शांति आती है। मानसिक तनाव को कम करने के लिए भी  लोग घर में सत्यनारायण व्रत का आयोजन करवाते हैं और इसे सुनते हैं। कोई भी मांगलिक कार्य हो बिना सत्यनारायण व्रत के पूर्ण नहीं मानी जाती। इस व्रत को करने से भक्तों पर सदैव भगवान विष्णु की विशेष कृपा बनी रहती है।

(Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। MP Breaking News किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।)


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Sanjucta Pandit

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मैं संयुक्ता पंडित वर्ष 2022 से MP Breaking में बतौर सीनियर कंटेंट राइटर काम कर रही हूँ। डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन और बीए की पढ़ाई करने के बाद से ही मुझे पत्रकार बनना था। जिसके लिए मैं लगातार मध्य प्रदेश की ऑनलाइन वेब साइट्स लाइव इंडिया, VIP News Channel, Khabar Bharat में काम किया है। पत्रकारिता लोकतंत्र का अघोषित चौथा स्तंभ माना जाता है। जिसका मुख्य काम है लोगों की बात को सरकार तक पहुंचाना। इसलिए मैं पिछले 5 सालों से इस क्षेत्र में कार्य कर रही हुं।

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