पढ़ाई में कमजोर छात्रों के लिए वरदान है ये चमत्कारी रत्न, प्रतियोगी परीक्षाओं में दिलाएगा सफलता

ratna shastra

Ratna Shastra: हर व्यक्ति अपने जीवन में कभी ना कभी किसी न किसी तरह की परेशानी का सामना जरूर करता है। यह सब कुछ उसकी कुंडली में मौजूद ग्रह नक्षत्र की स्थिति की वजह से होता है। ज्योतिष के आधार पर इन स्थितियों का आंकलन किया जा सकता है। जिस तरह से स्थिति के बारे में पता लगाया जा सकता है ठीक उसी तरह से समस्याओं का समाधान पाने के उपाय भी ज्योतिष में दिए गए हैं। पूजन पाठ और अन्य उपायों के अलावा ज्योतिष में कुछ ऐसे रत्न का उल्लेख भी है, जिन्हें अगर व्यक्ति धारण करता है तो उसे सारी समस्याओं से छुटकारा मिल जाता है।

आज हम आपको कुछ ऐसे रत्न के बारे में बताते हैं जिन्हें अगर पढ़ाई में कमजोर रहने वाले स्टूडेंट धारण कर लें तो उनका भाग्य बदलने लगता है। वो धीरे-धीरे अच्छी पढ़ाई करने लगते हैं और आगे चलकर उनका करियर ऊंचाइयों को छूता है। इसी तरह से बिजनेस में परेशानी का सामना कर रहे लोगों को भी यह रत्न बहुत फायदा करता है। चलिए इसे धारण करने के तरीके और फायदे के बारे में जानते हैं।

धारण करें सुनहला

रत्न शास्त्र में दिए गए उल्लेख के मुताबिक सुनहला एक ऐसा रत्न है, जो पुखराज की तरह दिखाई देता है। इसे पुखराज का उपरत्न कहा जाता है और यह सुनहरे रंग का होता है। पढ़ाई करने वाले स्टूडेंट और बिजनेस करने वाले लोगों के लिए काफी फायदेमंद है।

होते हैं ये लाभ

  • जो लोग स्टूडेंट है या फिर किसी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। उनके लिए यह रत्न बहुत कारगर साबित होता है। इसे धारण करने से उन्हें परीक्षाओं में सफलता मिलने की संभावना बढ़ जाती है और वह मन लगाकर पढ़ाई करते हैं।
  • स्टूडेंट के अलावा अगर कोई बिजनेसमैन इसे धारण करता है तो उसे व्यापार में होने वाला नुकसान फिर कभी नहीं होता। व्यापार में जो भी परेशानी आ रही है, वह धीरे-धीरे इसके असर से खत्म होने लगती है।
  • स्टूडेंट और व्यापारियों का पढ़ाई और बिजनेस में मन लगाने वाला यह रत्न मानसिक विकास के लिए भी काफी उत्तम माना जाता है। इसे धारण करने वाले जातक का तनाव दूर होता है और वो अच्छा महसूस करता है।

ऐसे करें धारण

  • अगर आप सुनहला धारण करना चाहते हैं, तो इसके लिए गुरुवार का दिन सबसे शुभ माना जाता है।
  • इसे अष्टधातु की अंगूठी में जड़वाकर पहनना शुभ होता है।
  • इस अंगूठी को दाएं हाथ की तर्जनी उंगली में धारण करना चाहिए।
  • अंगूठी को धारण करने से पहले इसे एक तांबे के पात्र में गाय का दूध, गंगाजल, घी, शहद और तुलसी की पत्तियों के साथ शुद्ध करने के लिए रखना चाहिए।
  • यह रत्न धनु और मीन राशि के जातकों के लिए सबसे ज्यादा फायदेमंद बताया जाता है।

Disclaimer- यहां दी गई सूचना सामान्य जानकारी के आधार पर बताई गई है। इनके सत्य और सटीक होने का दावा MP Breaking News नहीं करता।


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Diksha Bhanupriy

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"पत्रकारिता का मुख्य काम है, लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को संदर्भ के साथ इस तरह रखना कि हम उसका इस्तेमाल मनुष्य की स्थिति सुधारने में कर सकें।” इसी उद्देश्य के साथ मैं पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रही हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। मैं कॉपी राइटिंग, वेब कॉन्टेंट राइटिंग करना जानती हूं। मेरे पसंदीदा विषय दैनिक अपडेट, मनोरंजन और जीवनशैली समेत अन्य विषयों से संबंधित है।

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